चंडीगढ़ में एक साल में 6 बार भूकंप के झटके, दहशत में लोग
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भूकंप के झटकों ने शहरवासियों में एक बार फिर से दहशत फैला दी। लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। करीब दस मिनट तक लोग घर के बाहर ही रहे। जब तक उन्हें तसल्ली नहीं हो गई कि भूकंप के झटके अब नहीं आ रहे, तब तक वे घर के अंदर दाखिल नहीं हुए।
करीब चार बजकर एक मिनट पर भूकंप आने के संकेत मिले थे। जो लोग घर से दूर थे, उन्होंने अपने घर पर फोन कर परिजनों की सलामती के बारे में पूछा। हालांकि किसी भी नुकसान की कोई खबर नहीं आई। एक साल के भीतर चंडीगढ़ में छठी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। चंडीगढ़ में भूकंप की तीव्रता 6.8 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई थी।
घड़ी हिली तब पता चला कि भूकंप आया है
सेक्टर-20 कंप्यूटर मार्केट के प्रेसिडेंट व आम आदमी पार्टी के वालंटियर नरेश गर्ग बाबी ने बताया कि वह अपने कमरे में थे। अचानक से उनकी दीवार की घड़ी हिलने लगी। उन्हें महसूस हो गया कि भूकंप आया और वह परिवार को लेकर घर से बाहर आ गए। उन्होंने बताया कि वह करीब एक घंटे तक घर से बाहर रहे। न्यूज चैनल में बताया जा रहा था कि दोबारा से झटके आ सकते हैं। इसलिए लोग दहशत में थे।
चंडीगढ़ में एक साल में कब-कब महसूस हुए झटके
पूर्व मेयर सुभाष चावला ने बताया कि वह घर में लेटे थे, तभी उनका बेड हिलने लगा। पहले तो वह समझ ही नहीं पाए, लेकिन जैसे ही न्यूज चैनल पर ब्रेकिंग खबर आई तो उन्हें पता लगा कि भूकंप आया है।
ओटी का टेबल हिला, मगर पेशेंट छोड़कर नहीं भागे
जिस समय भूकंप आया, उस समय पीजीआई की इमरजेंसी में ऑपरेशन चल रहा था। ओटी में टेबल व अन्य सामान हिला तो डॉक्टरों को पता चला कि भूकंप आया है, लेकिन वे पेशेंट को छोड़कर बाहर नहीं आए और मरीज का ऑपरेशन करते रहे। न्यूरोसर्जन डॉ. राजीव चौहान ने बताया कि भूकंप के झटकों के दौरान एक पेशेंट के ब्रेन की सर्जरी चल रही थी। उसके ब्रेन में पानी था।
एक साल में 6 बार महसूस हुए झटके
25 अप्रैल 2015 को तीन से चार मैग्नीट्यूड का भूकंप था
13 मई 2015 को चार से पांच मैग्नीट्यूड का भूकंप आया था
26 अक्तूबर 2015 को छह मैग्नीट्यूड का भूकंप दर्ज किया गया।
10 अगस्त 2015 को 6.2 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया था।
7 दिसंबर 2015 को 7.2 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया था।