Punjab News: फंड की दिक्कत से जूझ रहे मंडी बोर्ड के इंजीनियर संभालेंगे दूसरे विभागों का काम
सरकार को उम्मीद है कि इन मुलाजिमों के अन्य विभागों में जाते या संभालते ही उनके चल रहे प्रोजेक्टों में तेजी आएगी, काम में पारदर्शिता आएगी। साथ ही सरकार का भी फायदा होगा। सूत्रों के अनुसार मंडी बोर्ड के पास सौ के करीब तकनीकी स्टाफ रहता है।
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केंद्र सरकार की ओर से ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) की राशि जारी न किए जाने की वजह से मंडी बोर्ड की ओर से करवाए जाने वाले विकास से जुड़े काम पर असर पड़ रहा है। फंड की दिक्कत से जूझ रहे मंडी बोर्ड के इंजीनियरों के पास भी कोई काम नहीं रह गया है। ऐसे में सरकार आने वाले समय में जब तक फंड नहीं मिलता है तब तक इंजीनियरों को अन्य विभागों में तैनात करने की रणनीति पर विचार कर रही है। इसके अलावा उन्हें अन्य विभागों की जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है। यह मामला मुख्यमंत्री भगवंत मान के समक्ष उठ चुका है। इसके बाद इस दिशा में कार्रवाई शुरू हुई है।
कृषि विभाग की तरफ से यह मामला सीएम भगवंत सिंह मान के समक्ष मीटिंग में उठाया है। विभाग की दलील थी कि केंद्र से फंड जारी ने होने के बाद तकनीकी स्टाफ के पास अब उस हिसाब से काम नहीं है, जिस तरह से माहिर काम करने में सक्षम है। ऐसे में विभाग इंजीनियरों की प्रतिभा का प्रयोग नहीं कर पा रहा है। ऐसे में इस स्टाफ के उचित प्रयोग पर रणनीति बनानी चाहिए। इसके बाद मीटिंग में इस स्टाफ को अन्य विभागों के प्रोजेक्टों की जिम्मेदारी सौंपने की रणनीति बनी है।
प्रोजेक्टों में तेजी आएगी, काम में पारदर्शिता
सरकार को उम्मीद है कि इन मुलाजिमों के अन्य विभागों में जाते या संभालते ही उनके चल रहे प्रोजेक्टों में तेजी आएगी, काम में पारदर्शिता आएगी। साथ ही सरकार का भी फायदा होगा। सूत्रों के अनुसार मंडी बोर्ड के पास सौ के करीब तकनीकी स्टाफ रहता है। इसके अलावा जिला स्तर पर स्टाफ रहता है, जो कि इन सारी जिम्मेदारियों को निभाता है। याद रहे कि मंडी बोर्ड सड़कों, पुलों समेत इमारतों आदि का निर्माण करता है। पूरे राज्य में मंडी बोर्ड की शाखाएं हैं।