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Chandigarh News: विधानसभा चुनावों से पहले सरकार को घेरने में जुटे कर्मचारी

Thu, 18 Jul 2024 07:34 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2024 07:34 PM IST
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Employees busy in cornering the government before the assembly elections.
प्रदेशभर में एक दर्जन से अधिक संगठन आंदोलन की राह पर
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वेट एंड वाच की स्थिति में हरियाणा सरकार, अभी नहीं लिया कोई फैसला
मास्टरों, डाॅक्टरों और रोडवेज कर्मचारियों से लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर तक का जारी है विरोध
चंडीगढ़। हरियाणा में अक्तूबर महीने में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कच्चे और पक्के कर्मचारियों ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। अलग-अलग संगठन और बैनरों के नीचे कर्मचारी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। ब्लाॅक, जिला स्तर से लेकर प्रदेशभर में धरने और प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। मास्टर, डाॅक्टर, रोडवेज कर्मचारियों से लेकर क्लर्क और कंप्यूटर ऑपरेटर आंदोलन की राह पर हैं। चौकीदार, नंबरदार, एनएचएम कर्मी, पशु चिकित्सक भी अपनी मांगें मनवाने के लिए जोर लगा रहे हैं। अलग-अलग विभागों के कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल तक का अल्टीमेटम दे रहे हैं। इस समय प्रदेश में दर्जनभर से अधिक कर्मचारी संगठन आंदोलनरत हैं। कच्चे कर्मचारी जहां पक्का होने की मांग को लेकर आक्रोश रैली निकाल रहे हैं। वहीं, पक्के कर्मचारी ओपीएस और सेवानिवृत्ति की आयु 58 से बढ़ाकर 60 साल करने की मांग पर अड़े हैं। अतिथि अध्यापक नियमित होने को लेकर संघर्षरत हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं कर्मचारियों का रोष और बढ़ता जा रहा है। इस समय स्थिति ये है कि मुख्यमंत्री के शहर करनाल में रोजाना चार से पांच धरने प्रदर्शन हो रहे हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ और पंचकूला तक रोष जाहिर करने के लिए कर्मचारी एकजुट हो रहे हैं। आगामी और दिनों में कर्मचारियों का आंदोलन और तेज गति पकड़ने की संभावना है, क्योंकि कर्मचारियों को लगता है कि सरकार चुनावी मूड में है और वह कर्मचारियों के राहत के फैसले कर सकती है।


आउटसोर्स कर्मचारियों का 20 जुलाई को करनाल में राज्यस्तरीय रोष-प्रदर्शन
नियमित करने की मांग को लेकर आउटसोर्स पार्ट-।। कर्मचारी संगठन का 20 जुलाई को करनाल में राज्यस्तरीय रोष प्रदर्शन होगा। संगठन के राज्य प्रधान रामरतन ने कहा कि मांगों को लेकर कई बार सीएम और अधिकारियों से मुलाकात हो चुकी है, लेकिन हर बार आश्वासन दिया जाता है। 14 जुलाई को करनाल में सभी राज्य प्रधान, विभागीय प्रधानों, कार्यकारिणी और कर्मचारियों की बैठक हुई थी। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ओएसडी संजय बटला ने आश्वासन दिया की वे मुख्यमंत्री से बैठक कराएंगे, लेकिन अभी तक कोई भी मीटिंग नहीं हो पाई है। इसलिए कर्मचारियों ने विरोध रैली का फैसला लिया है। 20 जुलाई को हजारों की संख्या में कर्मचारी कर्ण पार्क से चलकर पुराने बस स्टैंड के पास से कैथल रोड से रोष मार्च निकालते हुए मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
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कंप्यूटर लैब सहायक : पंचकूला में धरना जारी
कंप्यूटर लैब सहायकों का 15 जुलाई से पंचकूला में धरना जारी है। लैब सहायकों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में वे 2011 से 2200 लैब सहायक कार्यरत हैं, जिनका वेतन मात्र 12,000 रुपया है। न तो गर्मी व सर्दी की छुट्टियों का वेतन दिया जाता है, न कोई मेडिकल लाभ दिया जाता है और न ही सालाना इंक्रिमेंट दिया जाता है। कई-कई माह तक वेतन नहीं मिलता है। राज्य प्रधान करमजीत संधु का कहना है कि मंत्री से लेकर अधिकारियों ने केवल आश्वासन ही दिए हैं, लेकिन अब आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, धरना जारी रहेगा।
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सरकार ने नहीं लिया अभी फैसला
कर्मचारियों को लेकर सरकार फैसला लेने में कोई जल्दबाजी नहीं कर रही है। हालांकि, सीएमओ में कई बार कच्चे कर्मचारियों और पक्के कर्मचारियों को लेकर अध्ययन किया गया है, लेकिन अभी तक कोई भी बड़ी घोषणा नहीं की गई है। न ही कोई फैसला लिया है। सूत्रों का कहना है कि सरकार की मंशा है कि कच्चे कर्मचारियों को अतिथि अध्यापकों की तर्ज पर नौकरी सुरक्षित की जाए, लेकिन उनको पक्का न किया जाए। फिलहाल सरकार कर्मचारियों के आंदोलन पर नजर बनाए हुए है।
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