Exclusive: कॉलेज गर्ल्स बेचती हैं नशा
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बिलगा और आसपास के गांवों में युवकों के साथ-साथ लड़कियां भी नशे का शिकार हो रही हैं। नकोदर इलाके के कई गांवों की यही कहानी है। कई महिलाएं भी ड्रग्स की चपेट में आ चुकी हैं।
नशे की पूर्ति के लिए कई महिलाओं ने नशे के कारोबार को अपना लिया है। एक खास बिरादरी की महिलाएं तो खुलेआम न केवल खुद नशा करती हैं बल्कि कमाई के लिए चूरा पोस्त के धंधे में भी उतर चुकी हैं।
नशे का शिकार हो रही ये महिलाएं घरेलू भी हैं और कॉलेज जाने वाली लड़कियां भी। परिजन उनकी लत छुड़ाने के लिए पुलिस अधिकारियों और डी-एडिक्शन सेंटर से संपर्क कर रहे हैं।
अभिभावक कराना चाहते हैं बेटियों का इलाज
जालंधर देहात इलाके में नकोदर, बजुहा खुर्द, शंकर से लेकर जंडियाला नूरमहल से बिलगा तक की 30 किलोमीटर की पट्टी बुरी तरह ड्रग्स की चपेट में है। नकोदर इलाके में 173 गांव हैं। इनमें अधिकतर गांवों के लोग नशे की गिरफ्त में हैं।
जानकारी के मुताबिक बिलगा, नकोदर और नूरमहल इलाके से नशा इस कदर तेजी से फैला कि इसके प्रभाव में आसपास के तमाम गांव भी आ गए।
खासकर चक्क खुर्द, टाहली, शंकर, चक्क बजुहा, टुटकलां, नूरपुर चट्ठा, गुमटाली व आसपास के गांवों की कई लड़कियां नशे की लती बन गई हैं।
कई लड़कियों के अभिभावकों ने नशा छुड़ाओ केंद्र के अलावा पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई है कि उनकी बेटियों का इलाज करवाया जाए।
नशे ने छुड़ाई पढ़ाई और कॉलेज
नूरमहल-जंडियाला मार्ग पर बसे गांव की 24 साल की एक लड़की पिछले एक साल से नशे की गिरफ्त में ऐसी फंसी कि उसका कॉलेज तक छूट गया। लड़की गोलियों और पाउडर से नशा करती है। खराब हालत को देखकर परिजनों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया जहां पिछले छह दिनों से उसका इलाज चल रहा है।
आसानी से मिलता रहा नशा
समाजसेवी संतोख सिंह संधू का कहना है कि नकोदर इलाके में नशा आसानी से उपलब्ध रहा है। ड्रग्स के कारोबारियों ने मुनाफे की खातिर लड़कियों को भी नशा बेचा। अब हालात यह बन गए कि कई गांवों में महिलाएं खुद इस कारोबार में उतर आई हैं। वे नशा बेचकर अपना गुजारा करती हैं साथ ही अपने नशे की पूर्ति भी।
हम पूरा सर्वेक्षण कर रहे हैं : एसएसपी
एसएसपी देहात नरिंदर भार्गव का कहना है कि अभी पहले चरण में हमारी फोर्स काम कर रही है। अभी नशीले पदार्थों के तस्करों को दबोचा जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका असर देखने को मिलेगा।
पुलिस के सामने कई महिला नशाखोरों और तस्करों के नाम भी आए हैं। पुलिस नशा बेचने वाली महिलाओं पर भी सख्ती कर रही है और जो नशे का शिकार हैं, उनका इलाज करवाने का प्रबंध किया जा रहा है। एसपी (डिटेक्टिव) हरकंवलप्रीत सिंह खख ने बताया कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों की सूची तैयार की जा रही है।
कई परिजनों ने पुलिस से नशे के चंगुल में फंसी अपनी बेटियों के लिए भी संपर्क किया है। उनके इलाज के लिए समाजसेवी संस्थाओं और डॉक्टरों से सलाह ली जा रही है।