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पंजाब सरकार ने कर्ज माफी के लिए उठाया बड़ा कदम, 60 दिन बेहद अहम
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 19 Mar 2017 09:20 AM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : File Photo
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पंजाब में नई सरकार ने सत्ता में आते ही अपने मेनिफेस्टो में किए गए तमाम वादों को पूरा करने का काम करना शुरु कर दिया है। किसानों पर कैप्टन सरकार की खास नज़र है। इसके लिए खास कमर कस ली गई है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने किसानों पर कृषि कर्जों का मूल्यांकन करने और समयबद्ध तरीके से इन कर्जों को समाप्त करने के तरीके सुझाने के लिए विशेषज्ञों का एक ग्रुप बनाने का निर्णय लिया है।
यह फैसला पंजाब भवन में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नवगठित मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लिया गया। इस ग्रुप के सदस्य मुख्यमंत्री की ओर से नामजद किए जाएंगे और इस ग्रुप द्वारा अपनी रिपोर्ट 60 दिनों में प्रस्तुत किए जाने को कृषि विभाग यकीनी बनाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक कैबिनेट सब-कमेटी गठित करने का भी फैसला किया गया जो किसानों के कर्जों को माफ करने के प्रस्ताव को अंतिम रूप देगी। वित्त, कृषि, सिंचाई और बिजली विभाग से संबंधित मंत्री इस कमेटी के सदस्य होंगे, जिसकी सहायता मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव, मुख्य सचिव, प्रधान सचिव वित्त और एफसीडी करेंगे। इस कार्य के लिये कृषि विभाग सुविधा मुहैया करवाएगा। बैठक में फैसला लिया गया कि कर्जा देने वाली एजेंसियों की ओर से किसानों की जमीन की बिक्री और कुर्की रोकने के लिए नया कानून बनाया जाएगा। कृषि विभाग मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में इस संबंधी बिल का प्रारूप प्रस्तुत करेगा।
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यह फैसला पंजाब भवन में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नवगठित मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लिया गया। इस ग्रुप के सदस्य मुख्यमंत्री की ओर से नामजद किए जाएंगे और इस ग्रुप द्वारा अपनी रिपोर्ट 60 दिनों में प्रस्तुत किए जाने को कृषि विभाग यकीनी बनाएगा।
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बैठक में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक कैबिनेट सब-कमेटी गठित करने का भी फैसला किया गया जो किसानों के कर्जों को माफ करने के प्रस्ताव को अंतिम रूप देगी। वित्त, कृषि, सिंचाई और बिजली विभाग से संबंधित मंत्री इस कमेटी के सदस्य होंगे, जिसकी सहायता मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव, मुख्य सचिव, प्रधान सचिव वित्त और एफसीडी करेंगे। इस कार्य के लिये कृषि विभाग सुविधा मुहैया करवाएगा। बैठक में फैसला लिया गया कि कर्जा देने वाली एजेंसियों की ओर से किसानों की जमीन की बिक्री और कुर्की रोकने के लिए नया कानून बनाया जाएगा। कृषि विभाग मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में इस संबंधी बिल का प्रारूप प्रस्तुत करेगा।
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नई औद्योगिक नीति बनाने का फैसला
कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : File Photo
राज्य के उद्योगों को पुनर्जीवित करने के लिए मंत्रिमंडल ने नई औद्योगिक नीति बनाने का फैसला किया है, जो उद्योग विभाग की ओर से तैयार की जाएगी और 90 दिनों में अधिसूचित की जाएगी।मंत्रिमंडल में लिए एक अन्य फैसले के अनुसार, अब नए बिजली कनेक्शनों और बिजली का लोड बढ़ाने के लिए एनओसी और सीएलयू की कोई जरूरत नहीं होगी। मंत्रिमंडल ने नोटीफाइड औद्योगिक जोनों के लिए सीएलयू (भूमि प्रयोग तबादला) प्राप्त करने की शर्त समाप्त करने का फैसला किया है।
स्वतंत्रता सेनानियों को मिलेगा घर, मुफ्त बिजली
मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है कि शहर या गांव में रहने वाले स्वतंत्रता संग्रामियों को एक-एक घर दिया जाएगा और इसके साथ ही उन्हें 300 यूनिट निशुल्क बिजली दी जाएगी। यह फैसला भी लिया गया कि इन स्वतंत्रता संग्रामियों को एक-एक ट्यूबवेल कनेक्शन मुहैया करवाया जाएगा और राज्य के राज मार्गों पर उनको टोल टैक्स से छूट दी जाएगी।
मंत्रिमंडल ने किसानों को निशुल्क बिजली जारी रखने का भी फैसला लिया और इसके साथ ही पंजाब कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट 1961 की मौजूदा धारा 67 (ए) समाप्त करने का फैसला किया, जिसके लिए सहकारिता विभाग जल्द ऑर्डिनेंस जारी करेगा।
स्वतंत्रता सेनानियों को मिलेगा घर, मुफ्त बिजली
मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है कि शहर या गांव में रहने वाले स्वतंत्रता संग्रामियों को एक-एक घर दिया जाएगा और इसके साथ ही उन्हें 300 यूनिट निशुल्क बिजली दी जाएगी। यह फैसला भी लिया गया कि इन स्वतंत्रता संग्रामियों को एक-एक ट्यूबवेल कनेक्शन मुहैया करवाया जाएगा और राज्य के राज मार्गों पर उनको टोल टैक्स से छूट दी जाएगी।
मंत्रिमंडल ने किसानों को निशुल्क बिजली जारी रखने का भी फैसला लिया और इसके साथ ही पंजाब कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट 1961 की मौजूदा धारा 67 (ए) समाप्त करने का फैसला किया, जिसके लिए सहकारिता विभाग जल्द ऑर्डिनेंस जारी करेगा।
नियमित पदों पर कच्चे कर्मी नहीं होंगे भर्ती
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिद्ध् पर दिया बयान
पारदर्शी प्रक्रिया से एडहॉक और ठेकेदारी प्रणाली के तहत भरती हुए कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने के लिए पर्सोनल विभाग को संपूर्ण प्रस्ताव सौंपने के निर्देश दिए जा रहे हैं। मंत्रिमंडल ने सरकार के विभिन्न विभागों में स्वीकृत रेगुलर रिक्तियों के विरुद्ध ठेके के आधार पर स्टॉफ की भर्ती पर पाबंदी लगाने का फैसला किया है। मंत्रिमंडल ने आरक्षण नीति को ठेके और आउटसोर्सिंग से नियुक्तियों पर भी लागू करने का फैसला किया है।
प्रत्येक सब डिवीजन में खुलेगा एक डिग्री कालेज
राज्य की हर सब-डिवीजन में कम-से-कम एक डिग्री कालेज स्थापित किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने शैक्षणिक संस्थानों में सुधार और उनका स्तर ऊंचा उठाने के लिए सरकारी स्कूलों में बच्चों को यातायात की निशुल्क सुविधा देने के अतिरिक्त पुस्तकें भी निशुल्क देने का फैसला किया है। इसके अतिरिक्त मिलिट्री प्रशिक्षण अकादमियां और सैनिक स्कूल स्थापित किए जाएंगे।
झूठे केसों और एफआईआर की समीक्षा के लिए जांच आयोग
कैबिनेट ने अकाली भाजपा सरकार के समय लोगों पर सियासी बदलाखोरी तहत दर्ज किए झूठे केसों और दर्ज एफआईआर की समीक्षा के लिए एक जांच आयोग गठन करने का फैसला लिया है ताकि भविष्य में कोई भी निर्दोष लोगों पर जुल्म न कर सके। पंजाब सरकार का गृह विभाग इस संबंध में जारी की जाने वाली अधिसूचना का प्रारूप तैयार कर मुख्यमंत्री की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करेगा।
प्रत्येक सब डिवीजन में खुलेगा एक डिग्री कालेज
राज्य की हर सब-डिवीजन में कम-से-कम एक डिग्री कालेज स्थापित किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने शैक्षणिक संस्थानों में सुधार और उनका स्तर ऊंचा उठाने के लिए सरकारी स्कूलों में बच्चों को यातायात की निशुल्क सुविधा देने के अतिरिक्त पुस्तकें भी निशुल्क देने का फैसला किया है। इसके अतिरिक्त मिलिट्री प्रशिक्षण अकादमियां और सैनिक स्कूल स्थापित किए जाएंगे।
झूठे केसों और एफआईआर की समीक्षा के लिए जांच आयोग
कैबिनेट ने अकाली भाजपा सरकार के समय लोगों पर सियासी बदलाखोरी तहत दर्ज किए झूठे केसों और दर्ज एफआईआर की समीक्षा के लिए एक जांच आयोग गठन करने का फैसला लिया है ताकि भविष्य में कोई भी निर्दोष लोगों पर जुल्म न कर सके। पंजाब सरकार का गृह विभाग इस संबंध में जारी की जाने वाली अधिसूचना का प्रारूप तैयार कर मुख्यमंत्री की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करेगा।