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कैबिनेट का फैसलाः पर्वतारोही फतेहवीर सिंह और पूर्व मेजर सुमीर सिंह पंजाब पुलिस में बनेंगे डीएसपी

Fri, 10 Jan 2020 01:13 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 10 Jan 2020 01:13 AM IST
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Decisions of Punjab Cabinet, Punjab Cabinet meeting
पंजाब कैबिनेट - फोटो : अमर उजाला

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने गुरुवार को विशेष केस के तौर पर पर्वतारोही फतेह सिंह बराड़ और पूर्व मेजर सुमीर सिंह को पंजाब पुलिस में डीएसपी के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी।

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देश में सबसे कम उम्र के पर्वतारोहियों में से एक फतेह सिंह बराड़ 16 साल नौ महीने की उम्र में 21 मई, 2013 को विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़े थे जबकि मेजर सुमीर सिंह सरहद पार की कई गतिविधियों में शामिल रहे और नौ पीएआरए फोर्स द्वारा सरहद पार किए गए सर्जिकल ऑपरेशनों में आतंकवादियों का खात्मा करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई।
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मंत्रिमंडल ने महसूस किया कि बराड़ को डीएसपी की नियुक्ति, जहां राज्य में साहसिक खेलों को प्रोत्साहित करने में सहायक होगी। वहीं खेल से संबंधित क्षेत्र में शानदार उपलब्धियां हासिल करने वालों को और बेहतर मौके मुहैया करवाए जा सकेंगे। मेजर सुमीर सिंह के मामले में मंत्रिमंडल ने पंजाब पुलिस सेवा नियम -1959 में ढील देने का फैसला किया है ताकि उनकी डीएसपी के तौर पर सीधी भर्ती की जा सके। 
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भारतीय सेना में उनकी शानदार सेवाओं के सम्मुख पुलिस विभाग ने विशेष तौर पर आतंकवादियों द्वारा राज्य में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने की कोशिशों के मद्देनजर उसकी सेवाएं हासिल करने की इच्छा जाहिर की है। विभाग ने यह महसूस किया कि ऐसे व्यक्तियों को पुलिस में भर्ती करने की जरूरत है जिनको आतंकवाद से निपटने, खुफिया जानकारी एकत्रित करने, अपहरण संबंधी बचाव कार्यों संबंधी गहरी जानकारी और बढ़िया तजुर्बा हो। इसके अलावा ऐसे होनहार अफसरों की सेवाएं पंजाब पुलिस के विभिन्न रैंकों के मुलाजिमों को प्रशिक्षण मुहैया करवाने के मंतव्य के लिए भी जरूरी हैं जिससे उनको ऐसे ऑपरेशनों के लिए और अधिक कुशल बनाया जा सके।

कैबिनेट ने दी पंजाब जल संसाधन प्रबंधन अध्यादेश को मंजूरी

जल स्रोतों का प्रभावशाली ढंग से प्रबंधन और नियंत्रण करने के अलावा इसके सही, उपयुक्त और उचित प्रयोग को यकीनी बनाने के लिए पंजाब मंत्रिमंडल ने गुरुवार को पंजाब जल स्रोत (प्रबंधन और नियम) ऑर्डीनेंस- 2019 को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही राज्य में ‘द रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी’ स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया। 

इस ऑर्डिनेंस को कैबिनेट ने 4 दिसंबर, 2019 की मीटिंग में मंजूरी दी थी लेकिन गुरुवार को लिया फैसला, ‘पंजाब जल स्रोत (प्रबंधन और नियम) बिल, 2020’ के तौर पर इसे कानूनी रूप देने की तैयारी है। इस दौरान कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए भूमि और जल संरक्षण विभाग की प्रशासनिक रिपोर्ट को भी मंजूरी दे दी है।

इस बिल में पंजाब वॉटर रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिसमें सरकार द्वारा नियुक्त किया एक चेयरमैन और दो अन्य सदस्य शामिल होंगे। यह अथॉरिटी राज्य के जल स्रोतों के प्रबंधन और परिवर्तन के लिए निर्णायक, समान और उचित संचालन के लिए जिम्मेदार होगी और जल स्रोतों के लिए जरूरी सुधार और उपाय करने में समर्थ होगी। 

इस अथॉरिटी को जल स्रोतों के संरक्षण और प्रबंधन के मद्देनजर दिशा-निर्देश जारी करने के साथ-साथ घरेलू, व्यापारिक या औद्योगिक प्रयोग के लिए पेयजल की सप्लाई करने वाली संस्थाओं द्वारा वसूली जाने वाली दरों को निश्चित करने संबंधी टैरिफ ऑर्डर जारी करने का भी अधिकार होगा।

जल स्रोतों के लिए सलाहकार कमेटी गठन का भी प्रस्ताव

बिल में जल स्रोतों संबंधी सलाहकार कमेटी के गठन का प्रस्ताव भी दिया गया है, जिसे सरकार द्वारा नोटिफाई किया जाना है। इसमें अथॉरिटी को सलाह देने के लिए अलग-अलग सरकारी विभागों के माहिर और पूर्व अधिकारी शामिल होंगे। अथॉरिटी अपने आप माहिरों को भी शामिल कर सकती है।

इस अथॉरिटी के पास एक अलग फंड होगा और इसे कायम रखना जरूरी होगा, जिसे पंजाब वॉटर रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी फंड कहा जाएगा और जिसमें पंजाब सरकार द्वारा ग्रांट/कर्ज जमा किये जाएंगे। इस बिल में सरकार को अधिकार दिया गया है कि वह लोकहित से जुड़ी नीतियों के मामलों में अथॉरिटी को लिखित रूप में आम या खास दिशानिर्देश जारी कर सकती है और अथॉरिटी ऐसे निर्देशों की पालना करने और कार्यवाही करने को वचनबद्ध होगी।

डिप्लोमाधारकों को सीधी भर्ती में एक फीसदी कोटा
पंजाब कैबिनेट द्वारा स्वास्थ्य विभाग से संबंधित एक अन्य फैसले में दर्जा चार कर्मचारियों, जिन्होंने मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर में डिप्लोमा पूरा किया है, को मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर्स (पुरुष) की सीधी भर्ती में एक प्रतिशत तरक्की कोटा मुहैया करवाने के लिए पंजाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा नियम 2016 में संशोधन करने की भी मंजूरी दे दी है।

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