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EXCLUSIVE: पहले मुफ्त नशा, लत लगी तो लगे लूटने

Mon, 16 Jun 2014 04:03 PM IST
विकास मल्होत्रा/अमर उजाला, लुधियाना
विकास मल्होत्रा/अमर उजाला, लुधियाना Updated Mon, 16 Jun 2014 04:03 PM IST
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exclucive story of drugs rackat in punjab

पंजाब में नशा नौजवान पीढ़ी में किस कदर जड़ों में पहुंच चुका है, इसका अंदाजा लुधियाना के नशा छुड़ाओ केंद्र में इलाज करा रहे 15 वर्षीय किशोर को देखकर लगाया जा सकता है। कुछ युवकों ने पहले मुफ्त में हेरोइन देकर उसे नशे के जाल में फंसा दिया। जब लत लग गई तो पैसे मांगने लगे। पैसे न होने पर उससे नशे की सप्लाई कराने का काम शुरू कर दिया।

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यह कहानी है जालंधर के किशोर की

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यह कहानी है जालंधर के एक गांव में रहने वाले एक किशोर की। गरीबी के चलते करीब एक साल पहले उसके परिजनों ने गांव में चाय की दुकान पर उसे काम पर लगवा दिया। करीब छह महीने पहले कुछ नौजवान चाय की दुकान पर आकर नशा करने लगे। इन नौजवानों ने उसे पैकेट में हेरोइन देनी शुरू कर दी और आगे सप्लाई करवाने लगे।

इस काम के लिए युवक उसे कभी सौ और कभी दो सौ रुपये दे देते थे। इससे उसकी नशा सप्लाई करने वाले कई लोगों के साथ दोस्ती हो गई। इन में से कुछ युवकों ने उसे नशा करने की लत लगा दी। पहले कुछ महीने तो युवकों ने उससे पैसे नहीं लिए, लेकिन उसके बाद उससे पैसे मांगने लगे। इन पैसों के लिए वह सप्लाई करने को मजबूर हो गया।

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हेरोइन के टीके भर खुद को लगाने लगा

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हालात ऐसे हो गए कि यह किशोर हेरोइन के टीके भर खुद को लगाने लगा। पैसों की कमी के चलते जब हेरोइन का नशा नहीं मिला तो उसने परिजनों को आपबीती बताई।

इस पर परिजनों ने उसे इलाज के लिए लुधियाना के नशा छुड़ाओ केंद्र में दाखिल करवाया है। जहां डॉक्टर लगातार उसके इलाज में डटे हुए हैं। किशोर की हालत अभी ठीक नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चा हेरोइन की डोज टीके के जरिए काफी ज्यादा लेने लगा था।

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नशे की डोज अधिक मात्रा में लेता रहा

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बच्चे की उम्र काफी कम है और वह नशे की डोज अधिक मात्रा में लेता रहा है। इसके इलाज करने में कुछ मुश्किल जरूर है, लेकिन यह सही तरीके से हो रहा है।
डॉ. सुधा वासुदेव, नशा छुड़ाओ केंद्र

यह अच्छा हुआ कि बच्चे ने अपने परिवार को बता दिया। हम लगातार काउंसलिंग कर उसे मानसिक रूप से स्वस्थ करने की भी कोशिश कर रहे हैं। अनामिका, काउंसलर
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