वीडियो बनाकर कबूला हत्या का गुनाह
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घटनास्थल पर मिले मोबाइल पर बने वीडियो ने पंजाब के खमाणों(फतेहगढ़ साहिब) में हुए तिहरे हत्याकांड के राज का पर्दाफाश कर दिया है। इसमें महिला और बच्चे का कत्ल करने वाले ने खुदकुशी कर ली थी।
वारदात को अंजाम देने वाला और कोई नहीं खुदकुशी करने वाला गांव बरवाली का दलजीत ही है। दलजीत ने दिमागी बीमारी के चलते इस दिल दहलाने वाली वारदात को अंजाम दिया और बाद में खुद आत्महत्या कर ली।
आत्महत्या से पहले उसने सुसाइड नोट लिखकर और मोबाइल पर वीडियो बनाकर सभी को अपनी मनोस्थिति के बारे में अवगत करवा दिया था। उधर, पुलिस ने दलजीत सिंह के भाई रणजीत सिंह की शिकायत को खारिज करते हुए सुसाईड के आधार पर की गई हत्या के आधार पर मृतक दलजीत सिंह पर अपनी पत्नी व बच्चे को मारने के लिए हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और इस मामले में किसी भी अन्य व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया।
ये है दलजीत के सुसाइड नोट में
एसएचओ ने आगे बताया कि दलजीत सिंह के
कमरे में दाहनुमा हथियार मिला है जिससे दलजीत ने अपनी पत्नी राजदीप कौर तीन
वर्षीय बेटे हरमहताब की निर्मम हत्या की थी।
इसके अलावा सुसाइड नोट में
दलजीत ने अपना दर्द बयां किया है कि किस तरह वह खन्ना स्थित एम्बूलेंस
चलाते समय तरह-तरह के लोगों को दुखी देखकर खुद दुखी हो जाता है और वह इन
सब बातों को अपनी पत्नी से सांझा करके खुदकुशी करने की सोचता रहता था।
सुसाईड
नोट में दलजीत ने यह भी बताया कि उसने क्लीनशेव रूप को गुरसिक्ख बनाकर
पत्नी सहित अमृतपान किया था और रोजाना गुरुद्वारा साहिब में हाजिरी भरता था
और उसके पास जो तीन किला जमीन जोकि अपने भाई रणजीत सिंह के साथ सांझी थी,
उस जमीन को अपने भाई रणजीत को देने तथा दो लाख का बैंक बैलेंस व कुछ सोने
के गहने व 46 हजार की नगदी भी अपने भाई को देने के लिए कहा था।
एसएचओ के
अनुसार दलजीत सिंह की आदतें जरूर अच्छी थीं लेकिन, उसने तथा उसकी पत्नी ने
कभी उसके दिमागी पागलपन का ईलाज करवाने के लिए शायद ही कभी सोचा हो।
मोबाइल पर वीडियो बना गुनाह कबूल
गौरतलब है कि रविवार व सोमवार की मध्य रात्रि दलजीत सिंह नामक एक युवक ने अपनी पत्नी तथा उसके तीन साल के बच्चे को मारने के बाद खुद पंखे से लटककर फांसी लगा ली थी।
इस घटना को अंजाम देने के लिए दलजीत सिंह ने एक दाहनुमा तेजधार हथियार के साथ पहले अपनी पत्नी के गले पर सीधा वार तथा बाद में बच्चे के गले से पीछे से वार करके मौत के घाट उतार दिया था और बाद में खुद पंखे से झूलकर फंदा लगा लिया था।
इस घटना का पता सोमवार को सुबह 11 बजे उस समय मृतक के बड़े भाई रणजीत सिंह को पता लगा जब वह गांव के गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश दिवस से लौटकर आया था। इसके बाद रणजीत ने भाई के कमर के अंदर जब जालीदार दरवाजे के अंदर से झांककर देखा तो अंदर तीनों के शव पड़े थे और दलजीत का शव पंखे से लटक रहा था।
मौके पर पहुंचे पुलिस थाना खमाणों के प्रभारी मोहम्मद जमील तथा थानेदार हंसराज ने परिजनों की उपस्थित में शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया था और सुसाईड नोट से कई अहम खुलासों से घटना से पर्दा उठा।