हर परिवार का होगा पहचान पत्र, सरकारी सुविधा के लिए अनिवार्य, सिंगापुर-ब्राजील में है ऐसी व्यवस्था
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सिंगापुर और ब्राजील की तर्ज पर अब हरियाणा में हर परिवार का पहचान पत्र होगा। प्रदेश सरकार की सभी योजनाओं का लाभ आने वाले समय में इसी पहचान पत्र के जरिए मिलेगा। गुरुवार को सीएम मनोहर लाल ने परिवार पहचान पत्र पोर्टल का शुभांरभ कर दिया। अब पूरे प्रदेश में परिवारों के रिकॉर्ड को अपडेट करने का काम शुरू होगा।
रिकॉर्ड अपडेट होने पर प्रदेश के 55 लाख परिवारों को कार्ड मिलेंगे। कार्ड मिलने के बाद सरकारी योजनाओं के लिए पहचान पत्र को अनिवार्य कर दिया जाएगा। जिससे पात्र परिवारों को योजनाओं का सही समय पर लाभ मिलेगा।
भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने के साथ ही पात्र परिवारों के सही आंकड़े भी सामने आएंगे। सीएम ने कहा कि अभी तक जनता योजनाओं का लाभ लेने के लिए सरकारी कार्यालयों में आती है, दोबारा सत्ता में आने पर सरकार जनता के पास योजनाओं का लाभ देने खुद जाएगी।
परिवार पहचान पत्र बनने पर जन्म तिथि न होने के कारण बुजुर्गों को पेंशन में आने वाली समस्याएं भी खत्म होंगी। सीएम के पोर्टल लांच करने के समय सभी डीसी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आधार कार्ड की तरह ही पूरे परिवार की एक अलग पहचान होगी, जिसमें परिवार के मुखिया का नाम सबसे ऊपर होगा।
जन्म के साथ ही इसमें परिवार के सदस्य का नाम शामिल हो जाएगा और जब लड़की शादी के बाद ससुराल जाएगी जो उसका नाम ससुराल के परिवार में शामिल कर दिया जाएगा। इसके लिए परिवार के मुखिया को अटल सेवा केंद्र या अंत्योदय सेवा केंद्र में अपने परिवार के पूरे ब्योरे के साथ फार्म हस्ताक्षर कर जमा करवाना होगा। जिसे विभाग अपडेट करेंगे।
अपडेट करने के बाद व्यक्ति को दो प्रिंट लेने की अनुमति होगी। कार्ड में चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा रहेगा। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि अपात्र व्यक्तियों व परिवारों को गलत तरीके से जाने वाले सरकारी योजनाओं के लाभ पर काफी हद तक अंकुश लगेगा। डुप्लीकेसी की संभावनाएं भी कम होंगी।
सिरे नहीं चढ़ा हरियाणा नागरिक डाटाबेस
मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले हमने हरियाणा नागरिक डाटाबेस तैयार करने के प्रस्ताव पर कार्य किया था लेकिन उसमें आधार लिंक अनिवार्य था, सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद आधार कई मामलों में अनिवार्य नहीं किया जा सकता, इसलिए उस प्रस्ताव को बीच में ही स्थगित करना पड़ा।
शमशान घाटों और कब्रिस्तान के पंजीकरण का काम पूरा
सीएम ने कहा कि नए जन्म लेने वाले बच्चों का 95 प्रतिशत डाटा स्वास्थ्य संस्थानों से मिल जाएगी। बाकि के लिए आशा वर्कर्स की मदद ली जा रही है। सभी शमशान घाटों व कब्रिस्तानों के पंजीकरण का कार्य पूरा हो चुका है।
गांव में चौकीदार व शहरों में स्थानीय निकायों के रखे कर्मचारी शमशान घाटों व कब्रिस्तानों में होने वाले अंतिम संस्कार का ब्योरा ऑनलाइन दर्ज कराएंगे। उन्हें अंशदान दिया जाएगा। अभी तो डाटा अपडेट करने का खर्च सरकार वहन करेगी। बाद में पांच रुपये प्रति परिवार लिए जाएंगे।
डीसी को नामित किया रजिस्ट्रार
परिवार पहचान-पत्र के लिए संबंधित जिले के डीसी को जिला रजिस्ट्रार नामित किया गया है। वे परिवार पहचान-पत्र बनाने के कार्य पर निगरानी रखेंगे और यह सुनिश्चित करें कि परिवार पहचान-पत्र का कार्य समयबद्ध तरीके से शत-प्रतिशत पूरा हो।
जिला रजिस्ट्रार 500 परिवार पंजीकरण केंद्रों की पहचान करेंगे। प्रवासी परिवार स्थान छोड़ने पर इस पोर्टल में अपनी जानकारी अपलोड कर सकते हैं और उनकी पिछली जानकारी हटा दी जाएगी। गांव के लिए तीन डिजिट तथा परिवार के लिए पांच डिजिट अंकित रहेंगे। नागरिक के लिए व्यक्तिगत कोई डिजिट नहीं होगी।