ट्रेन में दिक्कत तो ये नंबर घुमाएं, एट द टाइम सोल्यूशन होगा
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ट्रेन में सफर के दौरान अगर कोई दिक्कत हो तो समाधान के लिए तत्काल रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 138 पर डायल करें। अगले स्टेशन पर ट्रेन पहुंचते ही इसका समाधान कर दिया जाएगा। इस कॉल की संबंधित अधिकारी भी अनदेखी नहीं कर सकते, क्योंकि इस नंबर पर आने वाले फोन कॉल्स को कंट्रोल रूम से जोड़ दिया गया है।
इससे यह फायदा है कि कंट्रोल रूम से मैसेज फ्लैश होते ही प्रत्येक मंडल के डीआरएम से लेकर डीटीएम और सीडीसीएम तक पहुंच जाएगा। इतना ही नहीं, समस्या का समाधान करने के बाद संबंधित अधिकारियों को लिखित जवाब भी देना होगा।
शिकायत के समाधान की गारंटी
गर्मियों की छुट्टियों में ट्रेनों में होने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने इस हेल्पलाइन नंबर के प्रचार-प्रसार का फैसला किया है। उत्तर रेलवे के सीनियर पब्लिक रिलेशन आफिसर नीरज शर्मा ने बताया कि जैसे ही ट्रेनों में भीड़ बढ़ती है, शरारती तत्व भी सक्रिय हो जाते हैं और यात्रियों से लूटपाट करते हैं।
जानकारी नहीं होने के कारण अधिकांश यात्री शिकायत तक नहीं कर पाते हैं। यदि वह स्टेशन पर शिकायत करते हैं तो कई बार इसकी अनदेखी भी कर दी जाती है, लेकिन इस नंबर पर शिकायत करने के बाद ऐसा नहीं होगा।
अब भी 139 पर डायल करते हैं यात्री
रेलमंत्री ने रेल बजट में ल्पलाइन नंबर 138 को लांच करने की घोषणा की थी और कुछ माह बाद ही इसे लांच भी कर दिया गया था। इसके बावजूद यात्रियों को इसकी जानकारी नहीं होने की वजह से वह 139 पर ही शिकायत करते हैं और समस्या का समाधान न होने के बाद वह जिस स्टेशन पर उतरते हैं, वहां शिकायत बुक में शिकायत दर्ज करते हैं।
अब हेल्पलाइन नंबर के प्रचार पर जोर
रेलवे ने इस हेल्पलाइन नंबर का व्यापक स्तर पर प्रचार करने का फैसला किया है। दिल्ली स्थित बड़ौदा हाउस के अधिकारियों का कहना है कि स्टेशनों पर इससे संबंधित बोर्ड लगाए जाएंगे और ट्रेनों के आने की घोषणा के बाद इस नंबर की भी जानकारी दी जाएगी। आने वाले दिनों में रिजर्वेशन और जनरल टिकट के पीछे भी इस नंबर को प्रकाशित किया जाएगा।
चंडीगढ़ स्टेशन पर डोरमैट्री भी नहीं
‘नाम बड़े और दर्शन छोटे’, यह कहावत चंडीगढ़ के रेलवे स्टेशन पर सटीक बैठती है। इस रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को रात गुजारने के लिए डोरमैट्री सुविधा भी नहीं मिलती। ऐसे में उन्हें प्लेटफार्म या फिर वेटिंग हॉल में ही रात गुजारनी पड़ती है। यहां पर यात्रियों को सामान चोरी होने का भय भी सताता रहता है।
रेलवे स्टेशन पर डोरमैट्री की सुविधा होने से जहां रेलवे की आय में बढ़ोत्तरी होगी, वहीं रेल यात्रियों को रात गुजारने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। यात्रियों ने बताया कि कई ऐसे छोटे स्टेशन हैं, जहां यह सुविधा मौजूद है, लेकिन चंडीगढ़ के इस मॉडल रेलवे स्टेशन पर रेलवे आज तक यह सुविधा मुहैया नहीं करवा पाया है, जबकि इस स्टेशन से रोजाना हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। वहीं, स्टेशन पर फूड प्लाजा की सुविधा न होने से भी खानपान को लेकर रात में यात्रियों को परेशानी होती है।
प्रस्तावित हैं सुविधाएं
उत्तर रेलवे के सीनियर पब्लिक रिलेशन अफसर (पीआरओ) एके नेगी का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर फूड प्लाजा और डोरमैट्री की सुविधा प्रस्तावित है। रेल अधिकारी इसके निर्माण को लेकर प्लानिंग कर रहे हैं।
डोरमैट्री और फूड प्लाजा के निर्माण के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। बड़ौदा हाउस अधिकारी बजट का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही फंड जारी होगा स्टेशन पर दोनों सुविधाएं यात्रियों को मुहैया करवा दी जाएगी।