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डॉ. नेहा शौरी को मिले ब्रेवरी अवार्ड, पढ़ाने वाले शिक्षक बोले- सम्मान से माफिया के हौसले पस्त होंगे

Wed, 03 Apr 2019 10:04 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/मोहाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/मोहाली Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 03 Apr 2019 10:04 AM IST
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Drug Inspector Neha Shouri Murder Case, PU and Niper Professors Seeks for Bravery Award
डॉ. नेहा शौरी
डॉ. नेहा शौरी हत्याकांड ने सबको झकझोर दिया। झटका उन शिक्षण संस्थानों को भी लगा, जहां से नेहा ने पढ़ाई की, इसलिए ड्रग इंस्पेक्टर को ब्रेवरी अवार्ड दिए जाने की मांग की गई है। मांग करने वाले संस्थान पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ व नाइपर हैं। इन विभागों ने अपनी उपलब्धियों में डॉ. नेहा का नाम भी शामिल किया हुआ है। अब इन शिक्षण संस्थानों ने मांग की है कि उनको केंद्र या पंजाब सरकार ब्रेवरी अवार्ड दें। इसके लिए दोनों संस्थान सरकारों को चिट्ठी लिखने जा रहे हैं। उनका तर्क है कि अवार्ड मिलने से ड्रग माफियाओं के हौसले पस्त होंगे।
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सिक्योरिटी हर ड्रग अधिकारी को मिले
पंजाब विश्वविद्यालय के फार्मास्युटिकल विभाग के प्रोफेसर भूपिंदर सिंह भूप कहते हैं कि छह माह पहले ड्रग एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग थी। उसमें मुझे भी जाना था। डॉ. नेहा का फोन आया। बोलीं, आप मेरी गाड़ी से बैठक में चलेंगे। डॉ. भूप कहते हैं कि नेहा बेहद सकारात्मक सोच वाली छात्रा थीं। उनकी हत्या से पूरे देश को नुकसान हुआ है। बहादुर व ईमानदार अधिकारी के जाने से बहुत नुकसान होता है। सरकार को चाहिए कि हर ड्रग अधिकारी को सिक्योरिटी मुहैया कराई जाए। साथ ही नेहा को ब्रेवरी अवार्ड दिया जाए। परिवार को उतनी ही आर्थिक मदद सरकार दे, जितनी नेहा को सैलरी मिल रही थी।
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अवार्ड के लिए लिख रहे हैं चिट्ठी

नाइपर के निदेशक डॉ. ए रघुराम राव कहते हैं कि डॉ. नेहा शौरी इंटेलिजेंट छात्रा रही हैं। वह कई विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल बनीं थीं। उनकी कार्यशैली से प्रभावित होकर युवा आगे बढ़ रहे थे। उनकी बहादुरी पर सभी को गर्व है। उन्होंने कहा कि नेहा के जाने से हुई क्षति तो पूरी नहीं हो पाएगी, लेकिन उन्हें ब्रेवरी अवार्ड मिलना ही चाहिए। इसके लिए सरकार को चिट्ठी लिखी जा रही है।

खुद का रखें ध्यान, डरें नहीं
एसडीसी पंजाब प्रदीप मट्टू कहते हैं कि कानून का पालन कराने वाले अधिकारियों के साथ रिस्क तो होता है, लेकिन ज्यादातर ऐसी घटनाएं नहीं होती हैं। हमने सभी ड्रग निरीक्षकों को बुलाकर बैठक की है। उनसे कहा है कि डरें नहीं, खुद अपना ध्यान रखें और जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लें।
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