सरकार हुई सख्तः शिकायतें निपटाने की डेडलाइन की तय, अब लापरवाही पर नपेंगे अफसर
हरियाणा सरकार सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों को लेकर और गंभीर हो गई है। मुख्यमंत्री का विशेष सेल इन शिकायतों की लगातार निगरानी कर रहा है। सीएम हरियाणा के निर्देशानुसार अब 10 जनवरी तक सीएम विंडों की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए डेडलाइन तय कर दी गई है। सीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि सीएम विंडो की शिकायतें निपटाने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएम विंडो की व्यवस्था प्रदेश भर में इसलिए की गई थी, ताकि लोग अपनी शिकायतें इसके माध्यम से सीधे सीएम तक पहुंचा सके। सीएम विंडो से संबंधित शिकायतों को उनसे संबंधित विभागों के पास भेजा जाता है। ताकि इन समस्याओं का निपटान हो सके। मगर कई समस्याएं ऐसी है, जो आज भी पेंडिंग ही चल रही हैं।
इन समस्याओं के त्वरित निपटाने की डेडलाइन अब 10 जनवरी तय कर दी गई है। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। यदि कोई समस्या पेंडिंग रहती है, तो इस पर मजबूत तर्क देना होगा। बिना वजह यदि 10 तक शिकायतें पेंडिंग रही तो संबंधित अफसर पर कार्रवाई की जाएगी। इन शिकायतों की वर्तमान स्टेट्स से मुख्यमंत्री को अवगत करवाया जाएगा।
ट्वीट करने पर तुरंत निपटी छह माह से पेंडिंग शिकायत
विभागों में शिकायतों को किस कदर लटकाया जा रहा है, इसका उदाहरण इस मामले से देखा जा सकता है। साहिल नाम के एक शिकायतकर्ता की शिकायत छह माह से पेंडिंग थी। जिसके चलते इस शिकायतकर्ता ने सीएम को ट्वीट कर लिखा कि उनसे दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के पोर्टल पर शिकायत की थी।
मगर बिना शिकायत निस्तारण के चार बार उसकी शिकायत क्लोज कर दी गई। उसके बाद मैंने फिजिकली शिकायत भी दी। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। मुझे लग रहा है कि मीटर रीडर और जेई द्वारा मुझ पर रिश्वत देने का दबाव बनाया जा रहा है। इस ट्वीट के बाद सीएम के ग्रीवेंसिस सेल ने तुरंत इस शिकायत पर संज्ञान लिया और एक ही दिन में साहिल की समस्या का हल करवाया गया। जिस पर साहिल ने फिर से ट्वीट कर सीएम का धन्यवाद किया।