फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Education system has derailed in 36 Aarohi Model Schools opened in ten districts of Haryana 

हरियाणा: आरोही स्कूलों में पटरी से उतरी शिक्षा व्यवस्था, 300 रह गया स्टाफ, 36 स्कूलों में बच्चों की संख्या भी मात्र 11000

Sun, 24 Apr 2022 03:16 PM IST
निवेदिता वर्मा यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 24 Apr 2022 03:16 PM IST
सार

2013 में सरकार ने 36 पिछड़े खंडों में हरियाणा बैकवर्ड ब्लॉक एजुकेशनल सोसायटी के अंतर्गत आरोही स्कूल खोले थे। शिक्षक न होने से विद्यार्थी दाखिलों में कम रुचि ले रहे हैं।

विज्ञापन
Education system has derailed in 36 Aarohi Model Schools opened in ten districts of Haryana 
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

हरियाणा के दस जिलों में खोले गए 36 आरोही मॉडल स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतर गई है। नौ साल में स्टाफ भी 2232 से कम होकर 308 रह गया है। बच्चों की संख्या 11 हजार ही रह गई है, जो कभी दोगुना से अधिक होती थी। शिक्षक, गैर शिक्षक स्टाफ नौकरी छोड़-छोड़कर जा रहा है। चूंकि, सरकार के आश्वासन के बावजूद न तो नियमितीकरण हुआ न सातवें वेतनमान का लाभ मिला।

विज्ञापन


पहले ये स्कूल नौवीं से बारहवीं तक थे। इस सत्र से छठी से बारहवीं तक कर दिया गया था, लेकिन न तो शिक्षक हैं, न ही स्टाफ और  ही अन्य सुविधाएं। 2013 में सरकार ने 36 पिछड़े खंडों में हरियाणा बैकवर्ड ब्लॉक एजुकेशनल सोसायटी के अंतर्गत ये स्कूल खोले थे। शिक्षक न होने से विद्यार्थी दाखिलों में कम रुचि ले रहे हैं। स्टाफ न होने के कारण पंचायतों ने भी सहयोग करना छोड़ दिया है। यह सोसायटी पहले केंद्र सरकार से वित्त पोषित थी, जिसे बाद में प्रदेश सरकार ने अपने अधीन ले लिया।
विज्ञापन


सरकार ने निर्देश जारी किए थे कि न तो कोई शिक्षक छोड़कर जाएगा और न बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा। स्टाफ को पक्का करने, सेवा नियम बनाने और सातवें वेतनमान का लाभ देने की फाइल 2018 से कार्यालयों में ही घूम रही है। बीते वर्ष आरोही स्कूल स्टाफ एसोसिएशन मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिली थी। उस समय वित्त व स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जल्दी नियमितीकरण व अन्य मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसोसिएशन के राज्य समन्वयक मनोज मोर ने कहा कि सरकार अपने वादे जल्द पूरा करे ताकि शिक्षक, गैर शिक्षक स्टाफ का भविष्य सुरक्षित हो और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। 

विज्ञापन
विज्ञापन

यहां चल रहे हैं आरोही स्कूल

पानीपत के गांव छज्जूकलां, पलवल के रामगढ़, अली ब्राह्मण, लड़ियका, गदपुरी, मेवात के हसनपुर बिलोंडा, मोहम्मदपुर नगर, नूंह केरेवासन, पुन्हाना के मुंडेट, बावला, फतेहाबाद के सरवरपुर, दुलत, बनगांव, रतिया के जालूपुर, टोहाना के कनहेरी, महेंद्रगढ़ के मनधाना, कैथल के ग्यौंग, कलायत के रामगढ़ पंदवा, राजौंद के सोंगरी, जींद के हसनपुर, नरवाना के नारायणगढ़, उचाना के घेसुंखुर्द, हिसार के अग्रोहा, बरवाला के गेबीपुर, हांसी के घिराई, भिवानी रोहिला, खेरी लोचब, उकलाना, भिवानी के तोशाम, सिवानी खेरा, सिरसा के झीरी, कालूवाना, खारी सुरेरा, नौथसरी कलां, रानिया के मोहम्मद पुरिया। 

शुरू में ये था स्टाफ 

36 प्राचार्य, 756 लेक्चरर, 576 मास्टर्स, 36 लाइब्रेरियन, 108 क्लर्क एवं अकाउंटेंट, 144 लैब सहायक, 144 सेवादार, 72 चौकीदार, 144 महिला सहायक, 144 सफाई कर्मचारी, बच्चों के स्वास्थ्य की देखरेख को 36 नर्स व 36 रिसेप्शनिस्ट के पद स्वीकृत किए गए थे। पांच साल बाद वर्ष 2018 में संतोषजनक कामकाज वाले कर्मियों को पक्का करना था।

शिक्षा मंत्री के आदेश के बावजूद विभाग ढीला

शिक्षा मंत्री कंवर पाल के आदेश के बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग आरोही स्कूलों के पात्र स्टाफ को नियमित करने एवं अन्य सुविधाएं देने को लेकर कदम नहीं उठा रहा। जबकि, वित्त विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद इन स्कूलों को सरकार के अधीन लेने का फैसला किया था। इनमें उच्च स्तरीय सुविधाएं देंगे। शिक्षकों व अन्य स्टाफ के खाली पदों को भरने के लिए जल्द प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed