हरियाणा में पंचायत चुनाव 15 फरवरी तक, ईवीएम का होगा उपयोग, पंचों के लिए बैलेट पेपर से मतदान
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हरियाणा में पंचायती राज चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य चुनाव आयोग ने इस बार ब्लॉक समिति सदस्य का चुनाव भी ईवीएम से कराने का निर्णय लिया है। अभी तक सरपंच व जिला परिषद सदस्य के लिए ही ईवीएम से वोट पड़ते थे। अबकी बार केवल पंच पद के लिए ही बैलेट पेपर से मतदान होगा।
राज्य चुनाव आयोग को 24 फरवरी 2021 से पहले चुनाव प्रक्रिया संपन्न करानी होगी। इसलिए आयोग ने 15 फरवरी तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य तय किया है। प्रदेश में जिला परिषद के 416 सदस्यों, ब्लॉक समिति के करीब 3200 सदस्य और 6205 सरपंचों के लिए ईवीएम के जरिए व करीब 62 हजार 466 पंचों के लिए मतदान बैलेट पेपर के जरिए होगा।
आयोग ने 20 जिलों के डीसी को 30 अक्टूबर तक मौजूदा वार्डबंदी के आधार पर मतदाता सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। पानीपत और रोहतक में मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 27 नवंबर को होगा। महिलाओं को पंचायती चुनाव में 50 फीसदी आरक्षण के चलते ड्रा की प्रक्रिया भी दोबारा सिरे चढ़ाने की तैयारी है। सरकार इस एक्ट में बदलाव के लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू करने वाली है।
राज्य चुनाव आयुक्त दलीप सिंह ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूचियां 12 से 26 अक्टूबर 2020 तक तैयार की जाएंगी। दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित करने के लिए 27 अक्टूबर 2020 को ड्राफ्ट मतदाता सूचियों का प्रकाशन किया जाएगा। दावे एवं आपत्तियां 3 नवंबर 2020 तक जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी।
इन दावों एवं आपत्तियों का निपटान करने की अंतिम तिथि 11 नवंबर 2020 है। जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश के विरुद्ध उपायुक्त-सह-जिला चुनाव अधिकारी को अपील करने की अंतिम तिथि 16 नवंबर 2020 है। उपायुक्त-सह-जिला चुनाव अधिकारी अपीलों का निपटान 19 नवंबर 2020 तक करेंगे और मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 27 नवंबर 2020 को किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपना नाम ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की मतदाता सूचियों में शामिल करवाना चाहता है तो उसे पहले अपना नाम संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल करवाना होगा, अन्यथा उसका नाम ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की मतदाता सूचियों में शामिल नहीं किया जाएगा।
मतदाताओं की सुविधा के लिए डीसी को मतदाता सूची के बारे में जानकारी प्राप्त करने और दावों और आपत्तियों आदि को दर्ज करने के लिए पर्याप्त संख्या में मतदाता जानकारी और संग्रह केंद्र स्थापित करने के लिए कहा गया है।