5 पुलिसवालों ने किया महिला को प्रताड़ित, दे दी जान
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पंजाब पुलिस अपनी करतूतों से विभाग को शर्मसार करती रहती है। ताजा कड़ी में पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर महिला के खुदकुशी का मामला सामने आया है।
दरअसल जगह पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद के चलते पुलिस से धमकियां मिलने पर चंडीगढ़ रोड स्थित सेक्टर 32 की कांता रानी ने शनिवार सुबह आत्महत्या कर ली। थाना डिवीजन सात की पुलिस ने मृतक महिला के कब्जे से एक सुसाइड नोट बरामद किया।
जिसमें उसने थाना डिवीजन तीन के पूर्व एसएचओ इंस्पेक्टर राजिंदर कुमार, थाना डाबा में तैनात सब इंस्पेक्टर राजवंत पाल सिंह, जतिंदर मान, विमल मान, विशाल बतरा, अनिल किंग और कैलाश कपूर पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने जांच के बाद रविवार को सभी आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर लिया।
सभी आरोपी के खिलाफ केस दर्ज
थाना डिवीजन सात में तैनात जांच अधिकारी हरभजन सिंह ने कहा कि कांता रानी की डिवीजन तीन के पास एक दुकान थी। उन्होंने दुकान को ठेके पर दे रखा था। दुकान को किराए पर लेने वालों ने दुकान पर कब्जा कर लिया और उसे खाली नहीं किया।
कांता रानी ने इसकी शिकायत पुलिस के पास की, लेकिन उस समय थाने में तैनात एसएचओ राजिंदर कुमार ने भी किरायेदारों का का साथ देकर उसे धमकियां दी। कांता रानी कोर्ट चली गई। इसके बाद एसएचओ और एडिशनल एसएचओ राजवंत पाल सिंह ने लगातार उसे डराया-धमकाया।
शिकायतकर्ता विमल कुमार नारंग के मुताबिक उसकी मां और भाभी घर पर थे। इसी दौरान आरोपी इनोवा कार में आए और धमकियां देकर फरार हो गए। उसके बाद उसकी मां ने जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या कर ली। जांच अधिकारी हरभजन सिंह ने कहा कि पुलिस ने पहले एसएचओ और सब इंस्पेक्टर का नाम नामजद नहीं किया था। जांच के बाद आरोप सही पाए जाने पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।