फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Eid ul Fitr celebrated in Chandigarh

चंडीगढ़ में मनी ईद: गले मिलकर एक दूसरे को कहा ईद मुबारक, दुआओं के लिए एक साथ उठे हजारों हाथ

Tue, 03 May 2022 11:08 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 03 May 2022 11:08 AM IST
सार

सेक्टर 26 के नूरानी मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोहम्मद अनस कासमी ने बताया कि रब की इबादत इंसानियत से मोहब्बत और मानव से मानव के मिलन के मुबारक माह के मुकम्मल रोजों की समाप्ति के बाद ईद मनाई जाती है।

विज्ञापन
Eid ul Fitr celebrated in Chandigarh
चंडीगढ़ में मनी ईद। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ में ईद उल फितर की नमाज के बाद मंगलवार को दुआओं के लिए हजारों हाथ एक साथ उठे। शहर की सभी मस्जिदों और ईदगाहों में ईद की नमाज हुई। नमाज से पहले रमजान और रोजा के महत्व को बताया गया। सेक्टर 20 की जामा मस्जिद , सेक्टर 26 की नूरानी मस्जिद सहित तमाम मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा की। लोगों ने एक दूसरे का गले मिलकर ईद मुबारक कहा।

विज्ञापन


सेक्टर 20 के जामा मस्जिद के इमाम खतीब मौलाना अजमल खान ने नमाज से पहले रमजान और ईद के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने ईद का संदेश देते हुए कहा कि आपसी भाईचारा कायम रखते हुए कौमी एकता को मजबूत बनाएं और मजहब से ऊपर उठकर मिलजुलकर ईद के त्योहार की खुशियां बांटे। 
विज्ञापन


सेक्टर 26 के नूरानी मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोहम्मद अनस कासमी ने बताया कि रब की इबादत इंसानियत से मोहब्बत और मानव से मानव के मिलन के मुबारक माह के मुकम्मल रोजों की समाप्ति के बाद ईद मनाई जाती है। लोगों में रोजा के मुक्कमल होने पर खुशी और भरपूर उत्साह है। दो साल की कोविड की प्रतिबंधों के पूरी तरह से हट जाने के बाद इस बार मस्जिदों में काफी भीड़ रही। कासमी ने कहा कि ईद का संदेश मानव कल्याण ही है। मुल्क में शांति, खुशहाली व शांति की दुआएं मांगी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि रमजान का पवित्र महीना वास्तव में अपने गुनाहों से मुक्त होने, उनसे तौबा करने और अल्लाह से डरने व मन और हृदय को शांति और पवित्रता देने वाला है। रोजा रखने से इंसान के अंदर संयम पैदा होता है। एक तरह से त्याग एवं संयममय जीवन की राह पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इस लिहाज से यह रहमतों और बरकतों का महीना है।  ईद की नमाज से पहले दाना निकाला जाता है ताकि गरीब और जरूरतमंद लोग भी ईद की खुशी में बराबर के भागीदार रहे।

 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed