हरियाणा: ड्रोन से पांच मिनट में एक एकड़ फसल पर होगा स्प्रे, इफ्को करेगा शुरुआत, ग्रामीणों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
पायलेट प्रोजेक्ट के तहत शुरुआत में 20 ड्रोन खरीदे जा रहे हैं। इसकी सफलता के बाद इस प्रोजेक्ट को विस्तार दिया जाएगा। ड्रोन से स्प्रे की कीमत भी जायज रखी जाएगी।
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हरियाणा में इस समय फसलों पर मेनुअली तरीके से स्प्रे किया जाता है। एक तो इसमें समय अधिक लगता है और दूसरा इससे कीटनाशक दवा के चढ़ने का खतरा रहता है। इसको देखते हुए इफ्को ने पहल की है। संभावना है कि ड्रोन की पहली खेप अक्तूबर के अंत तक आ जाएगी। इसके बाद इनको चलाने के लिए गांव के ही युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्प्रे के लिए किसानों को जायज राशि देनी होगी।
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इसलिए महसूस हुई जरूरत
इस समय इफ्को की ओर से नैनो तकनीक पर फोकस किया जा रहा है। यूरिया के 50 किलोग्राम बैग के स्थान पर 500 ग्राम लिक्विड में ओपन मार्केट में बेचा जा रहा है। इसी प्रकार, डीएपी खाद को भी नैनो तकनीक से लाने की तैयारी चल रही है। इस समय कृषि विश्वविद्यालय और केंद्रीय संस्थानों पर इस पर ट्रायल चल रहा है। अगले साल तक ये भी बोरे के बजाय 500 ग्राम बोतल में मिल सकेगा। ऐसे में लिक्विड खाद का छिड़काव ड्रोन से काफी आसान रहेगा।
मुख्यालय की ओर से इस प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। पहले खेतों में इनका ट्रायल किया जाएगा और बाद में गांवों के युवाओं को ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। किसानों को इससे काफी लाभ होगा। उनका समय भी बचेगा और खतरा भी कम रहेगा। दूसरा पूरी फसल पर समान तरीके से खाद और दवा का छिड़काव हो सकेगा।
- डॉ. पुप्पेंद्र वर्मा, स्टेट मार्केटिंग आफिसर, हरियाणा।