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Chandigarh News: बरसात में साइकिल ट्रैक खोद डाला, सड़क तक पहुंची मिट्टी
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चंडीगढ़। प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग के इलेक्ट्रिकल विंग ने बरसात के दौरान सेक्टर-18-17 की सड़क के साइकिल ट्रैक की लाइटें ठीक करने के लिए खुदाई करवा दी। खुदाई से निकली मिट्टी बारिश के पानी के साथ साइकिल ट्रैक से होते हुए सड़क तक पहुंच रही है। इससे साइकिल ट्रैक पर चलने वालों को सड़क का सहारा लेना पड़ रहा है। बारिश के दौरान इस सड़क पर पहले ही पानी जमा रहता है। ऐसे में सड़क पर फैली चिकनी मिट्टी से दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है।
आमतौर पर बरसात के मौसम में सड़कों की रीकार्पेटिंग की तरह निर्माण कार्यों के लिए खुदाई भी रोक दी जाती है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि साइकिल ट्रैक की लाइटों की खराब वायरिंग को ठीक करने का काम बारिश से पहले क्यों नहीं कराया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के बीच खुदाई से समस्या और बढ़ गई है।
कई ट्रैक की वायरिंग बदलने के लिए लाखों के टेंडर
जानकारी के अनुसार शहर के कई साइकिल ट्रैक की पुरानी अंडरग्राउंड बिजली वायरिंग बदलने का काम अलॉट किया गया है। इसके लिए लाखों रुपये के टेंडर लगाए गए हैं या काम अलॉट हो चुका है। सेक्टर-18-17 की इसी सड़क के साइकिल ट्रैक का टेंडर भी अलॉट है। शहरवासियों का सवाल है कि साइकिल ट्रैक की अंडरग्राउंड बिजली वायरिंग महज पांच साल में ही बदलने की जरूरत क्यों पड़ गई। उनका कहना है कि या तो पहले बिछाई गई वायरिंग की गुणवत्ता खराब रही होगी या फिर अंडरग्राउंड वायर चोरी हुई होगी। लोगों का कहना है कि अगर वायरिंग बदलना जरूरी भी है तो काम बरसात के बाद कराया जाना चाहिए।
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चीफ इंजीनियर बोले- खुदाई का काम बंद कराया
प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि साइकिल ट्रैक की लाइटें बंद थीं। उनकी वायरिंग बदलने के लिए कई जगह खुदाई कर नई बिजली की वायर बिछाने का काम चल रहा था। हालांकि, बरसात के मौसम को देखते हुए वायर के लिए की जा रही खुदाई का काम बंद करवा दिया गया है।
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आमतौर पर बरसात के मौसम में सड़कों की रीकार्पेटिंग की तरह निर्माण कार्यों के लिए खुदाई भी रोक दी जाती है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि साइकिल ट्रैक की लाइटों की खराब वायरिंग को ठीक करने का काम बारिश से पहले क्यों नहीं कराया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के बीच खुदाई से समस्या और बढ़ गई है।
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कई ट्रैक की वायरिंग बदलने के लिए लाखों के टेंडर
जानकारी के अनुसार शहर के कई साइकिल ट्रैक की पुरानी अंडरग्राउंड बिजली वायरिंग बदलने का काम अलॉट किया गया है। इसके लिए लाखों रुपये के टेंडर लगाए गए हैं या काम अलॉट हो चुका है। सेक्टर-18-17 की इसी सड़क के साइकिल ट्रैक का टेंडर भी अलॉट है। शहरवासियों का सवाल है कि साइकिल ट्रैक की अंडरग्राउंड बिजली वायरिंग महज पांच साल में ही बदलने की जरूरत क्यों पड़ गई। उनका कहना है कि या तो पहले बिछाई गई वायरिंग की गुणवत्ता खराब रही होगी या फिर अंडरग्राउंड वायर चोरी हुई होगी। लोगों का कहना है कि अगर वायरिंग बदलना जरूरी भी है तो काम बरसात के बाद कराया जाना चाहिए।
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चीफ इंजीनियर बोले- खुदाई का काम बंद कराया
प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि साइकिल ट्रैक की लाइटें बंद थीं। उनकी वायरिंग बदलने के लिए कई जगह खुदाई कर नई बिजली की वायर बिछाने का काम चल रहा था। हालांकि, बरसात के मौसम को देखते हुए वायर के लिए की जा रही खुदाई का काम बंद करवा दिया गया है।