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कुत्ते के काटने पर NRI ने लिया बड़ा फैसला, छोड़ दूंगा भारत
पवन तिवारी/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Fri, 22 Apr 2016 11:37 AM IST
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कनाडा से एनआरआई बड़े अरमान लेकर सिटी ब्यूटीफुल में कनाडा से रहने आया था। लेकिन अब वह शहर से हमेशा के लिए वापस कनाडा जा रहा है। एनआरआई ने बताया कि उन्होंने 24 अप्रैल को वापस कनाडा जाने का फैसला कर लिया है। एनआरआई को अब शहर में एक पल भी रहना गवारा नहीं है। एनआरआई से न तो पुलिस ने कोई ज्यादती की है और न ही किसी व्यक्ति ने।
दरअसल सेक्टर 34 के मकान नंबर 1675 में रहने वाले पीएस गुजराल (60) को 19 अप्रैल को घर के अंदर घुसकर एक लावारिस कुत्ते ने काट लिया था। पीएस गुजराल का कहना है कि मंगलवार को शाम करीब 8 बजे वह घर के आगे लॉन में फोन पर बात कर रहा था। तभी एक कुत्ता गेट के नीचे से अंदर घुसा व पैर में काट लिया। काटने के बाद वह वहीं बैठ गया। पीड़ित एनआरआई का कहना है कि उसी दिन कुत्ते ने एरिया में कई और लोगों को काटा था। जिसके बाद उन्होंने अपने एक दोस्त को बुलाया। दोस्त उसे जीएमसीएच-32 में लेकर गया। जहां गुजराल को एंटी रैबिज के टीके लगवाए। पीड़ित का कहना है कि पिछले तीन दिन में वह करीब तीस हजार रुपये से अधिक के टीके लगवा चुका है।
सोचा था अपनों के बीच रहेंगे
एनआरआई का कहना है कि वह चंडीगढ़ शहर में ही रहे हैं। पीयू से पढ़ाई की है। उन्होंने सोचा था कि अब जीवन के इस पड़ाव में अपनों के बीच रहेंगे। दोस्तों के साथ गोल्फ खेलूंगा। शहर में बिताए दिनों की यादें लेकर आया था। लेकिन कुत्ते के काटे जाने के बाद लगने वाले इंजेक्शन व दवाएं लेकर जा रहा हूं। हादसे के बाद से अब घर से बाहर निकलते हुए भी डर लगता है। गलियों में इतने आवारा कुत्ते हैं कि कभी भी काट सकते हैं। पता नहीं यहां का प्रशासन व नगर निगम क्या करता है। यही अगर कनाडा में हुआ होता तो वह सरकार पर केस कर देते।
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लाखों रुपये लगाकर रहने की थी तैयारी
पीएस गुजराल ने बताया कि सेक्टर-34 में उन्होंने अपने रहने के लिए किराएदार से कोठी खाली कराई थी। घर के रंग रोगन पर ही 1.5 लाख रुपये खर्च कर चुके थे। लेकिन इस हादसे के बाद उन्होंने अब चंडीगढ़ में रहने का ख्याल दिल से निकाल दिया है।
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दरअसल सेक्टर 34 के मकान नंबर 1675 में रहने वाले पीएस गुजराल (60) को 19 अप्रैल को घर के अंदर घुसकर एक लावारिस कुत्ते ने काट लिया था। पीएस गुजराल का कहना है कि मंगलवार को शाम करीब 8 बजे वह घर के आगे लॉन में फोन पर बात कर रहा था। तभी एक कुत्ता गेट के नीचे से अंदर घुसा व पैर में काट लिया। काटने के बाद वह वहीं बैठ गया। पीड़ित एनआरआई का कहना है कि उसी दिन कुत्ते ने एरिया में कई और लोगों को काटा था। जिसके बाद उन्होंने अपने एक दोस्त को बुलाया। दोस्त उसे जीएमसीएच-32 में लेकर गया। जहां गुजराल को एंटी रैबिज के टीके लगवाए। पीड़ित का कहना है कि पिछले तीन दिन में वह करीब तीस हजार रुपये से अधिक के टीके लगवा चुका है।
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सोचा था अपनों के बीच रहेंगे
एनआरआई का कहना है कि वह चंडीगढ़ शहर में ही रहे हैं। पीयू से पढ़ाई की है। उन्होंने सोचा था कि अब जीवन के इस पड़ाव में अपनों के बीच रहेंगे। दोस्तों के साथ गोल्फ खेलूंगा। शहर में बिताए दिनों की यादें लेकर आया था। लेकिन कुत्ते के काटे जाने के बाद लगने वाले इंजेक्शन व दवाएं लेकर जा रहा हूं। हादसे के बाद से अब घर से बाहर निकलते हुए भी डर लगता है। गलियों में इतने आवारा कुत्ते हैं कि कभी भी काट सकते हैं। पता नहीं यहां का प्रशासन व नगर निगम क्या करता है। यही अगर कनाडा में हुआ होता तो वह सरकार पर केस कर देते।
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लाखों रुपये लगाकर रहने की थी तैयारी
पीएस गुजराल ने बताया कि सेक्टर-34 में उन्होंने अपने रहने के लिए किराएदार से कोठी खाली कराई थी। घर के रंग रोगन पर ही 1.5 लाख रुपये खर्च कर चुके थे। लेकिन इस हादसे के बाद उन्होंने अब चंडीगढ़ में रहने का ख्याल दिल से निकाल दिया है।