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Chandigarh News: ईडी के रिमांड में खुलासा, अवैध खनन से की काली कमाई को तिरुपति फर्म ने विदेश में किया ट्रांसफर

Wed, 12 Mar 2025 01:45 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 12 Mar 2025 01:45 AM IST
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ED remand revealed that Tirupati firm transferred black money earned from illegal mining abroad
चंडीगढ़। पंचकूला जिले के रायपुररानी व रत्तेवाली क्षेत्र में मेसर्स तिरुपति रोडवेज फर्म के संचालकों द्वारा अवैध खनने के जरिये की गई काली कमाई को विदेशी खातों में ट्रांसफर किया गया। इस काली कमाई से न केवल संचालकों द्वारा अवैध रूप से अलग-अलग नामों से संपत्तियां खरीदी गईं, बल्कि सरकारी अधिकारियों से लेकर बाबुओं और खाकी वालों की भी खूब जेबें भरी गईं। अवैध खनन के दौरान प्रति गाड़ी की दलाली तय की गई थी। इस बात का खुलासा ईडी की टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए फर्म संचालकों के सबसे करीबी मोहित गोयल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ में किया है। इस अवैध खनन की कमाई से पंचकूला व मोहाली सहित झारखंड में खरीदे गए फ्लैट और इनके ऑफिसों सहित कुल 33.65 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया जा चुका है।
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पंचकूला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा आईपीसी 1860 खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन अधिनियम) 1957 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत मेसर्स तिरुपति रोडवेज, उसके मालिक और खनन एवं भूविज्ञान विभाग पंचकूला के अधिकारियों और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में चंडीगढ़ ईडी जोनल कार्यालय की टीम द्वारा जांच की गई।
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जांच में पता चला कि गुरप्रीत सिंह सभरवाल ने मेसर्स तिरुपति रोडवेज के जरिये से अनुसूचित अपराध से संबंधित आपराधिक गतिविधियों से अपराध की आय (पीओसी) अर्जित की। फर्म संचालकों ने अपनी संस्थाओं और करीबी सहयोगियों के बैंक खातों का प्रयोग किया। इसी मामले में 8 मार्च को ईडी की टीम ने आरोपी मोहित गोयल को गिरफ्तार किया जो कि फर्म संचालकों का सबसे करीबी था। उसे पंचकूला पीएमएलए कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया। संवाद
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रिमांड में किए चौकाने वाले खुलासे
मोहित गोयल ने रिमांड के दौरान बताया कि मेसर्स तिरुपति रोडवेज द्वारा अवैध खनन के जरिये से नकदी में पीओसी की पर्याप्त मात्रा सीधे अलग-अलग बैंक खातों में जमा की जाती थी। गुरप्रीत सिंह सभरवाल नकदी में पीओसी के बदले कई असंबंधित व्यक्तियों से बैंकिंग लेनदेन की व्यवस्था करता था। बाद में वह इस पैसे को अपने परिवार के सदस्यों और अपनी संबंधित संस्थाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर कर देता था। फिर उसने इन पीओसी से कई चल और अचल संपत्तियां अर्जित कीं और उन्हें बेदाग दिखाया। इसके अलावा करोड़ों रुपये अलग-अलग खातों से विदेशी बैंक खातों में भी ट्रांसफर किए गए।


संचालकों के खिलाफ जांच की कार्रवाई जारी
मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी अभी तक हुई कार्रवाई में फर्म संचालकों के पंचकूला, मोहाली सहित गुरुग्राम के अलावा कोलकाता, धनबाद और रांची स्थित ऑफिस व कोठियों में रेड कर कुल 33.65 करोड़ की संपत्तियों को कुर्क किया जा चुका है। इस मामले में अभी ईडी द्वारा संचालकों के खिलाफ जांच की कार्रवाई जारी है।
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