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जनरल जेजे सिंह हमेशा से पब्लिसिटी के भूखे रहे हैं: जेएस धालीवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 08 Jan 2017 08:43 PM IST
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कैप्टन पर हमले को लेकर जेजे सिंह पर बरसे पूर्व फौजी
- फोटो : File Photo
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आल इंडिया एक्स सर्विसमेन ज्वाइंट एक्शन फ्रंट (सांझा मोर्चा) ने पटियाला से शिअद उम्मीदवार जनरल जेजे सिंह पर हमला बोला है। फ्रंट ने पूर्व सैन्य प्रमुख द्वारा कैप्टन पर की टिप्पणियों को निंदनीय, अनुचित व निराधार बताया है। फ्रंट के चीफ पैट्रन लेफ्टिनेंट जनरल जेएस धालीवाल ने कहा कि जनरल जेजे सिंह हमेशा से पब्लिसिटी के भूखे रहे हैं।
उन्होंने अपने गोल्फ बैग व कार्ट पर भी जनरल रैंक के चार सितारे लगा दिए थे। विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला कर न सिर्फ उन्होंने सेना प्रमुख का कद छोटा किया। बल्कि, राज्यपाल पद के सम्मान को भी ठेस पहुंचाई है। ये दोनों पद उन्हें यूपीए सरकार द्वारा दिए गए थे। अगर उन्हें राजनीतिक हितों की पूर्ति करनी ही है तो अमृतसर लोकसभा सीट पर उप चुनाव लड़ना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह 1965 की जंग में दोबारा सेना में शामिल हो गए थे। जबकि, जनरल सिंह ने कभी किसी युद्ध की कमांड नहीं संभाली। आज वह कह रहे हैं कि शिअद में इसलिए शामिल हुए क्योंकि ऑपरेशन ब्लू स्टार व बाद की घटनाओं को लेकर वह कांग्रेस के खिलाफ हैं। जबकि, कांग्रेस ने ही उन्हें सेना प्रमुख और राज्यपाल बनाया। जनरल सिंह का कोई राजनीतिक व सामाजिक आधार नहीं है। जबकि, कैप्टन तीस साल के राजनीतिक करिअर में लोगों के बीच रहे हैं, पर राजनीतिक फायदे के लिए जनरल सिंह, कैप्टन पर निराशापूर्ण हमले कर रहे हैं। जिस व्यक्ति को पंजाब की बात दूर, पटियाला के मुद्दों का नहीं पता है, वह कैप्टन पर व्यक्तिगत हमले कर रहा है। जनरल सिंह को पटियाला के लोग करारा जवाब देंगे।
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उन्होंने अपने गोल्फ बैग व कार्ट पर भी जनरल रैंक के चार सितारे लगा दिए थे। विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला कर न सिर्फ उन्होंने सेना प्रमुख का कद छोटा किया। बल्कि, राज्यपाल पद के सम्मान को भी ठेस पहुंचाई है। ये दोनों पद उन्हें यूपीए सरकार द्वारा दिए गए थे। अगर उन्हें राजनीतिक हितों की पूर्ति करनी ही है तो अमृतसर लोकसभा सीट पर उप चुनाव लड़ना चाहिए था।
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उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह 1965 की जंग में दोबारा सेना में शामिल हो गए थे। जबकि, जनरल सिंह ने कभी किसी युद्ध की कमांड नहीं संभाली। आज वह कह रहे हैं कि शिअद में इसलिए शामिल हुए क्योंकि ऑपरेशन ब्लू स्टार व बाद की घटनाओं को लेकर वह कांग्रेस के खिलाफ हैं। जबकि, कांग्रेस ने ही उन्हें सेना प्रमुख और राज्यपाल बनाया। जनरल सिंह का कोई राजनीतिक व सामाजिक आधार नहीं है। जबकि, कैप्टन तीस साल के राजनीतिक करिअर में लोगों के बीच रहे हैं, पर राजनीतिक फायदे के लिए जनरल सिंह, कैप्टन पर निराशापूर्ण हमले कर रहे हैं। जिस व्यक्ति को पंजाब की बात दूर, पटियाला के मुद्दों का नहीं पता है, वह कैप्टन पर व्यक्तिगत हमले कर रहा है। जनरल सिंह को पटियाला के लोग करारा जवाब देंगे।
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