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पंजाब: सुखबीर बादल ने राष्ट्रपति से कृषि विधेयकों पर हस्ताक्षर न करने की अपील की
Sun, 20 Sep 2020 05:56 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 20 Sep 2020 05:56 PM IST
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सुखबीर सिंह बादल।
- फोटो : फाइल फोटो
शिअद ने रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से आग्रह किया है कि वे संसद द्वारा पारित कृषि विधेयकों पर अपनी मंजूरी की मुहर न लगाएं। शिअद के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा कि शिअद अनुरोध करती है कि जरूरत की घड़ी में परेशान और मेहनत करने वाले किसानों, खेत मजदूरों, मंडी मजदूरों और दलितों के साथ राष्ट्रपति खड़े हों। वे शोषण का सामना कर रहे हैं और आप पर निर्भर हैं।
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सुखबीर बादल ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि वे विधेयकों को पुनर्विचार के लिए संसद को भेजें ताके अति उत्साही जिद व जल्दबाजी में लिए गए फैसले राष्ट्र की मानसिकता पर स्थायी निशान न छोड़ें और न ही किसानों, खेत और मंडी मजदूरों और दलितों के दीर्घकालिक महत्वपूर्ण हितों पर गहरा घाव पहुंचाएं। राज्यसभा में रविवार को विधेयक पारित होने के साथ ही ये अब राष्ट्रपति के पास उनके हस्ताक्षरों के लिए जाएंगे। उसके बाद ही ये विधेयक अधिनियम बन जाते हैं।
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हरसिमरत ने दिया था इस्तीफा
अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने तीन विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था लेकिन पार्टी सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक (एनडीए) गठबंधन के साथ बनी हुई है। वहीं पंजाब में किसान तीनों विधेयकों को विरोध कर रहे हैं। किसानों ने आशंका व्यक्त की है कि इन विधेयकों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) प्रणाली को समाप्त कर दिया जाएगा। जिससे उन्हें बड़े कॉर्पोरेट की दया पर छोड़ दिया जाएगा। हालांकि केंद्र सरकार ने यह आश्वासन दिया है कि एमएसपी प्रणाली बनी रहेगी। हालांकि इसके बावजूद विरोध जारी है।
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