डीजल परांठा खाया है! : चंडीगढ़ के ढाबे के वायरल वीडियो पर मचा बवाल, सामने आए संचालक ने बता दिया पूरा सच
डीजल परांठा का वीडियो वायरल होने के बाद से हेल्थ कांशियस लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने कैंसर पराठा बताकर खाद्य सुरक्षा पर चिंता जताई है।
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विस्तार
वायरल हुए इस वीडियो में एक व्यक्ति ढाबे पर परांठा बना रहे कुक से पूछता है कि वो क्या बना रहा है। इस पर कुक कहता है डीजल परांठा। इसके बाद वीडियो में खूब सारे तेल में तर परांठा बनता दिखाया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद विवाद शुरू हो गया है।
लोगों ने लगाई क्लास
सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया। कुछ लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को इस मामले में कार्रवाई के लिए भी कहा।
सामने आए संचालक
वहीं वीडियो वायरल होने के बाद ढाबे के संचालक सामने आए और पूरा सच बताया। ढाबे के मालिक चन्नी सिंह ने डीजल से परांठा बनाने के दावों का खंडन किया।
चन्नी सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि हम न तो 'डीजल परांठा' जैसी कोई चीज बनाते हैं और न ही ग्राहकों को ऐसी कोई चीज परोसते हैं। एक ब्लॉगर ने यह वीडियो सिर्फ मनोरंजन के लिए बनाया था। ये तो कॉमन सेंस है कि न तो डीजल में कोई परांठा बना सकता है और न ही कोई उसे खा सकता है। मुझे नहीं पता था कि वीडियो वायरल हो रहा है। संबंधित ब्लॉगर ने इसे हटा दिया है और लोगों से माफी मांगी है। हम यहां से लंगर की आपूर्ति भी करते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोगों की जिंदगी से नहीं खेलते।
#WATCH | In a viral video, a man in a Chandigarh dhaba was seen claiming that the oil he uses to make parathas is diesel. Owner of the dhaba refutes such claims.
Channi Singh, owner of the dhaba says, "We neither make any such thing as 'diesel paratha' nor serve any such thing… pic.twitter.com/15BJ7lMSR3 — ANI (@ANI) May 15, 2024
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सोशल मीडिया पर डीजल परांठा शीर्षक से वायरल हो रहे चंडीगढ़ के सेक्टर 22 स्थित एक ढाबे की वीडियो संबंधी सच्चाई बुधवार को सामने लाई। विभाग ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए 13 मई को मामले में जांच शुरू की। जिसमें पाया गया कि डीजल पराठा नाम से कोई भी व्यंजन नहीं बनाया जा रहा है। जबकि ढाबे की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए एक ब्लॉगर ने यह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था।
बता दें कि वायरल वीडियो में डीजल से पराठा बनाने की बात कही गई थी। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने ब्लॉगर की पहचान कर उसे 14 को ऑफिस में बुलाकर मामले में पूछताछ की। ब्लॉगर ने इस गलती पर माफी मांगते हुए तत्काल उस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से डिलीट कर दिया। वहीं उसने विभाग को लिखित में दिया कि वह भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेगा। जीएमएसएच 16 स्थित खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार खाद्य पदार्थ संबंधी किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर फोन नंबर 01722752128 पर सूचना दी जा सकती है। इसके साथ ही इसके साथ ही भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के वेब पोर्टल https://foscos.fssai.gov.in/consumergrievance/पर शिकायत कर सकते हैं।