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हरियाणाः कर्मचारी बोले- दफ्तर नहीं आते जीएम, जवाब मिला- सीसीटीवी फुटेज निकालकर देख लें

Tue, 03 Dec 2019 11:07 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 03 Dec 2019 11:07 AM IST
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employees raised questions on haryana roadways chandigarh depot general manager
प्रतीकात्मक तस्वीर
हरियाणा रोडवेज के चंडीगढ़ डिपो के महाप्रबंधक को कर्मचारियों ने निशाने पर लिया तो उनकी तरफ से भी पलटवार में देरी नहीं हुई। ऑल हरियाणा रोङवेज वर्कर्स यूनियन ने महाप्रबंधक केके भादू पर लगभग तीन महीने से डिपो में न आने का आरोप लगाया था। यूनियन के डिपो प्रधान चंद्रभान सोलंकी, सचिव महेंद्र मोहाली, वरिष्ठ उप-प्रधान सत्यवान, सह-सचिव जगदेव यादव, ऑडिटर संजय कुमार, उप-प्रधान धन सिंह अहलावत, विनोद मित्तल व मुख्य संगठन सचिव मजीद चौहान ने बताया कि डिपो में किसी भी कर्मचारी का कोई भी काम समय पर नहीं हो रहा।
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कार्यशाखा में कार्यरत कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। जीएम केवल जरूरी फाइलों को स्टेनों से कोठी पर मंगवाकर निपटाते हैं। डिपो में स्पेयर पार्ट्स की भारी कमी है। कर्मचारियों के पुराने ओवरटाईम का भुगतान नहीं हो रहा। मेडिकल बिल, सभी प्रकार का एरियर, एलटीसी व 3 से 4 साल का शिक्षा भत्ता लंबित पड़ा हुआ है। पात्र कर्मचारियों की एसीपी सही समय पर नहीं लग रही। यूनियन कई बार लिखित व मौखिक तौर पर पूर्व और वर्तमान महाप्रबंधक से इन सभी मांगों को पूरा करने की मांग कर चुकी है, लेकिन आज तक किसी भी समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं हुआ है।
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अगर 20 दिसंबर से पहले समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बैठक बुलाकर आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी। इस पर महाप्रबंधक केके भादू ने कहा कि उनके पास चंडीगढ़ रोडवेज डिपो का अतिरिक्त चार्ज है। उनका पास मुख्य कार्यभार यमुनानगर के एडीसी का है। उसके बावजूद वह हफ्ते में दो बार चंडीगढ़ आकर फाइलें निपटाते हैं। सीसीटीवी से उसका फुटेज निकाला जा सकता है। कर्मचारी यूनियन के आरोप निराधार हैं। डिपो की कोई फाइल पेंडिंग नहीं रहती। डाक कब निकलती है, इसका पूरा रिकार्ड कार्यालय में मौजूद है।
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कौन कर्मचारी नेता मांग उठा रहे, उन्हें वह जानते तक नहीं। चूंकि, वे कभी मिले ही नहीं। राजनीति चमकाने से पहले यूनियन को लिखित में मांग पत्र सौंपना चाहिए था। जो भी फाइल उनके पास आती है, दूसरे दिन निकाल दी जाती है। डिपो में पूरा कार्य सुचारू और समयबद्घ तरीके से किया जाता है। कर्मचारी अपनी मांगों को लिखित में दें, उनका समाधान किया जाएगा।
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