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पंजाब में ई-वाहन नीति का ड्राफ्ट तैयार: पंजीकरण अनिवार्य होने पर मिल सकेगा लोन, साइकिल उद्योग ने भेजे सुझाव

Wed, 21 Sep 2022 11:52 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 21 Sep 2022 11:52 AM IST
सार

पंजाब सरकार की ई-वाहन नीति के ड्राफ्ट के तहत वाहन मालिकों को 10,000 रुपये तक का वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि इलेक्ट्रिक ऑटोरिक्शा और ई-रिक्शा के पहले 10,000 खरीदारों को 30,000 रुपये तक का वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा।

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Draft e-vehicle policy ready in Punjab
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पंजाब सरकार ने हाल ही में अपनी इलेक्ट्रिक वाहन (ई-वाहन) नीति के ड्राफ्ट की घोषणा की है। इसके तहत पंजाब में ई-वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए कई तरह वित्तीय प्रोत्साहन देने का प्रावधान है लेकिन इन वाहनों के लिए पंजीकरण की व्यवस्था न होने से लोगों को महंगी दरों पर लोन लेना पड़ रहा है। बैंक बिना पंजीकरण के ई-वाहन धारकों को ऋण प्रदान नहीं कर रहे हैं।

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नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों को नकद प्रोत्साहन दिया जाएगा और इन इलेक्ट्रिक वाहनों की रजिस्ट्रेशन पर पंजीकरण शुल्क और रोड टैक्स भी माफ करने का एलान सरकार ने अपने ड्राफ्ट में किया है। नीति के मसौदे का राज्य के ई-वाहन निर्माताओं ने स्वागत किया है लेकिन कारोबारियों ने अपने सुझाव राज्य सरकार को भेजे हैं। अगर इन पर अमल होता है तो पंजाब के ई-वाहन उद्योग को बूस्ट मिल सकता है।
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एवन साइकिल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ओंकार सिंह पाहवा का कहना है कि पंजाब में ई-रिक्शा का पंजीकरण अनिवार्य किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल ई-रिक्शा को नियमित करने में मदद मिलेगी, बल्कि खरीदारों को सरकारी बैंकों से कम दर पर कर्ज मिल सकेगा। बिना पंजीकरण के बैंक लोन प्रदान नहीं करते हैं, जिसके चलते खरीदारों को निजी स्तर पर 24 से 36 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण लेना पड़ रहा है। पाहवा ने कहा कि सरकार को इस श्रेणी में कम गति वाले दोपहिया वाहनों को सब्सिडी प्रदान करने का सुझाव दिया गया है। 

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25 किलोमीटर प्रति घंटे से कम गति वाले दोपहिया वाहन वर्तमान में किसी भी सब्सिडी के अंतर्गत नहीं आते हैं। अगर राज्य सरकार इस श्रेणी को प्रोत्साहित करने के लिए सहमत होती है तो इससे बिक्री में भारी उछाल आएगा। राज्य सरकार को मेड इन पंजाब ई-वाहनों की खरीद पर अतिरिक्त लाभ देने पर भी विचार करना चाहिए। 

वहीं, यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएस चावला का कहना है कि ई-वाहनों की बिक्री पर राज्य सरकार ध्यान देती है तो साइकिल उद्योग को बहुत बड़ा अवसर मिलेगा। वहीं, पंजाब सरकार के उद्योग विभाग के प्रधान सचिव दिलीप सिंह का कहना है कि इस नीति को बेहतर बनाने के लिए उद्योग विभाग ने सुझाव और इनपुट दिए हैं। पंजीकरण का मामला परिवहन विभाग के विचाराधीन है।

सरकार ने ये लाभ किए हैं तय
पंजाब सरकार की ई-वाहन नीति के ड्राफ्ट के तहत वाहन मालिकों को 10,000 रुपये तक का वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि इलेक्ट्रिक ऑटोरिक्शा और ई-रिक्शा के पहले 10,000 खरीदारों को 30,000 रुपये तक का वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा। पहले 5,000 ई-कार्ट खरीदारों को 30,000 रुपये तक और हल्के वाणिज्यिक वाहनों के पहले 5,000 खरीदारों को 30,000 से 50,000 रुपये तक प्रोत्साहन मिलेगा।

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