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10 हजार दो और जन्म प्रमाण पत्र बनवाओ, मंत्री की पत्नी को लगी खबर तो हिल गया महकमा
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Fri, 14 Apr 2017 09:40 AM IST
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नवजोत कौर सिद्धू
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महज दस हज़ार रुपये में फर्जी प्रमाण पत्र मिल रहे हैं। इसी विभाग को देख रहे मंत्री सिद्धू की पत्नी को जैसे ही इसकी खबर लगी, पूरा महकमा हिल गया। खबर पंजाब के निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू से जुड़ी है, जहां अमृतसर में ही दस हजार में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मिल रहे हैं। ऐसे प्रमाण पत्र पर होने वाले हस्ताक्षर को विभाग भी पहचान नहीं कर पा रहा है कि यह असली हैं या नकली।
एजेंट के माध्यम से दस हजार रुपये में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने वाली युवती को जब पता चला कि सर्टीफिकेट जाली है, तो उसने निकाय मंत्री के घर जाकर उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू से शिकायत की। मैडम सिद्धू इस पर आगबबूली हो उठीं और इसके बाद उनके एक फोन से पूरा नगर निगम हिल गया। आनन-फानन में जन्म-मृत्यु पंजीकरण विभाग की जांच खुल गई। वहीं आरोपी एजेंट बंटी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस छापामारी में जुट गई। दिलचस्प बात यह है कि इतना सब महज एक घंटे के भीतर हुआ।
दुबुर्जी निवासी मोनिका ने मैडम सिद्धू को दी गई शिकायत में लिखा है कि सात महीने पहले उसने कचहरी में बंटी नाम के एजेंट से जन्म सर्टीफिकेट दस हजार रुपये देकर बनवाया था, लेकिन जब वह जन्म प्रमाण पंजीकरण कार्यालय में वेरीफाई के लिए गई तो पता चला कि उसका सर्टीफिकेट ही फर्जी है। हालांकि सर्टीफिकेट पर रजिस्ट्रार व सुपरिंटेंडेंट के हस्ताक्षर हूबहू हैं।
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शिकायत मिलते ही मैडम सिद्धू ने निगम कमिश्नर को फोन पर मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा और कचहरी में एजेंट का काम कर रहे बंटी को गिरफ्तार करने की बात की। निकाय मंत्री की पत्नी का फोन निगम कमिश्नर को मिलते ही विभाग के हाथ पांव फूल गए।
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एजेंट के माध्यम से दस हजार रुपये में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने वाली युवती को जब पता चला कि सर्टीफिकेट जाली है, तो उसने निकाय मंत्री के घर जाकर उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू से शिकायत की। मैडम सिद्धू इस पर आगबबूली हो उठीं और इसके बाद उनके एक फोन से पूरा नगर निगम हिल गया। आनन-फानन में जन्म-मृत्यु पंजीकरण विभाग की जांच खुल गई। वहीं आरोपी एजेंट बंटी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस छापामारी में जुट गई। दिलचस्प बात यह है कि इतना सब महज एक घंटे के भीतर हुआ।
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दुबुर्जी निवासी मोनिका ने मैडम सिद्धू को दी गई शिकायत में लिखा है कि सात महीने पहले उसने कचहरी में बंटी नाम के एजेंट से जन्म सर्टीफिकेट दस हजार रुपये देकर बनवाया था, लेकिन जब वह जन्म प्रमाण पंजीकरण कार्यालय में वेरीफाई के लिए गई तो पता चला कि उसका सर्टीफिकेट ही फर्जी है। हालांकि सर्टीफिकेट पर रजिस्ट्रार व सुपरिंटेंडेंट के हस्ताक्षर हूबहू हैं।
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शिकायत मिलते ही मैडम सिद्धू ने निगम कमिश्नर को फोन पर मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा और कचहरी में एजेंट का काम कर रहे बंटी को गिरफ्तार करने की बात की। निकाय मंत्री की पत्नी का फोन निगम कमिश्नर को मिलते ही विभाग के हाथ पांव फूल गए।
भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा : सिद्धू
मैडम सिद्धू के फोन से हिल गया महकमा
सिविल लाइन थाने की पुलिस ने जहां कचही में बंटी को गिरफ्तार करने के लिए आधा दर्जन स्थानों पर छापामारी की, वहीं बंटी का कोई सुराग नहीं लगा। बंटी का जो फोन नंबर मोनिका के पास था, वो भी बंद आ रहा है। निगम कमिश्नर गुरलवलीन सिंह कहते हैं कि भ्रष्टाचार तब पनपता है जब भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले देश के चुने प्रतिनिधि हो।
भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा : सिद्धू
निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा है कि निगम कार्यालय में अब भ्रष्टाचारियों के लिए जगह नहीं है। वे नौकरी छोड़ दे या फिर भ्रष्टाचार से दूर रहें। निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी व पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि नगर निगम में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। भ्रष्टाचारियों को जेल जाने से कोई नहीं रोक सकता। भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।