फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   dispute between SAD and congress leader in debate on TV channel, fracas

चैनल पर डिबेट के दौरान शिअद और कांग्रेस के नेता भिड़े, गाली-गलौज

Wed, 29 Jun 2016 12:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 29 Jun 2016 12:45 AM IST
विज्ञापन
dispute between SAD and congress leader in debate on TV channel, fracas
सीपीएस एनके शर्मा

एक पंजाबी टीवी चैनल पर चल रही डिबेट तब काफी तल्ख हो गई, जब इसमें शामिल कांग्रेस और अकाली दल के प्रतिनिधि आपस में भिड़ गए। दोनों ही तरफ से तीखी नोंकझोंक के बीच चैनल के एंकर और वहां मौजूद अन्य लोगों ने किसी प्रकार बीच-बचाव किया।

विज्ञापन


डिबेट में अकाली दल की ओर से सीपीएस एनके शर्मा और कांग्रेस की ओर से मीडिया पैनलिस्ट गुरविंदर बाली तथा भाजपा की ओर से सरकार के असिस्टेंट मीडिया एडवाइजर विनीत जोशी केअलावा एक पत्रकार भी शामिल थे। इसी दौरान भ्रष्टाचार और जमीन पर कब्जे के आरोपों के बीच माहौल गरम हो गया। शर्मा और बाली एक -दूसरे पर गंभीर आरोप लगाने लगे। बाली ने आरोप लगाया कि शर्मा अपना आपा खो बैठे।
विज्ञापन


उन्होंने पहले तो उठकर उनकी कुर्सी पर लात मारी। कुर्सी नीचे गिर कर टूट गई और वह गिर पड़े। उसके बाद शर्मा ने उनके मुंह पर मुक्का मार दिया। हालांकि बाद में शर्मा ने उनसे दो बार माफी मांगी। वहां मौजूद लोगों के प्रयास से मामला निपटा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाली ने यह भी स्वीकार किया कि दोनों के बीच गाली-गलौज भी हुई। बाली ने कहा कि कांग्रेसी होने के नाते वह हर मंच पर पार्टी का पक्ष रखेंगे, लेकिन एक मुख्य संसदीय सचिव को ऐसा बर्ताव नहीं करना चाहिए। उधर, एनके शर्मा ने मारपीट की बात से इंकार किया है। उन्होंने कहा है कि किसी मुद्दे पर उनकी बाली के साथ तीखी बहस जरूर हुई थी, लेकिन हाथापाई जैसा कुछ नहीं हुआ। उधर, यह वाकया सियासी हलकों में  पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।


शर्मा को गिरफ्तार किया जाए - कैप्टन
प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक टीवी चैनल पर डिबेट के दौरान पार्टी नेता गुरविंदर बाली पर सीपीएस एनके शर्मा द्वारा हमला करने की निंदा की है। उन्होने मांग की कि शर्मा पर अपराधिक मामला दर्ज करके उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। कैप्टन ने कहा कि यह अकाली विधायक की हेकड़ी है कि उन्होंने कानून अपने हाथ में ले लिया। लेकिन अकालियों का काउंट डाउन शुरू हो चुका है और उनको इसके नतीजे भुगतने होंगे। सिर्फ छह महीने की बात है। ऐसे लोग टीवी स्टूडियो के बजाय सलाखों के पीछे होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed