फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   dera is selling dairy cattle without any fix price in sirsa

डेरा में पसरा सन्नाटा, आधे पौने दामों में बेच रहा अपने दुधारू पशु

Sun, 03 Sep 2017 01:13 AM IST
चंडीगढ़, सिरसा
चंडीगढ़, सिरसा Updated Sun, 03 Sep 2017 01:13 AM IST
विज्ञापन
dera is selling dairy cattle without any fix price in sirsa
dera sachcha sauda

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद डेरा में सन्नाटा पसरा हुआ है। नौबत यहां तक आ चुकी है कि डेरा सच्चा सौदा में हजारों की संख्या में मौजूद दुधारू पशुओं को आधे दामों पर बेचा जा रहा है। सैकड़ों ग्रामीणों ने डेरा के दुधारू पशुआें को खरीद रहे हैं। 

विज्ञापन


पढे़ं: डेरा क्षेत्र में बिना ढील जारी रहेगा कर्फ्यू, सेना रहेगी 24 घंटे तैनात
विज्ञापन


 सवा लाख रुपये कीमत की भैंस 60 हजार में और अच्छी नस्ल वाली गायों को 20 से 25 हजार में ग्रामीणों को रास आ रही है। डेरा मुखी को सजा होने के बाद डेरा सच्चा सौदा में सैकड़ों की तादाद में ही सेवादार बचे हैं, ऐसे में हजारों की संख्या में डेरा के अंदर मौजूद दुधारू पशुओं की देखभाल अब संभव नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अच्छी नस्ल की कीमती हजारों गाय व भैसों के लिए पर्याप्त मात्रा में चारे की व्यवस्था नहीं हो रही और पशुओं को पानी पिलाने से लेकर गोबर उठाने वाला भी नहीं बचा। सभी लोग डेरा छोड़कर जा चुके हैं। ऐसे में डेरा सच्चा सौदा की ओर से दुधारू पशुओं को आधे पौने दामों में बेचा जा रहा है।

डेरा प्रेमियों की ओर से तो यह बात फैलाई जा रही है कि दुधारू पशुओं को नि:शुल्क ही ग्रामीणों को दिया जा रहा है। जो भी ग्रामीण गाय व भैंस ले जाना चाहता है वो ले जा सकता है, लेकिन डेरा से पशु लेकर आए कई ग्रामीणों ने बताया कि भैंस 60 हजार में खरीदी हैं और गाय 25 हजार में। अच्छी नस्ल की भैंस की बाजार में सवा लाख रुपये से कम नहीं।

 
डेरा में पशुओं की देखभाल अच्छी होती थी इसलिए पशु काफी मात्रा में दूध देते थे। डेरा में हर रोज हजारों लीटर दूध की खपत थी और इसलिए डेरा के अंदर हजारों की संख्या में दुधारू पशु पाले हुए थे। डेरा से पशु खरीदकर लौटे ग्रामीण काफी खुश दिखे।

पढे़ं: जेल में सजा काट रहा डेरा प्रमुख कहीं डुप्लीकेट तो नहीं, सोशल मीडिया पर ट्रोल

उनका कहना था कि इतने कम दाम में देश में कहीं भी अच्छी नस्ल की भैंस व गाय मिलना मुश्किल है। डेरा में कई सौ एकड़ जमीन में ऑर्गेनिक खेती होती थी, जिसमें गोबर की खाद का इस्तेमाल किया जाता था। खाद की सारी जरूरत डेरा के मवेशियों से ही पूरी करता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed