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Punjab: जेलों में तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने का प्लान तैयार, विभाग ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में किया पेश

Fri, 12 Jan 2024 11:38 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 12 Jan 2024 11:38 PM IST
सार

जेल विभाग ने हाईकोर्ट को बताया कि कैदियों के बीच रिसर्च, एनालिसिस एंड इंटेलिजेंस विंग स्थापित किया गया है। इसके जरिये कैदियों के बीच से सूचनाएं एकत्रित कर नशे के कारोबार और मोबाइल फोन के इस्तेमाल से गैर-कानूनी गतिविधियों को रोका जाएगा।

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Department prepared a master plan to break the smuggling network in jails
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जेलों से नशे की तस्करी व मोबाइल फोन का इस्तेमाल रोकने के लिए पंजाब सरकार ने मास्टर प्लान तैयार कर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में पेश किया है। योजना के अनुसार जेल के भीतर रिसर्च, एनालिसिस एंड इंटेलिजेंस (आरएआई) विंग के माध्यम से तस्करी व मोबाइल फोन से गैर-कानूनी गतिविधियों को अंजाम देने वालों को काबू किया जाएगा। इसके साथ ही सीआरपीएफ की एक अतिरिक्त कंपनी की मांग केंद्र को भेजी गई है ताकि जेल के बाहर से ऐसी कोई सामग्री भीतर न आ सके।

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नशा तस्करी से जुड़े एक मामले में पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को जानकारी देते हुए बताया है कि जेल में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को रोकने के लिए सभी जेलों में प्रवेश व निकास का एक ही द्वार है। सरकार की सख्ती के चलते 2013 में कैदियों से 129 प्रतिबंधित वस्तुएं रिकवर की गई हैं जिनमें 33 प्रतिशत मोबाइल फोन हैं। बैरक व अन्य स्थानों से मोबाइल फोन रिकवर करने के लिए नॉन लीनियर जंक्शन डिटेक्टर (एनएलजेडी) का इस्तेमाल किया जा रहा है जो काफी कारगर है।
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30 एनएलजेडी जेलों को उपलब्ध करवाने के लिए प्रस्ताव जेल विभाग द्वारा तैयार कर सरकार को भेजा गया है। जेल के बाहर से कोई वस्तु अंदर न फेंकी जा सके इसलिए 20 मीटर ऊंचाई के नायलॉन जाल दीवारों पर लगाने की योजना है।

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जेल में कैदियों के बीच रिसर्च, एनालिसिस एंड इंटेलिजेंस विंग स्थापित किया गया है जिसके जरिये कैदियों के बीच से सूचनाएं एकत्रित कर नशे के कारोबार व मोबाइल फोन के इस्तेमाल से गैर-कानूनी गतिविधियों को रोका जा सके।

जेल के बाहर से भीतर आपत्तिजनक वस्तुएं न आ सकें इसके लिए सीआरपीएफ की एक अतिरिक्त कंपनी केंद्र से मांगने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही जेल के स्टाफ द्वारा यदि मोबाइल फोन को जब्त करवाया जाता है तो उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए पारितोषिक देने का भी प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बाहरी दीवारों की निगरानी के लिए चार लोगों की क्षमता वाले 16 ई-व्हीकल व 57 ई-बाइक तैनात की जाएंगी।

जेल के भीतर नशे का नेटवर्क तोड़ने व जेल में रहकर वहां से प्रदेश में गैर-कानूनी गतिविधियों को अंजाम देने वालों पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार की एजेंसियां एनआईए व अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिल कर काम कर रही है। आपस के सामंजस्य को स्थापित रखने के लिए हर तीन माह में एक बैठक आयोजित की जाती है।

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