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डिफेंस फिजियोथेरेपिस्ट हरियाणा में भी करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन, खोल सकेंगे सेंटर या प्रशिक्षण संस्थान
Thu, 16 Jul 2020 10:50 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 16 Jul 2020 10:50 AM IST
सार
- हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर फिजियोथेरेपी के गठन के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने किया स्पष्ट
- फिजियोथेरेपी केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों पर रहेगी सरकार की निगरानी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
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विस्तार
डिफेंस फिजियोथेरेपिस्ट अब हरियाणा में भी अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे। अपना सेंटर या ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोल सकेंगे। पूर्व सैनिक फिजियोथेरेपिस्ट भी रजिस्ट्रेशन के लिए पूरी तरह से योग्य माने जाएंगे। इस बारे में ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट हरियाणा इकाई के प्रस्ताव पर प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिविल अथवा डिफेंस फिजियोथेरेपिस्ट में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने वाला मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान से पास आउट होना चाहिए। चाहे वह डिफेंस स्टडी से कोर्स करके आया हो या सिविल स्टडी से हो। आवेदक फिजियोथेरेपिस्ट यदि काउंसिल द्वारा तय मानकों पर खरा उतरता है तो उसे अवश्य रजिस्टर्ड किया जाएगा।
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बताते चलें कि केरल, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और दिल्ली के बाद हरियाणा सरकार ने भी विधानसभा में एक बिल लाकर हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर फिजियोथेरेपी का गठन कर दिया है। फिजियोथेरेपी सेंटर, फिजियोथेरेपी ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट व फिजियोथेरेपी एजुकेशन इंस्टीट्यूट के रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ मानक तय करने का अधिकार क्षेत्र इसी काउंसिल का रहेगा।
इस काउंसिल के गठन के बाद न केवल हरियाणा में फिजियोथेरेपी के नाम पर चल रही अप्रशिक्षित लोगों की दुकानों पर लगाम कसेगी, बल्कि सभी फिजियोथेरेपी केंद्रों व शैक्षणिक संस्थानों पर सरकार की निगरानी भी रहेगी।
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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिविल अथवा डिफेंस फिजियोथेरेपिस्ट में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने वाला मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान से पास आउट होना चाहिए। चाहे वह डिफेंस स्टडी से कोर्स करके आया हो या सिविल स्टडी से हो। आवेदक फिजियोथेरेपिस्ट यदि काउंसिल द्वारा तय मानकों पर खरा उतरता है तो उसे अवश्य रजिस्टर्ड किया जाएगा।
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इस काउंसिल के गठन के बाद न केवल हरियाणा में फिजियोथेरेपी के नाम पर चल रही अप्रशिक्षित लोगों की दुकानों पर लगाम कसेगी, बल्कि सभी फिजियोथेरेपी केंद्रों व शैक्षणिक संस्थानों पर सरकार की निगरानी भी रहेगी।
पूर्व सैनिकों ने काउंसिल में बतौर सदस्य मांगी भागीदारी
पूर्व सैनिकों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मांग करते हुए काउंसिल में बतौर सदस्य भागीदारी मांगी है। ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट हरियाणा इकाई (एक्स सर्विसमैन गुप) के सदस्य मिलन दास ने बताया कि एसोसिएशन की ओर से एक ज्ञापन स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा गया है। जिसमें मांग की गई है कि काउंसिल बॉडी में पूर्व सैनिकों को भी सदस्य के रूप में शामिल किया जाए।
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मिलन दास व अमरजीत ने बताया कि उनकी एसोसिएशन में 6 हजार से अधिक सदस्य हैं। जिसमें 90 फीसदी डिफेंस फिजियोथेरेपिस्ट हैं। उनके अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वस्त किया है कि प्रदेश में बात चाहे रजिस्ट्रेशन की हो या अन्य अधिकारों की सिविल और डिफेंस फिजियोथेरेपिस्ट में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। बशर्ते सभी फिजियोथेरेपिस्ट को काउंसिल के मानकों पर खरा उतरना होगा।
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