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ऑनलाइन डेटिंग के नाम पर बुजुर्ग को फांसा, ठग लिए 21 लाख
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चंडीगढ़। शहर के एक बुजुर्ग को ऑनलाइन डेटिंग के जाल में फंसाकर शातिरों ने करीब 21 लाख रुपये ठग लिए। ठगी का सिलसिला कई महीने तक चला। महिला से मित्रता कराने और मिलाने के नाम पर बुजुर्ग से कई बार पैसे ऐंठे गए और जब बुजुर्ग ने तंग आकर पैसे देने से मना कर दिया तो उनको सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी दी जाने लगी। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-38 में रहने वाले 62 वर्षीय एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी है कि 12 जून 2019 को उन्हें किसी अज्ञात महिला का फोन आया और उसने कहा कि वह मुफ्त में उन्हें डेटिंग आदि की सेवाएं मुहैया कराएगी। शिकायतकर्ता ने पहले मना किया लेकिन कुछ दिन बाद फिर फोन आया और महिला ने कहा कि वह एक बार उनकी सदस्यता ले कर देखें। फोन करने वाली महिला ने शिकायतकर्ता को कई तरह के प्रलोभन दिए। कहा कि उन्हें सिर्फ 1030 रुपये देने हैं और जिस भी महिला से उनकी मित्रता होगी, वह उन्हें अपने खर्चे पर विदेश तक घूमाएंगे। शिकायतकर्ता ने 1030 रुपये देकर सदस्यता ले ली। कुछ दिन बाद उन्हें फोन आया कि एक महिला ने 20 हजार रुपये देकर उनकी प्रोफाइल खरीद ली है। अब मिलने के लिए उन्हें 10 हजार रुपये जमा कराने होंगे। शिकायतकर्ता पैसे जमा करा दिए। ठगों ने एक महिला से बात कराने के बाद मिलने की तारीख तय करा दी। मिलने से पहले सिक्योरिटी के नाम पर 32 हजार रुपये मांगे गए, जो शिकायतकर्ता ने जमा करा दिए।
प्लेटिनम, गोल्ड और सिल्वर कार्ड खरीदने को कहा तो समझ गए खेल
मिलने के समय से कुछ देर पहले बुजुर्ग के पास फोन आया कि पहले उन्हें एक कार्ड बनवाना पड़ेगा। प्लेटिनम कार्ड के लिए करीब 80 हजार, गोल्ड कार्ड के लिए 70 हजार और सिल्वर कार्ड के लिए 50 हजार रुपये चुकाने होंगे। तीनों में से एक कार्ड खरीदने के बाद ही वह डेट पर जा सकते हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह समझ गए कि उनके साथ ठगी हो रही है। ऐसे में उन्होंने इंकार कर दिया और पैसे वापस करने की मांग की। इस पर ठग उन्हें धमकी देने लगे और कहा कि वह उनके ऊपर महिला से केस करवा देंगे और सोशल मीडिया पर उनकी प्रोफाइल डाल देंगे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपना फोन बंद कर लिया।
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फाइल, प्रोसेसिंग, लेट फीस के नाम पर ले लिए करीब 20 लाख
करीब 15 दिन बाद उन्हें फिर एक फोन आया और कहा कि अगर उन्हें पैसे वापस चाहिए तो 8300 रुपये जमा कराने होंगे। इसके बाद ठगों ने कई बार फाइल फीस, प्रोसेसिंग, लेट फीस, कंप्यूटर फीस आदि के नाम पर कभी 60 हजार, कभी 47 हजार तो कभी 25 हजार रुपये वसूले। ठगी का यह क्रम कई महीने चला और रकम बढ़कर जब करीब 16 लाख 20 हजार रुपये हो गई तो ठगों ने इसे राउंडऑफ करने के लिए 80 हजार रुपये और देने को कहा। शिकायतकर्ता ने किसी तरह यह रकम भी जमा कर दी। हालांकि कुछ देर बाद ही उन्हें फोन आया कि उन्हें 20 लाख रुपये का चेक दे दिया जाएगा अगर वह इस राशि को पूरे 20 लाख कर देंगे। शिकायतकर्ता ने मना कर दिया और कहा कि उनके पास अब बिल्कुल भी पैसे नहीं बचे हैं। ठग नहीं माने और एक भी रुपये वापस करने से इंकार कर दिया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि न जाने कितने लोग ऐसे ठगों के चंगुल में फंसकर अपनी जीवन भर की कमाई बर्बाद कर चुके होंगे इसलिए इन्हें पकड़ा जाए। उन्होंने कॉल रिकॉर्डिंग, चैटिंग व अन्य दस्तावेज पुलिस को दिए हैं और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले में कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सेक्टर-38 में रहने वाले 62 वर्षीय एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी है कि 12 जून 2019 को उन्हें किसी अज्ञात महिला का फोन आया और उसने कहा कि वह मुफ्त में उन्हें डेटिंग आदि की सेवाएं मुहैया कराएगी। शिकायतकर्ता ने पहले मना किया लेकिन कुछ दिन बाद फिर फोन आया और महिला ने कहा कि वह एक बार उनकी सदस्यता ले कर देखें। फोन करने वाली महिला ने शिकायतकर्ता को कई तरह के प्रलोभन दिए। कहा कि उन्हें सिर्फ 1030 रुपये देने हैं और जिस भी महिला से उनकी मित्रता होगी, वह उन्हें अपने खर्चे पर विदेश तक घूमाएंगे। शिकायतकर्ता ने 1030 रुपये देकर सदस्यता ले ली। कुछ दिन बाद उन्हें फोन आया कि एक महिला ने 20 हजार रुपये देकर उनकी प्रोफाइल खरीद ली है। अब मिलने के लिए उन्हें 10 हजार रुपये जमा कराने होंगे। शिकायतकर्ता पैसे जमा करा दिए। ठगों ने एक महिला से बात कराने के बाद मिलने की तारीख तय करा दी। मिलने से पहले सिक्योरिटी के नाम पर 32 हजार रुपये मांगे गए, जो शिकायतकर्ता ने जमा करा दिए।
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प्लेटिनम, गोल्ड और सिल्वर कार्ड खरीदने को कहा तो समझ गए खेल
मिलने के समय से कुछ देर पहले बुजुर्ग के पास फोन आया कि पहले उन्हें एक कार्ड बनवाना पड़ेगा। प्लेटिनम कार्ड के लिए करीब 80 हजार, गोल्ड कार्ड के लिए 70 हजार और सिल्वर कार्ड के लिए 50 हजार रुपये चुकाने होंगे। तीनों में से एक कार्ड खरीदने के बाद ही वह डेट पर जा सकते हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह समझ गए कि उनके साथ ठगी हो रही है। ऐसे में उन्होंने इंकार कर दिया और पैसे वापस करने की मांग की। इस पर ठग उन्हें धमकी देने लगे और कहा कि वह उनके ऊपर महिला से केस करवा देंगे और सोशल मीडिया पर उनकी प्रोफाइल डाल देंगे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपना फोन बंद कर लिया।
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फाइल, प्रोसेसिंग, लेट फीस के नाम पर ले लिए करीब 20 लाख
करीब 15 दिन बाद उन्हें फिर एक फोन आया और कहा कि अगर उन्हें पैसे वापस चाहिए तो 8300 रुपये जमा कराने होंगे। इसके बाद ठगों ने कई बार फाइल फीस, प्रोसेसिंग, लेट फीस, कंप्यूटर फीस आदि के नाम पर कभी 60 हजार, कभी 47 हजार तो कभी 25 हजार रुपये वसूले। ठगी का यह क्रम कई महीने चला और रकम बढ़कर जब करीब 16 लाख 20 हजार रुपये हो गई तो ठगों ने इसे राउंडऑफ करने के लिए 80 हजार रुपये और देने को कहा। शिकायतकर्ता ने किसी तरह यह रकम भी जमा कर दी। हालांकि कुछ देर बाद ही उन्हें फोन आया कि उन्हें 20 लाख रुपये का चेक दे दिया जाएगा अगर वह इस राशि को पूरे 20 लाख कर देंगे। शिकायतकर्ता ने मना कर दिया और कहा कि उनके पास अब बिल्कुल भी पैसे नहीं बचे हैं। ठग नहीं माने और एक भी रुपये वापस करने से इंकार कर दिया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि न जाने कितने लोग ऐसे ठगों के चंगुल में फंसकर अपनी जीवन भर की कमाई बर्बाद कर चुके होंगे इसलिए इन्हें पकड़ा जाए। उन्होंने कॉल रिकॉर्डिंग, चैटिंग व अन्य दस्तावेज पुलिस को दिए हैं और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले में कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।