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पंचकूला में अतिक्रमण के लिए ईओ को भाजपा विधायक से पंगा लेना पड़ गया भारी, हो गया तबादला
Tue, 30 Jul 2019 10:33 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, पंचकूला
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, पंचकूला
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 30 Jul 2019 10:33 AM IST
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फाइल फोटो
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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के ईओ आशुतोष राजन को भाजपा विधायक ज्ञानचंद गुप्ता से पंगा लेना भारी पड़ गया। एसडीओ समेत तीन अधिकारियों के ट्रांसफर के बाद सोमवार शाम को उनका भी तबादला फरीदाबाद कर दिया गया है। उन्हें सरकार द्वारा फरीदाबाद में हरियाणा रोडवेज में जनरल मैनेजर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि अभी वह रिलीव नहीं हुए हैं।
आशुतोष राजन की जगह जिला परिषद पंचकूला एवं डीआरडीए पंचकूला में सीईओ के पद पर तैनात एचसीएस अधिकारी निशु सिंघल को एचएसवीपी पंचकूला इस्टेट अफसर के पद का भी अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वहीं, ईओ आशुतोष राजन के तबादले से विभागीय कर्मचारियों में मायूसी छाई हुई और शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की पोस्ट डाल रहे हैं।
अमर उजाला ने 26 को जताया था अंदेशा
पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता और एचएसवीपी अधिकारियों के बीच पिछले कई दिनों से खींचतान चल रही थी। शिरड़ी साईं समाज के साईं लंगर शेड को गिराने के बाद विधायक की शिकायत पर प्राधिकरण के इन्फोर्समेंट विंग के तीन अधिकारियों का तबादला पहले ही कर दिया गया था। तभी अमर उजाला ने अंदेशा जताया था कि आने वाले दिनों में प्राधिकरण के ईओ आशुतोष राजन पर भी विधायक की नाराजगी की गाज गिर सकती है।
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आशुतोष राजन की जगह जिला परिषद पंचकूला एवं डीआरडीए पंचकूला में सीईओ के पद पर तैनात एचसीएस अधिकारी निशु सिंघल को एचएसवीपी पंचकूला इस्टेट अफसर के पद का भी अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वहीं, ईओ आशुतोष राजन के तबादले से विभागीय कर्मचारियों में मायूसी छाई हुई और शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की पोस्ट डाल रहे हैं।
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अमर उजाला ने 26 को जताया था अंदेशा
पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता और एचएसवीपी अधिकारियों के बीच पिछले कई दिनों से खींचतान चल रही थी। शिरड़ी साईं समाज के साईं लंगर शेड को गिराने के बाद विधायक की शिकायत पर प्राधिकरण के इन्फोर्समेंट विंग के तीन अधिकारियों का तबादला पहले ही कर दिया गया था। तभी अमर उजाला ने अंदेशा जताया था कि आने वाले दिनों में प्राधिकरण के ईओ आशुतोष राजन पर भी विधायक की नाराजगी की गाज गिर सकती है।
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साईं लंगर को गिराने से शुरू हुआ था विवाद
सेक्टर-12 ए रैली मार्केट के सामने पार्किंग को पक्का करवाने के लिए कुछ दुकानदारों द्वारा पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता से संपर्क किया था। उन्होंने निगम को इस जगह पर काम के आदेश दिए। जमीन प्राधिकरण की होने के कारण कुछ लोगों ने निर्माण कार्य की शिकायत की थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण की इन्फोर्समेंट विंग के एसडीओ बैनीवाल ने टीम के साथ पहुंच कर काम रुकवा दिया था। इसके लिए बैनीवाल को विधायक की फटकार का सामना करना पड़ा था।
वह मौके की ताक में थे और जैसे ही सेक्टर-5 में अतिक्रमण हटाने के आदेश मिले उन्होंने शिरड़ी साईं सेवा समाज की तरफ से अस्थायी तौर पर करवाए निर्माण पर पीला पंजा चला दिया। संस्था के प्रधान अनिल थापर का आरोप था कि पीले पंजे से गिराए गए निर्माण से उनकी लाखों की मशीनरी व अन्य समान मिट्टी में मिल गया। इस मामले की उन्होंने विधायक ज्ञानचंद गुप्ता से शिकायत की थी। विधायक ने इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत की।
वह मौके की ताक में थे और जैसे ही सेक्टर-5 में अतिक्रमण हटाने के आदेश मिले उन्होंने शिरड़ी साईं सेवा समाज की तरफ से अस्थायी तौर पर करवाए निर्माण पर पीला पंजा चला दिया। संस्था के प्रधान अनिल थापर का आरोप था कि पीले पंजे से गिराए गए निर्माण से उनकी लाखों की मशीनरी व अन्य समान मिट्टी में मिल गया। इस मामले की उन्होंने विधायक ज्ञानचंद गुप्ता से शिकायत की थी। विधायक ने इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत की।
मुझे कोई गिला-शिकवा नहीं
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के इस्टेट ऑफिसर आशुतोष राजन के कार्यकाल के दौरान सबसे महंगी ऑक्शन हुई। उन्होंने विभाग को आर्थिक रूप से मजबूत करने में भी कोई कमी नहीं छोड़ी। वर्षों से पेंडिंग फंड भी विभाग के खाते में जमा हुआ। इतना ही नहीं शहर में सबसे ज्यादा अतिक्रमण हटाने का काम भी आशुतोष राजन के कार्यकाल में हुआ है। जब उनसे तबादले को लेकर बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह एक रुटीन प्रोसेस है। मेरे स्टाफ ने भी कोई गलत काम नहीं किया है।
विभाग के जेई त्रिलोक ठुकराल की ईमानदारी को देखते हुए ही उन्हें सम्मानित करने के लिए हरियाणा सरकार को पत्र लिखा है। ईओ आशुतोष राजन ने कहा कि विधायक से कोई गिला-शिकवा नहीं है। उन्होंने अपना फर्ज निभाया और मैंने कानून का पालन किया। विधायक का काम जनता की समस्या को सुनना है और उनका काम कानून का पालन करना है। वह कार्यकाल के दौरान हुए कार्यों से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि उनसे बड़ा कोई साईं भक्त नहीं है। वह साल में दो बार शिरड़ी साईं के दर्शन को जाते हैं।
अनिल थापर उनके परममित्र हैं। सबसे पहले उन्होंने ही साईं बाबा के दर्शन करवाए थे।
विभाग के जेई त्रिलोक ठुकराल की ईमानदारी को देखते हुए ही उन्हें सम्मानित करने के लिए हरियाणा सरकार को पत्र लिखा है। ईओ आशुतोष राजन ने कहा कि विधायक से कोई गिला-शिकवा नहीं है। उन्होंने अपना फर्ज निभाया और मैंने कानून का पालन किया। विधायक का काम जनता की समस्या को सुनना है और उनका काम कानून का पालन करना है। वह कार्यकाल के दौरान हुए कार्यों से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि उनसे बड़ा कोई साईं भक्त नहीं है। वह साल में दो बार शिरड़ी साईं के दर्शन को जाते हैं।
अनिल थापर उनके परममित्र हैं। सबसे पहले उन्होंने ही साईं बाबा के दर्शन करवाए थे।