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Hindi News ›   Chandigarh ›   Establishing control over Land of Gurudwara is main reason for bloody conflict between Nihang Singh groups

Punjab: गुरुद्वारे में हुई फायरिंग की जड़ में है जमीन विवाद, 6.75 एकड़ टुकड़े के लिए टकरा रहे निहंग गुट

Sat, 25 Nov 2023 01:36 PM IST
निवेदिता वर्मा महेश कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब)
महेश कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 25 Nov 2023 01:36 PM IST
सार

गुरुद्वारा श्री अकाल बुंगा पर कई दशकों से शिरोमणि पंथ अकाली बुड्ढा दल चलदा वहीर चक्रवर्ती पंजाब के प्रमुख मान सिंह गुट का कब्जा चला आ रहा था। चार साल पहले 550वें प्रकाश पर्व के दौरान पुलिस की मदद से गुरुद्वारा साहिब पर बुड्ढा दल के मुखी बाबा बलवीर सिंह 96वें करोड़ी काबिज हो गए थे।

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Establishing control over Land of Gurudwara is main reason for bloody conflict between Nihang Singh groups
घोड़ों पर सवार निहंग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सुल्तानपुर लोधी के गुरुद्वारा श्री अकाल बुंगा साहिब के अधीनस्थ दो और डेरों (निहंग छावनियों) पर आधिपत्य स्थापित करना ही निहंग सिंह गुटों के बीच खूनी संघर्ष की मुख्य वजह है। दूसरी बार खूनी तकरार का गवाह बने गुरुद्वारा श्री अकाल बुंगा के पास मौजूद 6.75 एकड़ (54 कनाल 1 मरला) जमीन के लिए ही निहंग गुट बार-बार टकरा रहे हैं। 

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इसके लिए जहां अंदरखाते सियासत जिम्मेदार है, वहीं बेशकीमती जमीन पर ही उनकी गिद्ध नजर है, क्योंकि 1.25 एकड़ में धार्मिक स्थल की इमारत व रिहायश है। शेष 5.5 एकड़ जमीन खेतीहर है, जोकि इस समय करोड़ों की है। सबसे रोचक बात तो यह है कि राजस्व रिकार्ड के अनुसार पूरी जमीन वक्फ बोर्ड के नाम दर्ज है। 
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श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से इस विवाद की शुरुआत हुई, जिसे हवा देने में सियासत ने अहम रोल अदा किया। तब से अब तक करीब तीन बार निहंग सिंह गुटों का आपस में टकराव के साथ चौथी पर पुलिस से झड़प ने खूनी संघर्ष का रूप अख्तियार कर लिया। इस मामले में जिला प्रशासन जहां पूरी तरह से फिसड्डी साबित हुआ, वहीं पुलिस का खुफिया तंत्र भी फेल साबित दिखाई दिया।
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कई दशकों से चल रहा है विवाद
जानकारी अनुसार गुरुद्वारा श्री अकाल बुंगा पर कई दशकों से शिरोमणि पंथ अकाली बुड्ढा दल चलदा वहीर चक्रवर्ती पंजाब के प्रमुख मान सिंह गुट का कब्जा चला आ रहा था। चार साल पहले 550वें प्रकाश पर्व के दौरान पुलिस की मदद से गुरुद्वारा साहिब पर बुड्ढा दल के मुखी बाबा बलवीर सिंह 96वें करोड़ी काबिज हो गए थे। इसके बाद 21 नवंबर दिन मंगलवार को शिरोमणि पंथ अकाली बुड्ढा दल चलदा वहीर चक्रवर्ती पंजाब के प्रमुख मान सिंह गुट ने आकर फिर से कब्जा कर लिया और गुरुद्वारा परिसर में मौजूद बलवीर सिंह गुट के सेवादार निरवैर सिंह व जगजीत सिंह को भगा दिया। गुरुद्वारा साहिब से संबंधित दो डेरे बूसोवाल रोड के समीप और गुरुद्वारा श्री हट साहिब के समीप हैं।

बाबा मान सिंह के अनुसार हाईकोर्ट में काफी लंबे समय तक केस चलने के बाद फैसला उनके पक्ष में आया है, जिसके दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। अदालती फैसले के बाद ही वह अपने घर में लौटे हैं। मौजूदा हालात और प्रशासन का सम्मान करते हुए उनकी प्रपोजल को मानकर ही उन्होंने डेरा खाली करने का फैसला लिया। 

बाबा बलबीर सिंह गुट के लोगों का कहना है कि वह लंबे अर्से से गुरुद्वारा अकाल बुंगा पर काबिज हैं और प्रबंध चला रहे हैं। मान सिंह गुट ने उनके साथ धक्का किया है। हैरानी जनक बात तो यह है कि दोनों ही गुट बुड्ढा दल से संबंधित हैं। कुछ सियासी लोग इन्हें इस्तेमाल करके विवाद को हवा दे रहे हैं, जिससे गुरुद्वारा साहिब से संबंधित जमीन पर काबिज हो सकें, क्योंकि इन सियासतदानों को मालूम है कि जमीन वक्फ बोर्ड की है और इन लोगों का कब्जा है। 


नायब तहसीलदार सुल्तानपुर लोधी जोगिंदर सिंह ने बताया कि रिकॉर्ड के मुताबिक गुरुद्वारा साहिब के पास 6.75 एकड़ जमीन का रकबा है। इसमें से 1.25 एकड़ पर धार्मिक स्थल, रिहायश व अन्य इमारतें हैं। जबकि शेष 5-5 एकड़ भूमि कृषि योग्य है, जहां पर खेती होती है। इस समय खेती कौन करता है, इसे रिकॉर्ड देखे बिना बताना संभव नहीं है।

गुरुद्वारा साहिब के पास दो और डेरे
एसडीएम सुल्तानपुर लोधी जसप्रीत सिंह ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब से संबंधित दो और डेरे हैं। डीसी करनैल सिंह ने कहा कि धारा-145 के तहत गुरुद्वारा का प्रबंधन प्रशासन ने हाथ में ले लिया है। पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई है। दोनों पक्षों से दस्तावेज मंगवाए हैं, जिनकी जांच के बाद जिसकी मालिकी साबित होगी, उसे जिम्मेदारी सौंप कर धारा-145 हटा दी जाएगी। रिसीवर लगाने की प्रक्रिया चल रही है। एसडीएम सुल्तानपुर लोधी जसप्रीत सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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