अमर उजाला की खबर पर ASI और कांस्टेबल सस्पेंड
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हरियाणा विधि विभाग के अवर सचिव ईश्वर सिंह को अगवा करने से पहले सेक्टर-43 के बस स्टैंड से सेक्टर-21 के शरणजीत सिंह से गाड़ी लूटने की कोशिश की गई थी। इसकी जानकारी देने पर भी जांच में लापरवाही बरतने और इसकी जानकारी अफसरों को न देने पर दो पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया।
बुधवार को अमर उजाला ने अपनी खबर में इस बात को उजागर किया था कि अगर शरणजीत मामले के बाद पुलिस कर्मी मौके पर जाते तो ईश्वर सिंह से वारदात करने से पहले लुटेरे पकड़े जा सकते थे। इस खबर के बाद एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल के आदेश पर सेक्टर-43 बस स्टैंड चौकी पर तैनात एएसआई जंग बहादुर और कम्युनिकेशन विंग में तैनात कांस्टेबल हरजीत सिंह को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही विभागीय जांच के निर्देश जारी किए हैं।
न सीनियर को दी जानकारी, न भेजी पीसीआर
सेक्टर-21 के शरणजीत सिंह ने बदमाशों द्वारा उनकी कार लूटने की कोशिश करने की जानकारी पुलिस को दी थी। एएसआई जंग बहादुर ने मौके पर जाने की बजाए उनके घर पहुंचकर बयान दर्ज किए। यह बात ईश्वर सिंह के साथ वारदात होने से कुछ समय पहले की ही है।
कम्युनिकेशन विभाग में तैनात कांस्टेबल हरजीत सिंह ने लूट की कोशिश की सूचना पर त्वरित कार्रवाई नहीं की। सूचना मिलते ही उसे फौरन पीसीआर को इसकी सूचना देकर मौके पर भेजना चाहिए था। लेकिन, कांस्टेबल ने बजाय ऐसा करने के सीधा पुलिस चौकी को सूचना दी। साथ ही उसने दोबारा कॉल कर मामले में रिपोर्ट भी नहीं ली थी।
ईश्वर सिंह का मोबाइल फोन मिला
अवर सचिव ईश्वर सिंह का मोबाइल अपहरणकर्ता और लुटेरों ने कुराली के पास पराली गांव में फेंक दिया था। मंगलवार को उनका मोबाइल गांव के ही एक सफाई कर्मचारी को मिला था। मोबाइल ऑन होते ही पुलिस को भी लीड मिली और ऑपरेशन सेल की टीम तुरंत पारली गांव पहुंचकर सफाई कर्मचारी को ले आई। कई घंटों की पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि बस स्टैंड के पास लूट की कोशिश की सूचना मिलने के बाद लापरवाही करने वाले एएसआई और कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस टीमें ईश्वर सिंह का अपहरण और गाड़ी छीनने वालों को पकड़ने में लगी हुई हैं।
यह था मामला
हरियाणा विधि विभाग के अवर सचिव ईश्वर सिंह सोमवार सुबह बेटे को छोड़ने सेक्टर-43 आए थे। बेटे को छोड़कर वापस जाते समय मारुति कार सवार युवकों ने उन्हें रोककर रास्ता पूछा।
इतने में तीन बदमाश मारुति से बाहर आए और उनमें से एक ने उनकी डिजायर कार की चाबी छीनते हुए कहा कि आप पीछे एक्सीडेंट करके आए हैं।
इतने में बाकी दो बदमाशों ने ईश्वर सिंह को पिछली सीट पर धकेल दिया और उनकी पिटाई करने लगे। इसके बाद वह उन्हें कुराली में छोड़कर उनकी कार लेकर फरार हो गए थे।