'माफी का फैसला रद्द करें, राम रहीम को अकाल तख्त पर बुलाएं'
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गुरमीत राम रहीम को माफी दिए जाने का मामला अभी भी ठंडा नहीं हुआ। प्रबंधक समितियों ने आलोचना करते हुए एक मांग की है।
कंडी क्षेत्र की गुरुद्वारा प्रबंधक समितियों का कहना है कि राम रहीम को माफी का फ़ैसला गुरु मर्यादा से उलट एक राजनैतिक फ़ैसला है। संगतों ने मांग की कि इस फ़ैसले को रद्द किया जाए और डेरा प्रमुख को श्री अकाल तख़्त साहिब पर बुलाया जाए।
कंडी इलाके की गुरुद्वारा प्रबंधक समितियों के नुमाइंदों और गणमान्य लोगों की मीटिंग गुरुद्वारा साहिब पुरखाली में हुई। इस मौके पर गुरुद्वारा प्रबंधक समिति पुरखाली, खानपुर, रामगढ़ टप्परियां, बबानी, बड़ी और गुरुद्वारा समिति खेड़ी के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
माफी के लिए अकाल तख्त पर ही बुलाया जाता है
मीटिंग में पांच सिंह साहिबानों की तरफ से डेरा प्रमुख को दी गई माफी की आलोचना करते हुए वक्ताओं ने कहा कि डेरा प्रमुख को सिंह साहिबानों की तरफ से बड़ी गलती पर माफी मांगें बिना ही क्षमा कर दिया गया, जबकि दूसरे मामलों में हमेशा ही माफी के लिए श्री अकाल तख़्त साहिब पर बुलाया जाता है। इस फ़ैसले से समूची सिख संगत को भारी ठेस पहुंची है।
वक्ताओं ने संत समाज के अधिकारियों बाबा लखवीर सिंह रतवाड़ा साहिब वालों, बाबा हरी सिंह रंधावा वालों, बाबा सेवा सिंह रामपुर खेड़ा वालों और बाबा रणजीत सिंह ढडरियां वालों के स्टैंड की प्रशंसा की गई।
उधर, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी मल सिंह पर हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। गुरबचन सिंह ने कहा कि सिख कौम में ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं की जा सकती। इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है।