जमानत मिलते ही 'पुराने घर' लौटा आतंकी तारा
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बुड़ैल जेल ब्रेक और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारोपी जगतार सिंह तारा जमानत मिलते ही 'पुराने घर' लौट गया। बुड़ैल जेल में सुरंग बनाकर फरार होने वाले आतंकी जगतार सिंह को दुबारा बुड़ैल जेल में भेजा गया है।
इस बाद तारा के सेल में सेल पक्का फर्स और लोहे का जाल बना है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे भी लगाया जाएगा। जगतार सिंह तारा को बुडै़ल जेल ब्रेक मामले में बंद अन्य आतंकियों से दूर वाले सेल में रखा जाएगा।
चंडीगढ़ जिला अदालत ने तारा को मंगलवार को एक लाख के बेल बांड पर जमानत दे दी। जबकि कोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस द्वारा बुड़ैल जेल ब्रेक मामले में पूछताछ के लिया चौदह दिन का रिमांड के डिमांड से इनकार कर दिया। पुलिस पक्ष की तरफ से कोई पुख्ता दलील नहीं पेश हो पाया। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी तारा को जमानत दे दी।
पुलिस पक्ष की तरफ से रिमांड की दलील में बोला गया कि आरोपी तारा 10 साल से कोर्ट में पेश नहीं हुआ। बुड़ैल जेल में बाहर से इनका कौन कौन सहायक था। इसके बाद भारत से निकलने के बाद आरोपी की क्या गतिविधियां थी। इसके बाद बचाव पक्ष की ओर से पेश हुए वकील अमर सिंह चहल ने दलील पेश की।
उन्होंने कहा कि जेल ब्रेक की धारा-224 के तहत दर्ज की गई है। इस धारा में रिमांड बनती ही नहीं है। दोनों पक्षों की पूरी दलील सुनने के बाद कोर्ट ने एक लाख रूपये के जमानत और दो गवाहों पर जमानत दे दी, जिसके बाद आरोपी तारा को बुडै़ल जेल भेज दिया गया।
थाईलैंड में इंटरपोल के हाथ में आया तारा
साल 2004 में बुडै़ल में सुरंग करके तीन अन्य साथियों के साथ फरार आरोपी 11 सालों बाद पांच जनवरी 2015 को थाईलैंड में इंटरपोल के हाथ में आया। जिसके बाद पंजाब इंटरपोल से मिलकर जगतार सिंह तारा को पंजाब लेकर आई। जिसके बाद मंगलवार को पटियाला पुलिस ने पूछताछ के बाद चंडीगढ़ कोर्ट में पेश किया।
यह है जेल ब्रेक मामला
1995 में आतंकी जगतार सिंह हवारा, जगतार सिंह तारा और परमजीत सिंह भ्यौरा ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की बम ब्लास्ट करके हत्या कर दी थी। इसके बाद तीनों को बुडै़ल जेल में बंद किया गया था। 2004 में आतंकी जगतार सिंह हवारा, परमजीत सिंह भ्यौरा, जगतार सिंह तारा और हत्या आरोपी देवी सुरंग 90फिट सुरंग खोदकर फरार होने में सफल हो गए थे।
इसकेबाद दिल्ली पुलिस ने जगतार सिंह हवारा और परमजीत सिंह भ्यौरा को दबोच लिया था। दोनों को पूर्व मुख्यमंत्री की हत्या मामले में उम्रकैद हो चुकी है। जबकि जगतार सिंह तारा और देवी नेपाल से होकर पाकिस्तान चले गए। इसकेबाद पाकिस्तान से तारा थाईलैंड में अपना गैंग चलाने लगा।