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जाट आंदोलन में हिंसा: कमेटी की रिपोर्ट में 90 अधिकारी दोषी

Sat, 14 May 2016 12:30 PM IST
सर्वेश कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
सर्वेश कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 14 May 2016 12:30 PM IST
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dgp parkash singh commette delivered haryana voilence enquiry report to govt
हरियाणा ​हिंसा पर प्रकाश सिंह कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा में गत 7 से 22 फरवरी तक जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पुलिस और नागरिक प्रशासन से संबंधित अफसरों व कर्मचारियों की भूमिका की जांच के लिए गठित प्रकाश सिंह कमेटी ने शुक्त्रस्वार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को सौंप दी। यूपी और असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह ने 450 पन्नों की रिपोर्ट में 90 पुलिस व नागरिक प्रशासन के अफसरों व कर्मचारियों के नाम सरकार को सौंपे हैं, जिन्होंने आंदोलन के दौरान हिंसा रोकने में जानबूझकर कोताही बरती। फिलहाल रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
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हरियाणा सरकार ने जाट आरक्षण आन्दोलन दौरान कई जिलों में हुई हिंसा, आगजनी व लूटपाट की घटनाओं को देखते हुए आंदोलन के दौरान पुलिस और नागरिक प्रशासन की निष्क्त्रिस्यता की जांच के लिए आईपीएस अधिकारी प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में 2 मार्च को कमेटी गठित की थी। इस कमेटी में महानिदेशक अपराध (वर्तमान में पुलिस महानिदेशक) केपी सिंह और उच्चतर शिक्षा व अभिलेखागार एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन को भी सहयोग देने के लिए शामिल किया गया था।
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कमेटी ने प्रदेश के सभी आठ प्रभावित जिलों- रोहतक, झज्जर, जींद, हिसार, कैथल, भिवानी, सोनीपत व पानीपत का दौरा कर अपराध स्थलों का निरीक्षण किया, पीड़ितों की बात सुनी और पुलिस व नागरिक प्रशासन के अफसरों से भी पूछताछ की। जांच के दौरान कमेटी ने विभिन्न क्षेत्रों से 2217 लोगों का पक्ष सुना। कमेटी ने सभी जिलों में प्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत की और उनका भी पक्ष सुना।  कमेटी की दो भागों में तैयार अपनी 450 पेज की रिपोर्ट में 200 पेज की मुख्य रिपोर्ट और 200 पेज अनुलग्नक (एनेक्सचर) हैं। दूसरे भाग में 40 पेज में हिंसा के बारे में खुफिया विभाग की भूमिका पर रिपोर्ट दी गई है।
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प्रकाश सिंह ने बताया कि कमेटी ने मुरथल मामले पर कोई जांच नहीं की है और आंदोलन की हिंसा में किसी षडयंत्र को भी जांच का हिस्सा नहीं बनाया गया। केवल अफसरों व कर्मचारियों की भूमिका की ही जांच की गई है। रिपोर्ट में ऐसे अफसरों की पहचान की गई है जिन्होंने ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरती, आंदोलनकारियों के प्रति सहानुभूति दिखाई और उन्हें मनमानी करने दी।

रिपोर्ट का अध्ययन कर कार्रवाई करेंगे : खट्टर

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पंचकूला में सीएम मनोहर लाल खट्टर की रैली - फोटो : amar ujala
शुक्रवार को प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि सरकार इस रिपोर्ट का अध्ययन करेगी और जल्द से जल्द इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कमेटी ने नागरिक व पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए कुछ सिफारिशें की हैं। इनकी जांच की जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।     

प्वाइंटर
71 दिन में प्रकाश सिंह कमेटी ?ने सौंपी जांच रिपोर्ट
450 पेज की रिपोर्ट में
90 अफसरों पर उठाई उंगली
8 जिलों में की गई जांच

जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी गई है। कमेटी ने सिर्फ आंदोलन में हिंसा रोकने को लेकर अफसरों की भूमिका की जांच की है। जिन अफसरों ने लापरवाही बरती उनके नाम और किस तरह ड्यूटी में कोताही की गई, का ब्योरा रिपोर्ट में दर्ज है। यह सरकार का अधिकार क्षेत्र है कि अफसरों के खिलाफ क्या कार्रवाई करनी है।
- प्रकाश सिंह, आईपीएस अधिकारी
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