स्वच्छता सर्वेक्षण में छाया चंडीगढ़: दिल्ली की विशेष टीम ने लोगों से बढ़ाया संवाद...तब रैंकिंग ने भरी छलांग
पिछले साल चंडीगढ़ स्वच्छता रैंकिंग में बुरी तरह पिछड़ गया था। देशभर में 66वां स्थान आने पर अधिकारियों से लेकर पार्षद तक लोगों के निशाने पर थे। मंथन करने पर पता चला कि लोगों से संवाद की कमी के कारण उनका सहयोग नहीं मिला।
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स्वच्छता सर्वेक्षण में चंडीगढ़ को 66वें पायदान से 12वें स्थान तक लाने में दिल्ली से आई टीम का विशेष योगदान है। छह माह के लिए चंडीगढ़ आई पांच सदस्यों की इस टीम ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत काम का तरीका ही नहीं बदला बल्कि लोगों के साथ संवाद बढ़ाया और जागरूकता कार्यक्रमों को लोगों के बीच ले गए। आयुक्त आनिंदिता मित्रा को टीम का काम अच्छा लगा तो दो माह के लिए कार्यकाल बढ़ा दिया। इस टीम पर निगम ने प्रतिमाह 7 लाख रुपया खर्च किया।
पिछले साल चंडीगढ़ स्वच्छता रैंकिंग में बुरी तरह पिछड़ गया था। देशभर में 66वां स्थान आने पर अधिकारियों से लेकर पार्षद तक लोगों के निशाने पर थे। मंथन करने पर पता चला कि लोगों से संवाद की कमी के कारण उनका सहयोग नहीं मिला। यही कारण था कि चंडीगढ़ को सिटीजन वॉयस श्रेणी में 1800 में से 860.25 स्कोर ही मिला जबकि इस मामले में इंदौर और सूरत लोगों की सहभागिता काफी अधिक थी। इससे ये शहर आगे निकल गए। इसके लिए आयुक्त ने स्वच्छता अभियान में काम करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को चंडीगढ़ बुलाया। शहर को बेहतर बनाने के लिए उनका पहला काम यही था कि अभियान से शहर के लोगों को जोड़ा जाए।
स्वच्छता की पाठशाला से परिवार की पहली कड़ी को प्रशिक्षण
इस टीम के सहयोग से नगर निगम ने जगह-जगह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाए। नुक्कड़ नाटक के साथ मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ संवाद किया। इन सबके साथ निगम ने परिवार की सबसे पहली कड़ी बच्चों को जागरूक करने की योजना बनाई। स्कूलों में स्वच्छता के महत्व के साथ उन्हें संकल्प दिलवाया कि गंदगी करेंगे न करने देंगे।
इन कदमों से अब और बेहतर होगी रैंकिंग
- नवंबर-2022 तक कचरा निस्तारण प्लांट अपग्रेड हो जाएगा। इससे कचरा निस्तारण की क्षमता 400 मीट्रिक टन तक हो जाएगी
- अगली बार टीम आएगी तब तक डंपिंग ग्राउंड का एक पहाड़ खत्म हो जाएगा, दूसरे का काम चल रहा होगा
- बागवानी के कचरे को निस्तारण करने का प्लांट लग जाएगा
- कचरा निस्तारण प्लांट के ठीक होने से सूखा व गीला कचरा अलग-अलग होकर निस्तारित होना शुरू हो जाएगा
- सेनेटरी वेस्ट को निगम अपने स्तर पर जबकि इलेक्ट्रानिक वेस्ट को संस्थाओं की मदद से मानकों के अंतर्गत निस्तारित करवाना शुरू कर दिया है
- मंदिरों व धार्मिक स्थानों से निकलने वाले फूलों को रिसाइकिल कर धूप और दीये बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इससे महिलाओं को भी रोजगार मिला है
- शहर के सभी एसटीपी अपग्रेड हो जाएंगे, जिससे दूषित पानी को फिर से उपयोग में लाया जा सकेगा
- सोसायटी और होटल प्रबंधकों को जागरूक कर बल्क वेस्ट जनरेट करने वालों को मौके पर ही कचरे को निस्तारित करने का काम शुरू हो जाएगा
- ठोस कचरा प्रबंधन के लिए अब सख्ती बरती जाएगी