कैबिनेट का फैसलाः आशीर्वाद से ग्रुप-सी कर्मचारी नहीं बन सकेंगे एचसीएस, अब देनी पड़ेगी परीक्षा
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हरियाणा के सरकारी विभागों में कार्यरत ग्रुप सी कर्मचारी अब अपने राजनीतिक आकाओं का आशीर्वाद पाकर एचसीएस अधिकारी नहीं बन सकेंगे। प्रदेश सरकार अब ग्रुप-सी कर्मचारियों को एचसीएस मनोनीत नहीं करेगी। एचसीएस बनने का ख्वाब पाले कर्मचारियों को लिखित परीक्षा और इंटरव्यू से गुजरना होगा। सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में सरकार ने हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) नियम, 2008 में संशोधन कर दिया है।
इससे ग्रुप-सी कर्मचारियों की एचसीएस (कार्यकारी शाखा) भर्ती चयन प्रणाली पूरी तरह से पारदर्शी हो गई है। अब नेता और अफसर अपने चहेते कर्मचारियों को एचसीएस अधिकारी नहीं बना पाएंगे। नए नियमों को हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) संशोधन नियम, 2018 कहा जाएगा। उम्मीदवारों के चयन के लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग ग्रुप-सी सेवा के पात्र सदस्यों में से आवेदन मांगेगा।
जिन्हें निर्धारित फॉर्म-वन में विभागाध्यक्ष अपने प्रशासनिक सचिवों के माध्यम से आयोग को भेजेंगे। आवेदन के साथ हस्ताक्षरित वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर), ग्रेडिंग और सत्यनिष्ठा प्रमाण पत्र की समरी भी भेजनी होगी। कर्मचारी ने आठ साल की निरंतर सरकारी सेवा पूरी की हो, नाम प्रेषित करने की तारीख से तुरंत पहले नवंबर के पहले दिन 50 वर्ष की आयु प्राप्त न की हो, कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए व मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक हो।
ऐसे सभी उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति मिलेगी। लिखित परीक्षा पास करने वालों में से कोटे के खाली पदों के तीन गुणा कर्मचारियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। आयोग इसके बाद विभागाध्यक्षों से सभी बुलाए गए उम्मीदवारों का मूल रिकॉर्ड मांगेगा। मूल रिकॉर्ड की जांच के बाद पात्र उम्मीदवारों के साक्षात्कार लिए जाएंगे।
लोक सेवा आयोग व समिति सदस्य करेंगे उम्मीदवारों का चयन
उम्मीदवारों का अंतिम चयन लोक सेवा आयोग, राज्य सरकार की गठित समिति के सहयोग से करेगा। समिति सरकार की ओर से एक सचिव, कार्मिक विभाग और दूसरे मुख्य सचिव की ओर से मनोनीत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी होंगे। ये एसीआर, अनुभव और साक्षात्कार में प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करेंगे। अंतिम चयन में शामिल आयोग के सदस्यों और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों को यह प्रमाणित करना होगा कि चयनित उम्मीदवारों में से कोई उनका संबंधी नहीं है।