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Hindi News ›   Chandigarh ›   Declaration of running Tejas train from Chandigarh is not complete

रेल बजट : चंडीगढ़ में हर बार सिर्फ बजट में ही चलती है तेजस, वास्तव में नहीं चली 

Tue, 02 Feb 2021 03:21 PM IST
निवेदिता वर्मा दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर (पंजाब)
दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 02 Feb 2021 03:21 PM IST
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Declaration of running Tejas train from Chandigarh is not complete
तेजस ट्रेन - फोटो : फाइल फोटो

आम बजट-2021 में 110055 करोड़ रुपये का रेल बजट भी पेश किया गया। हर बार की तरह इस बार भी बजट सत्र के दौरान तेजस और सेमी हाई स्पीड जैसी ट्रेनों के संचालन की बात कही गईं लेकिन 2016 से चंडीगढ़ के लिए प्रस्तावित यह ट्रेन आज तक सिर्फ कागजों में चलती है। 

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यह कभी चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से दिल्ली के बीच रेल की पटरियों पर नहीं दौड़ पाई। सेमी हाई स्पीड और तेजस ट्रेन चलाना तो दूर, चंडीगढ़ से नई दिल्ली के बीच चलने वाली वीवीआईपी ट्रेन शताब्दी ट्रेन की स्पीड भी नहीं बढ़ पाई। 
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2018 में ही रेलवे को दे दिया था रैक
पंजाब में स्थित कपूरथला की रेल कोच फैक्टरी ने मई, 2018 में तेजस का रैक तैयार करके नॉर्दर्न रेलवे को सौंप दिया गया था। इसके बाद अगस्त, 2019 में अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस (12031/12032) में तेजस के रैक को जोड़कर दिल्ली से अमृतसर के बीच चलाया गया था। उसके बाद से यह ट्रेन ठंडे बस्ते में है।  
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यह हफ्ते में 6 दिन (बुधवार को छोड़कर) चलनी थी। दिल्ली से सुबह 9:40 बजे चलेगी और चंडीगढ़ दोपहर 12.40 बजे पहुंचेगी। ट्रेन चंडीगढ़ से दोपहर 2.35 बजे चलेगी और शाम को 5.30 बजे दिल्ली पहुंच जाएगी। इस ट्रेन में 18 कोच होंगे। इनमें 16 चेयरकार, दो कोच सेकंड स्लीपर के होंगे और दिल्ली पहुंच जाएगी। दिल्ली से चंडीगढ़ तेजस का ट्रेन नंबर 22425 था। 


क्यों नहीं चल पाई सेमी हाई स्पीड ट्रेन 
2015 में नार्दर्न रेलवे की ओर से चंडीगढ़ से सेमी बुलेट ट्रेन चलाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद रेलवे के टेक्निकल एक्सपर्ट्स और इंजीनियर्स ने चंडीगढ़ से नई दिल्ली के बीच रेलवे ट्रैक की जांच की थी। इसमें यह खुलासा हुआ था कि चंडीगढ़ से अंबाला के बीच करीब 22 कर्व हैं। जो तकनीकी लिहाज से सेमी बुलेट या बुलेट ट्रेन चलाने के लिए सहीं नहीं है। क्योंकि बुलेट ट्रेन की स्पीड 200 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से ऊपर होती है। ऐसे में चंडीगढ़ से अंबाला के बीच इन 22 खतरनाक मोड़ के कारण यह प्रपोजल ड्रॉप कर दिया गया था।  

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