चंद्रमोहन के गढ़ में किसी और को टिकट
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हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन के गढ़ से इस बार हजकां के टिकट पर रविंद्र रावल ताल ठोकेंगे। पंचकूला से कांग्रेस के टिकट के दावेदार पंजाबी चेहरे रविंद्र रावल को कांग्रेस की सूची में इस बार जगह नहीं मिली।
इसके बाद रावल हजकां के ट्रैक्टर पर सवार हो गए। शशि शर्मा हजकां के पंचकूला से टिकट के दावेदार थे। कांग्रेस ने पंचकूला से सिटिंग एमएलए डीके बंसल को टिकट दिया है।
जबकि इनेलो ने कुलभूषण गोयल और भाजपा ने ज्ञानचंद गुप्ता पर दांव खेला है। तीनों वैश्य समुदाय के प्रत्याशी होने चलते एक पंजाबी नेता के मैदान में आ जाने से मुकाबला रोचक हो जाएगा।
3 बार कालका सीट जीत चुके हैं चंद्रमोहन
पूर्व में पंचकूला की जगह यह सीट कालका विधानसभा क्षेत्र के नाम से जानी जाती थी। परिसीमन के बाद पंचकूला और कालका दो विधानसभा सीटें बन गईं। कालका विधानसभा सीट से चंद्रमोहन तीन बार अपनी जीत भारी मतों से दर्ज करवा चुके हैं। लेकिन 2009 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर यहां से डीके बंसल चुन कर आए।
रविंद्र रावल के नगर परिषद अध्यक्ष बनवाने में पूर्व उपमुख्यमंत्री पद पर रहते हुए चंद्रमोहन ने अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन फिजा प्रकरण के आने के बाद से चंद्रमोहन हजकां में शामिल हो गए और रावल कांग्रेस में रह कर विधायक के टिकट की दावेदारी करते रहे।
हालांकि रविंद्र रावल पिछला पार्षद का चुनाव नहीं जीत सके, लेकिन इस बार वे कांग्रेस के टिकट के पंजाबी नेता के तौर पर प्रमुख दावेदारों में से एक थे।
चंद्रमोहन की भी होगी अग्निपरीक्षा
कालका हलके से तीन चुनाव लगातार जीतने वाले चंद्रमोहन रविंद्र रावल को वैतरणी पार करवाने में कितने सहायक होंगे यह तो परिणाम ही बताएगा। इस बार वे खुद मैदान में नहीं हैं, हालांकि रावल चंद्रमोहन के रास्ते बीच में अलग-अलग हो गए थे, लेकिन इस बार दोनों फिर से एक ही मंच पर हैं।
शशि शर्मा लड़ने के इच्छुक नहीं
पत्रकारों से बातचीत में चंद्रमोहन ने कहा है कि रावल को उन्होंने टिकट दिलवाया है। यह पूछने पर कि शशि शर्मा पंचकूला से टिकट के दावेदार थे, उन्होंने कहा कि शशि शर्मा निजी कारणों से चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे।
रणनीति बनाने में जुटे शशि शर्मा
शशि शर्मा ने फोन पर बताया कि उन्होंने पिछले पांच साल से मेहनत की है। चुनाव के समय रविंद्र रावल को टिकट दे दिया गया। अब मैं अपने समर्थकों के साथ बातचीत कर रहा हूं, उसके बाद ही आगे का निर्णय लूंगा।