बिना ट्यूशन ऑटो रिक्शा चालक की बेटी ने किया कमाल, हासिल की ये बड़ी सफलता
एक कमरे का घर, दो भाई बहन, परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर। ऐसी परिस्थितियों से लड़कर ऑटो रिक्शा चालक की बेटी ने कमाल कर दिया। धनास के ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स में रहने वाले चंद्रभान की बेटी सरोज ने 12वीं कक्षा में आर्ट्स में 93.4 प्रतिशत अंक लाकर बता दिया कि बेटी होना गौरव की बात है। सरोज ने सफलता की सीढ़ी भी अपने दम पर हासिल की है।
उसने न ट्यूशन ली और न ही कोचिंग। फिर भी सबको पछाड़कर सफलता हासिल की। सरोज वकील बनकर समाज की सेवा करना चाहती है। सरोज सेक्टर-18 स्थित गवनर्मेंट गर्ल्स मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा हैं। स्कूल की प्रिंसिपल राज बाला ने बताया कि सरोज की आगे की पढ़ाई में स्कूल सहायता करेगा। कोचिंग और किताबों का खर्चा स्कूल के टीचर्स और वह खुद वहन करने को तैयार है।
सबके सोने के बाद की पढ़ाई
सरोज ने बताया कि एक ही कमरा होने की वजह से उसी में ही रहना, सोना, खाना बनाना और पढ़ाई करना पड़ता है। पढ़ाई के लिए शांत माहौल की जरूरत होती है। वह रात में सबके सोने का इंतजार करती थीं या फिर सुबह जल्दी उठकर पढ़ती थीं। सरोज ने 12वीं में किसी तरह की कोई कोचिंग नहीं ली, जितनी भी पढ़ाई की वह स्कूल या फिर घर में सेल्फ स्टडी से। उन्होंने बताया कि स्कूल में ही रिविजन किया। टीचर्स ने पूरी मदद की।
वकील बनकर करनी है समाज सेवा : सरोज
12वीं में 93.4 प्रतिशत अंक लाने वाली सरोज पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई करना चाहती हैं। उनका कहना है कि वह वकील बनकर समाज की सेवा करना चाहती हैं। उनका मानना है कि अशिक्षित परिवारों में अभी भी महिलाओं को पूरा सम्मान नहीं दिया जाता है।
समाज में महिलाओं को बराबरी का हक पाना है तो सभी को शिक्षित करना होगा। उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना होगा। प्रिंसिपल राज बाला ने बताया कि सरोज शुरू से ही होनहार छात्रा रही हैं। स्कूल सरोज की पढ़ाई में कमी नहीं आने देगा और आगे पढ़ाने में भी मदद करेगा।