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#RepublicDay: प्रोफेसर जगतराम, जो रोज 35-40 लोगों की देते हैं नई 'रोशनी', को मिलेगा पद्मश्री

Sat, 26 Jan 2019 08:52 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 26 Jan 2019 08:52 AM IST
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Director of PGI Chandigarh Prof. Jagatram awarded Padma Shri Award
प्रो. जगतराम

पीजीआई चंडीगढ़ के डायरेक्टर प्रो. जगतराम को देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री से नवाजा जाएगा। वे साल 2017 में पीजीआई के डायरेक्टर नियुक्त हुए थे। हिमाचल के सिरमौर से बेहद गरीब परिवार से आने वाले प्रो. जगतराम ने आज से करीब 40 साल पहले पीजीआई ज्वॉइन किया था। उन्होंने यहां से एमएस की पढ़ाई की और साल 1985 में पीजीआई फैकल्टी बने। 

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खुशी के इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सम्मान की बात है कि 130 करोड़ भारतीय में से पद्मश्री के लिए चुने गए सदस्यों में उनका नाम है। उन्होंने कहा कि यह सब मरीजों का आशीर्वाद और साथियों का सहयोग है कि उन्हें यह पुरस्कार मिला। 
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प्रो. जगतराम के बारे में कहा जाता है कि वे इतनी सादगी से रहते हैं कि उन्हें देखकर एक बार में किसी को भी यकीन नहीं होता कि वे पीजीआई के डायरेक्टर हैं। भारी-भरकम प्रशासनिक कार्य संभालने के बावजूद वे आज भी एक दिन में 35 से 40 ऑपरेशन करते हैं। भले ही वे डायरेक्टर बन गए हों, लेकिन इतनी व्यस्तता के बावजूद वे ओटी वाले दिन ऑपरेशन थियेटर में मिलते हैं। 

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बहुत ही गरीब परिवार में जन्मे थे प्रो. जगतराम

प्रो. जगतराम बहुत ही गरीब परिवार में जन्मे थे। उनके पिता किसान थे और अनपढ़ थे। जब वे प्राथमिक स्कूल में पढ़ते थे तो उस समय में उनके पास न तो स्कूल जाने के लिए ड्रेस होती थी और न ही जूते। पढ़ाई में तेज होने के कारण उनके शिक्षक की नजर उन पर पड़ी और पढ़ने-लिखने के साधन उपलब्ध कराए। उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। साल 1985 में उन्होंने शिमला के मेडिकल कालेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की और उसके बाद पीजीआई पहुंचे।

90 हजार से ज्यादा लोगों की लौटाई आंखें
डा. जगतराम अब तक आंखों के 90 हजार से ज्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं। इसमें 10 हजार से ज्यादा बच्चों के ऑपरेशन होंगे। जगतराम को ही मोतियाबिंद सर्जरी की पुरानी तकनीक को बदलकर नई सर्जिकल तकनीक देने का श्रेय जाता है। इससे उच्च गुणवत्ता वाले अत्याधुनिक चिकित्सा प्रौद्योगिकी को मामूली लागत पर गरीब जनता को उपलब्ध कराया।

 वे नियमित रूप से उपेक्षित और अत्यंत गरीब व्यक्तियों के लिए 135 से अधिक राहत और स्क्रीनिंग शिविरों में नेत्र सर्जन के तौर पर अपनी सेवा दे चुके हैं। उन्हें अमेरिकन सोसाइटी कैटरेक्ट की ओर से बेस्ट ऑफ दी बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। जब उन्हें यह पुरस्कार मिला तो उस दौरान अमेरिका का राष्ट्रगान भी बजा।

इन लोगों ने किया था नाम प्रस्तावित
प्रो. जगतराम का नाम पिछली बार पद्मश्री अवार्ड के लिए भेजा था, लेकिन उन्हें निराशा मिली थी। इस बार उनके नाम का प्रस्ताव हिमाचल के गवर्नर आचार्य देवव्रत, पंजाब के गवर्नर व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, पीजीआई के पूर्व डीन व पद्मश्री अमोद गुप्ता व पीयू के पूर्व वाइस चांसलर व पद्मश्री आरसी सोबती ने किया था। 

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