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वॉयलिन पर 12 सुरों की भैरवी, दानिश अली ने लूटी वाहवाही
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 11 May 2016 08:28 PM IST
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वॉयलिन प्लेयर दानिश अली
- फोटो : अमर उजाला
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प्राचीन कला केंद्र में वॉयलिन पर 12 सुरों की भैरवी पेश करके दानिश अली ने दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। केंद्र की 222 वीं बैठक में दानिश अली ने वॉयलन की सुंदर प्रस्तुति दी। दिल्ली से आए युवा एवं प्रतिभावान कलाकार दानिश अली दिल्ली घराने से हैं। दानिश का परिवार भी संगीतमय है।
दानिश ने अपने चाचा अीलन खां से वायलन की शिक्षा ली। विदेश में भी प्रस्तुति देकर दानिश ने अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बुधवार को दी प्रस्तुति की शुरूआत दानिश ने राग श्री से की। जिसमें सबसे पहले ख्याल में विलंबित लय प्रस्तुत करके दर्शकों का मन मोहा। इसके बाद उन्होंने मध्य लय में छोटा ख्याल प्रस्तुत किया।
इसके बाद राग बिहाग पेश किया। कार्यक्रम का समापन राग भैरवी से किया। जिसमें इन्होंने अपने घराने की विशेष 12 सुरों की भैरवी प्रस्तुत करके खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम में तबले पर जुहैब अहमद खां ने साथ निभाया। इस अवसर पर प्राचीन कलाकेंद्र की रजिस्ट्रार गुरु शोभा कौसर ने कलाकारों को पुष्प देकर सम्मानित किया।
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दानिश ने अपने चाचा अीलन खां से वायलन की शिक्षा ली। विदेश में भी प्रस्तुति देकर दानिश ने अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बुधवार को दी प्रस्तुति की शुरूआत दानिश ने राग श्री से की। जिसमें सबसे पहले ख्याल में विलंबित लय प्रस्तुत करके दर्शकों का मन मोहा। इसके बाद उन्होंने मध्य लय में छोटा ख्याल प्रस्तुत किया।
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इसके बाद राग बिहाग पेश किया। कार्यक्रम का समापन राग भैरवी से किया। जिसमें इन्होंने अपने घराने की विशेष 12 सुरों की भैरवी प्रस्तुत करके खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम में तबले पर जुहैब अहमद खां ने साथ निभाया। इस अवसर पर प्राचीन कलाकेंद्र की रजिस्ट्रार गुरु शोभा कौसर ने कलाकारों को पुष्प देकर सम्मानित किया।
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