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गांव के बीचोंबीच दोहरा हत्याकांड व लूट, किसी को भनक तक नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत
Updated Sat, 30 Aug 2014 01:02 AM IST
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पानीपत। इनेलो नेता कुलदीप दीवाना के गांव के बीच मकान में बदमाश दोहरे हत्याकांड और लूटपाट की वारदात को अंजाम देकर निकल गए और किसी को भनक तक नहीं लगी।
डेढ़ घंटे बाद इनेलो नेता के बेटे के स्कूल से घर आने पर दोनों के शव खून से लथपथ पाकर परिवार और गांव में कोहराम मच गया। दीवाना गांव में शुक्रवार को कुलदीप के घर में बदमाश घुस गए। कुलदीप उस वक्त पार्टी के किसी काम से बाहर गए थे।
उनकी पत्नी कॉलेज में पढ़ाने गई थी। मां मूर्ति घर पर थीं। इसी समय बदमाश उनके घर में घुस गए और अंदर कमरे में उसकी मां मूर्ति (65) की चाकुओं से हमला कर हत्या कर दी और घर से डेढ़ लाख नकद और गहने लूट लिए। बदमाश लूट और हत्या की वारदात को अंजाम देकर बाहर निकल रहे थे कि घर में काम करने वाली गांव की ही युवती संतोष (20) आ गई।
वह मकान के पहले कमरे में ही थी और बदमाशों की वारदात को देख लिया। वह वापस भागने लगी तो बदमाशों ने वहीं पर पकड़ लिया और चाकुओं से हमलाकर उसकी भी हत्या कर दी। बदमाश यहां पर दोहरे हत्याकांड और लूटपाट की वारदात को अंजाम देकर भाग निकले। दोपहर करीब 1:30 बजे स्कूल से घर लौटे कुलदीप के लड़के ईशु ने मकान में दादी और संतोष को खून में लथपथ पाया और ईशु चिल्ला उठा। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव के लोग वहां पर पहुंचे और मामले से पर्दा उठा। इसके बाद गांव में सन्नाटा पसर गया और ग्रामीण कुलदीप के घर पर जमा हो गए। चांदनी बाग थाना पुलिस भी इसकी सूचना मिलते ही गांव में पहुंची।
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इनेलो नेता कुलदीप शुक्रवार को पार्टी के काम से बाहर गए थे और उनकी पत्नी ताऊ देवीलाल कॉलेज सिवाह में पढ़ाने गई थी। कुलदीप के दोनों बच्चे सुबह ही स्कूल में चले गए थे और घर पर कुलदीप की मां मूर्ति अकेली थी।
दीवाना निवासी संतोष के पिता की मौत के बाद इनेलो नेता कुलदीप ने ही उसको सहारा दिया था। बताया जा रहा है कि लंबे समय पहले संतोष के पिता की मौत हो गई थी। कुलदीप ने उसको पढ़ाने का साहस जुटाया और सहारा दिया। संतोष परिवार का सहारा पाकर स्नातक तक पहुंच गई और समय लगते ही कुलदीप के घर पर काम में हाथ बटाने आ जाती थी। वह शुक्रवार को भी दोपहर के समय उसकी मां और बच्चों को देखभाल करने आ गई थी।
थाना चांदनी बाग क्षेत्र के गांव दीवाना में बदमाशों ने दिनदहाड़े लूट की वारदात को रैकी कर अंजाम दिया। बदमाशों को परिवार के हर सदस्य के आने-जाने के समय व घर में रखे हर सामान की पूरी जानकारी थी। ऐसे में किसी नजदीकी का हाथ होना माना जा रहा है। बदमाशों की संख्या चार से पांच होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि बदमाश वारदात के बाद अपनी एक कमीज छोड़कर फरार हो गए। कमीज पर जगह-जगह खून के निशान है। माना जा रहा है कि बदमाश शर्ट पर लगे खून के धब्बों से पहचाने जाने के डर से निकालकर गए थे। वहीं जूते के भी मकान में काफी निशान हैं।
इनेलो नेता कुलदीप दीवाना की मां मूर्ति व काम करने वाली लड़की संतोष की हत्या के बाद पुलिस सुरक्षा की भी पोल खुल गई। पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई और जिले की नाकाबंदी कर दी, लेकिन बदमाश पुलिस के हाथ नहीं लग सके।
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डेढ़ घंटे बाद इनेलो नेता के बेटे के स्कूल से घर आने पर दोनों के शव खून से लथपथ पाकर परिवार और गांव में कोहराम मच गया। दीवाना गांव में शुक्रवार को कुलदीप के घर में बदमाश घुस गए। कुलदीप उस वक्त पार्टी के किसी काम से बाहर गए थे।
उनकी पत्नी कॉलेज में पढ़ाने गई थी। मां मूर्ति घर पर थीं। इसी समय बदमाश उनके घर में घुस गए और अंदर कमरे में उसकी मां मूर्ति (65) की चाकुओं से हमला कर हत्या कर दी और घर से डेढ़ लाख नकद और गहने लूट लिए। बदमाश लूट और हत्या की वारदात को अंजाम देकर बाहर निकल रहे थे कि घर में काम करने वाली गांव की ही युवती संतोष (20) आ गई।
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वह मकान के पहले कमरे में ही थी और बदमाशों की वारदात को देख लिया। वह वापस भागने लगी तो बदमाशों ने वहीं पर पकड़ लिया और चाकुओं से हमलाकर उसकी भी हत्या कर दी। बदमाश यहां पर दोहरे हत्याकांड और लूटपाट की वारदात को अंजाम देकर भाग निकले। दोपहर करीब 1:30 बजे स्कूल से घर लौटे कुलदीप के लड़के ईशु ने मकान में दादी और संतोष को खून में लथपथ पाया और ईशु चिल्ला उठा। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव के लोग वहां पर पहुंचे और मामले से पर्दा उठा। इसके बाद गांव में सन्नाटा पसर गया और ग्रामीण कुलदीप के घर पर जमा हो गए। चांदनी बाग थाना पुलिस भी इसकी सूचना मिलते ही गांव में पहुंची।
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इनेलो नेता कुलदीप शुक्रवार को पार्टी के काम से बाहर गए थे और उनकी पत्नी ताऊ देवीलाल कॉलेज सिवाह में पढ़ाने गई थी। कुलदीप के दोनों बच्चे सुबह ही स्कूल में चले गए थे और घर पर कुलदीप की मां मूर्ति अकेली थी।
दीवाना निवासी संतोष के पिता की मौत के बाद इनेलो नेता कुलदीप ने ही उसको सहारा दिया था। बताया जा रहा है कि लंबे समय पहले संतोष के पिता की मौत हो गई थी। कुलदीप ने उसको पढ़ाने का साहस जुटाया और सहारा दिया। संतोष परिवार का सहारा पाकर स्नातक तक पहुंच गई और समय लगते ही कुलदीप के घर पर काम में हाथ बटाने आ जाती थी। वह शुक्रवार को भी दोपहर के समय उसकी मां और बच्चों को देखभाल करने आ गई थी।
थाना चांदनी बाग क्षेत्र के गांव दीवाना में बदमाशों ने दिनदहाड़े लूट की वारदात को रैकी कर अंजाम दिया। बदमाशों को परिवार के हर सदस्य के आने-जाने के समय व घर में रखे हर सामान की पूरी जानकारी थी। ऐसे में किसी नजदीकी का हाथ होना माना जा रहा है। बदमाशों की संख्या चार से पांच होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि बदमाश वारदात के बाद अपनी एक कमीज छोड़कर फरार हो गए। कमीज पर जगह-जगह खून के निशान है। माना जा रहा है कि बदमाश शर्ट पर लगे खून के धब्बों से पहचाने जाने के डर से निकालकर गए थे। वहीं जूते के भी मकान में काफी निशान हैं।
इनेलो नेता कुलदीप दीवाना की मां मूर्ति व काम करने वाली लड़की संतोष की हत्या के बाद पुलिस सुरक्षा की भी पोल खुल गई। पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई और जिले की नाकाबंदी कर दी, लेकिन बदमाश पुलिस के हाथ नहीं लग सके।