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पैसे लेकर युवती ने कहा, मेरे से बलात्कार हुआ ही नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला
Updated Tue, 14 Jan 2014 01:23 AM IST
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युवती ने पहले दुराचार का केस दर्ज कराया, फिर आरोपियों से दो लाख 80 हजार रुपये लेकर कोर्ट में बयान से पलट गई।
सोमवार को सुनवाई के दौरान पीड़िता के बयान से पलटने के बाद मुख्य आरोपी और उसका साथ देने वाली दो महिलाएं बरी हो गईं, लेकिन पैसे लेकर बयान से पलटने की पुलिस को पहले ही शिकायत मिल गई थी।
पुलिस ने ट्रैप लगाकर कोर्ट से बाहर आते ही युवती व डील कराने में मीडिएटर बने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दो लाख 30 हजार रुपये नगद और 50 हजार का चेक भी बरामद कर लिया है।
तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट की विभिन्न धाराओं व आईपीसी की धाराओं के तहत सेक्टर-5 थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।
दुराचार के मामले में बयान से पलटने के लिए पैसे लेने के आरोप में गिरफ्तार होेने का यह पहला मामला है।
आरोपी के परिजनों ने दी थी शिकायत
डीसीपी अश्विन शेणवी को आरोपी के परिजनों ने ही शिकायत दी थी कि पीड़िता व उसके दो साथी गुजलार व अशोक इस केस में होस्टाइल कराने के लिए चार लाख रुपये मांग रहे हैं।
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गुलजार इस केस में गवाह भी है। इस शिकायत पर डीसीपी ने एसीपी धर्मबीर सिंह व डिस्ट्रिक इंस्पेक्टर ललित सिंह की अगुवाई में टीम बनाई और ट्रैप लगवाया।
हालांकि चार लाख की मांग के बाद सौदा दो लाख 80 हजार रुपये में तय हुआ था। आधे पैसे पहले दे दिए गए थे, जबकि आधे का भुगतान बयान देने के बाद करना तय हुआ था।
पीड़िता के साथ कोर्ट में गुलजार भी गया था। दोपहर बाद जैसे ही दोनों कोर्ट से बाहर पार्किंग में बकाया पैसे लेने आए, पहले से ही ट्रैप लगाए खड़ी पुलिस सतर्क हो गई।
जैसे ही पीड़िता ने आरोपी पक्ष से रंग लगे नोट लिए, घात लगाए बैठी पुलिस ने दबोच लिया। साथ ही गुलजार व अशोक को भी पकड़ लिया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस, पेशी आज
गिरफ्तारी के बाद पुलिस की टीम आरोपियों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।
जांच के बाद सेक्टर-5 थाने में आईपीसी की धारा 213 (कैपिटल अपराध में आरोपी को बचाने के लिए कोई उपहार या अन्य कुछ लेना), 214 (बहाली के लिए संपत्ति की पेशकश) व 384 (जबरन वसूली) व भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट की धारा 8, 9 व 10 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
इन आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
कालका थाने में दर्ज था केस
इसी साल जुलाई में कालका थाने में यह केस (दुराचार का) दर्ज हुआ था।
आरोप थे कि दो महिलाओं ने शिकायतकर्ता को साहिल नाम के युवक से मिलवाया, जिसने शादी करने का भरोसा दिलाकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन शादी नहीं की। कालका थाने में दर्ज मामले में साहिल और दोनों महिला को आरोपी बनाया गया था।
अब चूंकि पीड़िता ही सोमवार को होस्टाइल हो गई, लिहाजा तीनों को बरी कर दिया गया।
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सोमवार को सुनवाई के दौरान पीड़िता के बयान से पलटने के बाद मुख्य आरोपी और उसका साथ देने वाली दो महिलाएं बरी हो गईं, लेकिन पैसे लेकर बयान से पलटने की पुलिस को पहले ही शिकायत मिल गई थी।
पुलिस ने ट्रैप लगाकर कोर्ट से बाहर आते ही युवती व डील कराने में मीडिएटर बने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दो लाख 30 हजार रुपये नगद और 50 हजार का चेक भी बरामद कर लिया है।
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तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट की विभिन्न धाराओं व आईपीसी की धाराओं के तहत सेक्टर-5 थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।
दुराचार के मामले में बयान से पलटने के लिए पैसे लेने के आरोप में गिरफ्तार होेने का यह पहला मामला है।
आरोपी के परिजनों ने दी थी शिकायत
डीसीपी अश्विन शेणवी को आरोपी के परिजनों ने ही शिकायत दी थी कि पीड़िता व उसके दो साथी गुजलार व अशोक इस केस में होस्टाइल कराने के लिए चार लाख रुपये मांग रहे हैं।
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गुलजार इस केस में गवाह भी है। इस शिकायत पर डीसीपी ने एसीपी धर्मबीर सिंह व डिस्ट्रिक इंस्पेक्टर ललित सिंह की अगुवाई में टीम बनाई और ट्रैप लगवाया।
हालांकि चार लाख की मांग के बाद सौदा दो लाख 80 हजार रुपये में तय हुआ था। आधे पैसे पहले दे दिए गए थे, जबकि आधे का भुगतान बयान देने के बाद करना तय हुआ था।
पीड़िता के साथ कोर्ट में गुलजार भी गया था। दोपहर बाद जैसे ही दोनों कोर्ट से बाहर पार्किंग में बकाया पैसे लेने आए, पहले से ही ट्रैप लगाए खड़ी पुलिस सतर्क हो गई।
जैसे ही पीड़िता ने आरोपी पक्ष से रंग लगे नोट लिए, घात लगाए बैठी पुलिस ने दबोच लिया। साथ ही गुलजार व अशोक को भी पकड़ लिया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस, पेशी आज
गिरफ्तारी के बाद पुलिस की टीम आरोपियों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।
जांच के बाद सेक्टर-5 थाने में आईपीसी की धारा 213 (कैपिटल अपराध में आरोपी को बचाने के लिए कोई उपहार या अन्य कुछ लेना), 214 (बहाली के लिए संपत्ति की पेशकश) व 384 (जबरन वसूली) व भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट की धारा 8, 9 व 10 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
इन आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
कालका थाने में दर्ज था केस
इसी साल जुलाई में कालका थाने में यह केस (दुराचार का) दर्ज हुआ था।
आरोप थे कि दो महिलाओं ने शिकायतकर्ता को साहिल नाम के युवक से मिलवाया, जिसने शादी करने का भरोसा दिलाकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन शादी नहीं की। कालका थाने में दर्ज मामले में साहिल और दोनों महिला को आरोपी बनाया गया था।
अब चूंकि पीड़िता ही सोमवार को होस्टाइल हो गई, लिहाजा तीनों को बरी कर दिया गया।