{"_id":"5de7f33e8ebc3e54d8060d48","slug":"electricity-rates-increase-in-chandigarh-know-about-new-rates","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ में महंगी हुई बिजली, लेकिन सस्ता प्याज बेचने की तैयारी, जानें- जेब पर कितना पड़ेगा बोझ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ में महंगी हुई बिजली, लेकिन सस्ता प्याज बेचने की तैयारी, जानें- जेब पर कितना पड़ेगा बोझ
Thu, 05 Dec 2019 12:31 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 05 Dec 2019 12:31 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहरवासियों पर इलेक्ट्रिसिटी सेस के रूप में एक और बोझ पड़ गया है। बुधवार को यूटी सचिवालय में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों संग बैठक की। इस दौरान उन्होंने आधिकारिक तौर पर 10 पैसे प्रति यूनिट म्यूनिसिपल इलेक्ट्रिसिटी सेस को मंजूरी दे दी। विभाग की तरफ से अगले बिजली बिल में म्यूनिसिपल इलेक्ट्रिसिटी सेस को जोड़कर उपभोक्ताओं को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने बिजली बिलों पर उपकर लगाने के लिए एमसी के एक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। अक्तूबर 2018 में निगम के जनरल हाउस ने इसे मंजूरी दी थी। यह प्रस्ताव पंजाब की तर्ज पर लाया गया, जहां यह उपकर लगाया जाता है। एमसी का लक्ष्य इस उपकर से प्रतिवर्ष लगभग 15 से 17 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करना है। नए उपकर से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। गौरतलब है कि नगर निगम ने अपनी वित्तीय हालत सुधारने के लिए इस इलेक्ट्रिसिटी सेस लगाने का फैसला लिया था।
विज्ञापन
प्रशासन 60-65 रुपये प्रति किलो बेचेगा प्याज, जल्द लगेंगे स्टॉल
बैठक में प्याज के आसमान छूते दामों पर भी चर्चा की गई। यूटी के फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स से इस संबंध में संपर्क किया और उनसे सस्ते और अच्छी क्वालिटी का प्याज उपलब्ध करवाने की मांग की है। नेशनल एग्रीकल्चरल कोआपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा प्याज उपलब्ध करवाया जाना है।
विज्ञापन
बैठक में यह तय किया गया कि शहरवासियों को प्रशासन की तरफ से 60 से 65 रुपये प्रति किलो बेचेगा। इसके लिए जल्द ही स्टॉल लगाए जाएंगे। प्रशासक ने विभाग को ये भी निर्देश दिए हैं कि शहर भर में चेकिंग की जानी चाहिए, ताकि प्याज की जमाखोरी को लेकर अगर कोई मामला सामने आता है तो तुरंत कार्रवाई की जा सके।
चंडीगढ़ में कम हुआ अपराध का ग्राफ: डीजीपी
बैठक में चंडीगढ़ के डीजीपी संजय बेनीवाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में क्राइम रेट कम हुआ है। डीजीपी ने प्रशासक को बताया कि शहर में आपातकालीन नंबर 112 भी अच्छे से काम कर रहा है और लोगों के पास समय से मदद पहुंच रही है। इसके अलावा प्रशासक ने मीटिंग के दौरान शहर की लॉ एंड आर्डर मामलों के संबंध में भी जानकारी ली।
इस दौरान पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि शहर के सभी पुलिस स्टेशनों में पेंडिंग पड़े केसों का जल्द निपटारा किया जाना चाहिए ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में प्रेस बिल्डिंग व कलाग्राम के लॉन को उपयोग करने को लेकर भी चर्चा की गई। इस दौरान विंटेज कार म्यूजियम और कार्बूजिए द्वारा डिजाइन फर्नीचर म्यूजियम पर प्रेजेंटेशन भी दी गई।