फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Doctors' starting salary is less than that of clerks, why would youth join government service?

Chandigarh News: डॉक्टर का शुरुआती वेतन क्लर्क से भी कम, सरकारी सेवा में क्यों आएंगे युवा

Sun, 30 Nov 2025 02:26 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 30 Nov 2025 02:26 AM IST
विज्ञापन
Doctors' starting salary is less than that of clerks, why would youth join government service?
चंडीगढ़। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिलीप भानुशाली ने शनिवार को आईएमए भवन में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत में डॉक्टरों की कमी नहीं है... कमी है तो सिर्फ व्यवस्था की। देशभर में नए मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद हर साल करीब एक लाख डॉक्टर पास आउट हो रहे हैं लेकिन सरकारी ढांचा उन्हें अपने सिस्टम में शामिल नहीं कर पा रहा है। ग्रामीण इलाकों में न तो डॉक्टरों के रहने की उचित व्यवस्था है न चिकित्सा सुविधाएं। वेतन भी ऐसा नहीं है कि जो उन्हें वहां काम करने के लिए प्रोत्साहित करे। आज डॉक्टर का शुरुआती वेतन एक क्लर्क से भी कम है। ऐसे में युवा सरकारी सेवा में क्यों आएंगे। उनका दावा था कि अगर सरकार उचित सुविधाएं, सुरक्षा और सम्मान दे तो एक भी स्वीकृत पद कभी खाली नहीं रहेगा।
विज्ञापन


सम्मेलन में डॉक्टरों पर बढ़ती हिंसा, कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, इंश्योरेंस कंपनियों और टीपीए की दखलअंदाजी जैसे मुद्दों पर भी गहरी चिंता जताई गई। विशेषज्ञों का कहना था कि ये कारक सीधे रोगी देखभाल को प्रभावित कर रहे हैं। एसोसिएशन ने स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए कठोर केंद्रीय कानून और 50 से कम बेड वाले अस्पतालों को क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट से बाहर रखने की मांग रखी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन व एकेडमी ऑफ मेडिकल स्पेशियलिटीज ने इस अवसर पर अपनी नीतिगत प्राथमिकताएं भी रखीं। इनमें स्वास्थ्य बजट को जीडीपी के कम से कम 5% तक बढ़ाने, स्वास्थ्य बीमा और कुछ जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी खत्म करने, मिक्सोपैथी का विरोध करने, नीट की खामियों को दूर करने, बांड प्रणाली समाप्त करने और मेडिकल नेग्लिजेंस के लिए अलग मेडिकल माल प्रेक्टिस एक्ट बनाने की मांग प्रमुख रही। डॉ. भानुशाली ने कहा कि एसोसिएशन जनता के स्वास्थ्य और डॉक्टरों की सुरक्षा, सम्मान तथा गरिमा के लिए प्रतिबद्ध है और सरकार के साथ रचनात्मक संवाद के लिए तैयार है।
विज्ञापन


बॉक्स

बीमारियों से बचाव पर भी हुई चर्चा
देशभर से आए चिकित्सकों ने लाइफ स्टाइल डिजीज, स्ट्रोक, काॅर्डियोलॉजी, हाइपरटेंशन, मेडिकल एथिक्स और क्लीनिकल प्रैक्टिस की चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श किया। सम्मेलन का पहला सत्र बढ़ती लाइफ स्टाइल बीमारियों पर केंद्रित रहा। इसमें डॉ. वी. अमुथन ने एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम में इकोकार्डियोग्राफी की अहमियत पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. कुनाल महाजन ने लिपिड मैनेजमेंट के महत्व पर जोर दिया। डॉ. देविंदर सिंह बिष्ट ने पोस्ट-एमआई मरीजों में सर्जरी से पहले जोखिम आकलन पर अनुभव साझा किए। इसके अलावा डॉ. राजेश विजयवर्गिया ने थोरैसिक एओर्टिक एन्यूरिज्म के उपचार की आधुनिक तकनीक, टीईवीएआर पर विस्तृत व्याख्यान दिया। पीजीआई के प्रो. डॉ. धीरज खुराना ने एक्यूट इस्केमिक स्ट्रोक में थ्रोम्बोलिसिस और थ्रोम्बेक्टॉमी के वर्तमान प्रोटोकॉल पर विस्तार से चर्चा की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed