लाचारी: सड़ा गेहूं बदलवाने को लेकर घूम रहे गरीब, प्रशासक के आदेश भी नहीं मानते चंडीगढ़ के कर्मचारी

रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Trainee Trainee Updated Tue, 28 Sep 2021 10:14 AM IST

सार

चंडीगढ़ में गरीबों की लाचारी का खूब फायदा उठाया जा रहा है। पहले तो उन्हें सड़ा गेहूं बांट दिया और अब इसे बदला भी नहीं जा रहा। गेहूं को बदलवाने को लेकर गरीब दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। प्रशासक वीपी बदनौर के आदेश न कर्मी मान रहे हैं और न ही अफसर। दो हफ्ते बीतने के बाद भी प्रशासक के सलाहकार के आदेश पर भी अमल नहीं हुआ है।
 
चंडीगढ़ में बांटा गया सड़ा गेहूं।
चंडीगढ़ में बांटा गया सड़ा गेहूं। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना चंडीगढ़ जैसे शहर में मजाक बनकर रह गई है। पहले गरीबों को सड़ा गेहूं बांटा गया और अब उसे वापस नहीं लिया जा रहा। हालांकि दो सप्ताह पहले प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल इस गेहूं को बदलने के आदेश दे चुके हैं। हाल यह है कि गरीब परिवार गेहूं वितरण केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। कुछ ने तो गेहूं को फेंकना शुरू कर दिया है, जबकि कुछ पशुओं को खिला रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि उनकी समस्या से न तो अफसर चिंतित हैं, न नेता।
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धनास निवासी सोनू नागर का गेहूं नहीं बदला गया तो वे सोमवार को सेक्टर-17 स्थित खाद्य विभाग के दफ्तर पहुंच गए। सोनू को विभाग के ही किसी व्यक्ति ने कहा कि इसकी जानकारी उनके पास नहीं है। वितरण केंद्र पर ही गेहूं बदलवाएं। इसी तरह मलोया निवासी घनश्याम सिंह भी दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, लेकिन सड़ा गेहूं नहीं बदला जा रहा। घर में पड़े गेहूं से दुर्गंध आ रही है। अब वे इसे फेंकने की तैयारी में हैं।

 
पीएम की योजना पर बट्टा लगाने वाले क्यों बचे हुए हैं
प्रधानमंत्री की यह महत्वाकांक्षी योजना अफसरों की लापरवाही के चलते गरीबों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। पहले तो गरीबों को सड़ा गेहूं बांट दिया गया। अफसरों पर जिम्मेदारी थी कि गरीबों तक अच्छा गेहूं पहुंचे, लेकिन इसका उलटा हुआ। अमर उजाला ने पूरी योजना का सच सामने ला दिया, जिससे हड़कंप मच गया। केंद्र सरकार तक की टीम आई। जांच करके चली गई, लेकिन अब तक गुनहगार बचे हुए हैं। किसी अफसर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासक के सलाहकार ने मामले को गंभीरता से लिया और सड़ा गेहूं वापस करने के निर्देश दिए, लेकिन लगभग दो सप्ताह बीतने के बाद भी सड़ा गेहूं वापस नहीं लिया गया। 

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इस तरह बदले खाद्य सचिव के बोल
खाद्य विभाग के सचिव विनोद पी कावले से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि खराब गेहूं को तुरंत बदला जा रहा है। जब उन्हें बताया गया कि केंद्रों पर खराब गेहूं को नहीं लिया जा रहा, हमने मुआयना किया है, तो उन्होंने बयान बदलते हुए कहा कि अभी वितरण का कार्य चल रहा है। जब वितरण प्रक्रिया पूरी हो जाएगी तो केंद्रों पर शिविर लगाकर खराब गेहूं बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि वे प्रयास कर रहे हैं कि कुछ केंद्रों पर राशन बांटने और खराब गेहूं को बदलने की प्रक्रिया को एक साथ चलाएं। इसमें तीन से चार दिन लग जाएंगे।
 
जानिए…क्या थी योजना
कोरोना की सबसे अधिक मार गरीबों पर पड़ी है। उनका रोजगार नहीं रहा। इसको देखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अप्रैल 2020 में शुरू की थी। योजना का उद्देश्य था कि कोई भी गरीब भूखा न सोए। इस योजना के तहत प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो गेहूं दिया जाना था। यह योजना स्थितियों के मुताबिक आगे बढ़ती रही, जो अब तक चल रही है। चंडीगढ़ में पात्र लोगों की संख्या 62 हजार से अधिक है। आठ केंद्रों पर यह वितरण हो रहा है। कागजों में अब तक 65 फीसदी गेहूं गरीबों तक पहुंच चुका है।
 

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