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बड़ा खुलासाः चंडीगढ़ के 45 फीसदी लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर, ये वजह भी आईं सामने

Sun, 22 Dec 2019 03:20 PM IST
ajay kumar अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 22 Dec 2019 03:20 PM IST
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Driving license of 45 percent Chandigarh's people are expired
प्रतीकात्मक तस्वीर

यह जानकार हैरानी जरूर होगी लेकिन सच है कि चंडीगढ़ में 45 फीसदी लोग एक्सपाइरी लाइसेंस पर वाहन चला रहे हैं। इसकी वजह लाइसेंस रिन्युअल के लिए कठिन टेस्ट में अधिकांश लोगों का पास न होना है। रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) भी इसे स्वीकार कर रहा है। बता दें कि चंडीगढ़ में आरएलए के अंतर्गत 9 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। 

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आरएलए से लगभग इतनी ही संख्या में लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस भी जारी किए गए हैं। पहले आरएलए में 5 साल में ड्राइविंग लाइसेंस रिन्युअल किए जाते थे लेकिन सितंबर 2019 में इस नियम में बदलाव करते हुए अब एक साल में ही लाइसेंस रिन्युअल किए जा रहे हैं। इसमें हैरानी की बात सिर्फ यह है कि रिन्युअल को आए 45 फीसदी लोग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए होने वाले टेस्ट में ही फेल हो चुके हैं। 
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टेस्ट प्रक्रिया हाईटेक और कठिन होने के कारण अधिकांश लोग रिन्युअल टेस्ट में फेल हो रहे हैं। आरएलए के अधिकारी भी टेस्ट की इस कठिन प्रक्रिया को भी स्वीकार कर रहे हैं। उनका मानना है कि ड्राइविंग टेस्ट के दौरान वाहन चालक की ओर से हल्की सी लापरवाही से रिजल्ट पूअर आ जाता है। कर्मचारी लोगों को टेस्ट के दौरान लापरवाही नहीं बरतने की सलाह देते हैं।

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देश का बेस्ट ड्राइविंग ट्रैक है चंडीगढ़

चंडीगढ़ के ड्राइविंग ट्रैक को देश में बेस्ट ट्रैक के रूप में जाना जाता है। हाल ही में पुणे से आए विशेषज्ञों ने इसकी खासियतों को देखते हुए इसे बेस्ट ट्रैक बताया था। कम स्पेस में ट्रैक की सभी सुविधाएं मुहैया करना भी इसकी एक खासियत में शामिल है। इसके अतिरिक्त यूटर्न, ब्रिज कॉसिंग, पार्किंग, राउंड अबाउट जैसी हाईटेक सुविधाएं भी इसे अन्य ट्रैकों से अलग करती हैं।

क्यों हो जाते हैं टेस्ट में फेल
आरएलए के अधिकारियों का मानना है कि अधिकांश लोग ट्रैक पर आत्मविश्वास की कमी के कारण गलतियां कर देते हैं, जिससे वह फेल हो जाते हैं। इसके अलावा वाहन चालकों को ब्रिज साइंस की नॉलेज की कमी होना। साथ ही वाहन को कैसे होल्ड और कैसे आगे बढ़ाए जाए, उसमें भी वाहन चालक गलतियां करते हैं।

डेढ माह महीने बाद फिर मौका
यदि वाहन चालक रिन्यूवल टेस्ट में फेल हो जाते हैं, तो उन्हे आरएलए के द्वारा दूसरा मौका भी दिया जाता है। फेल वाहन चालक अपने लाइसेंस को रिन्यू कराने के लिए 1.5 माह बाद फिर से टेस्ट दे सकता है। इसके लिए रिन्यू फीस 180 रुपये का दुबारा भुगतान आरएलए को करना आवश्यक है।

अब आ रहे हैं बेस्ट ड्राइवर
आरएलए के अधिकारियों का मानना है कि कठिन टेस्ट पास होकर आने वाले 55 फीसदी लोग देश के बेस्ट ड्राइवर हैं। सख्त नियम और हाइटेक सेंसर के ट्रैक पर वाहनों को चलाने में यह लोग पूरी तरह से पारंगत हो जाते हैं। इनसे वाहन चलाने के दौरान सड़क दुर्घटनाओं की संभावना अन्य चालक से कम ही रहती है।

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